पंचकूला में कांग्रेस ने सुधा भारद्वाज को बनाया मेयर उम्मीदवार, रावल की उम्मीद टूटी, बदले सियासी समीकरण
पंचकूला नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस ने सुधा भारद्वाज को मेयर उम्मीदवार घोषित किया है। रावल की दावेदारी टूट गई, जबकि चंद्रमोहन और सैलजा का समर्थन निर्णायक साबित हुआ।
➤ पंचकूला में कांग्रेस ने सुधा भारद्वाज को मेयर उम्मीदवार बनाया
➤ रावल की दावेदारी टूटी, हुड्डा का समर्थन नहीं आया काम
➤ चंद्रमोहन और कुमारी सैलजा का समर्थन पड़ा भारी
पंचकूला। हरियाणा में निकाय चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पंचकूला नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस ने आखिरकार अपने मेयर उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगा दी है। पार्टी ने अनुभवी नेता सुधा भारद्वाज पर भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतार दिया है।
इस फैसले की घोषणा प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने की, जिसके बाद पंचकूला की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। कांग्रेस के अंदर मेयर उम्मीदवार को लेकर काफी समय से खींचतान चल रही थी, लेकिन अंततः पार्टी नेतृत्व ने सुधा भारद्वाज के नाम पर सहमति बना ली।
दरअसल, इस सीट पर नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र रावल भी मजबूत दावेदार माने जा रहे थे। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का समर्थन प्राप्त था, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत हो गई थी। लेकिन अंतिम समय में समीकरण बदल गए।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार पंचकूला विधायक चंद्रमोहन और सांसद कुमारी सैलजा ने सुधा भारद्वाज के पक्ष में मजबूती से समर्थन दिया। इसी समर्थन के चलते पार्टी हाईकमान ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगा दी।
गौरतलब है कि रविंद्र रावल पंजाबी समुदाय से आते हैं, जिनके करीब 50 हजार वोट माने जाते हैं, जबकि सुधा भारद्वाज के समुदाय के मतदाता अपेक्षाकृत कम हैं। इसके बावजूद संगठनात्मक अनुभव और मजबूत राजनीतिक समर्थन ने बाजी पलट दी।
अब कांग्रेस के इस फैसले के बाद पंचकूला में चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुट गए हैं और आने वाले दिनों में चुनावी प्रचार तेज होने के आसार हैं।
Akhil Mahajan