'पुलिस नहीं गुंडे हैं…' हिसार विवाद पर दुष्यंत चौटाला का बड़ा हमला, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

हिसार विवाद में दुष्यंत चौटाला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए गृह सचिव स्तर की जांच की मांग की है और कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है।

'पुलिस नहीं गुंडे हैं…' हिसार विवाद पर दुष्यंत चौटाला का बड़ा हमला, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

➤ हिसार विवाद में जांच के लिए गृह सचिव की अध्यक्षता में कमेटी की मांग
➤ पुलिस पर आरोपियों को बचाने और CCTV फुटेज मिटाने के गंभीर आरोप
➤ सोमवार तक कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट जाने का अल्टीमेटम


हरियाणा के पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला ने हिसार में हुए विवाद को लेकर सरकार और पुलिस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच गृह सचिव की अध्यक्षता में कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि पुलिस अपने ही कर्मचारियों को बचाने में लगी हुई है और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है।

दुष्यंत चौटाला ने साफ शब्दों में कहा कि यदि उनकी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की गई तो वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

मीडिया से बातचीत में दुष्यंत चौटाला ने दावा किया कि इंस्पेक्टर पवन सहित पांच पुलिसकर्मी उनके काफिले का पीछा कर रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ये पुलिसकर्मी ड्यूटी पर नहीं थे, तो फिर उन्होंने उनके काफिले को रोकने की कोशिश क्यों की।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित पुलिसकर्मी हथियारों के साथ मौजूद थे और घटना के बाद मौके से भाग गए। दुष्यंत के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम की कई CCTV फुटेज मौजूद हैं, लेकिन पुलिस उन्हें डिलीट करवाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि सभी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यदि सोमवार तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे संसदीय बैठक बुलाकर हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश है और इसमें शामिल लोगों को बेनकाब किया जाएगा।

इस दौरान जेजेपी के प्रदेशाध्यक्ष और अन्य नेताओं ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब वे खुद गिरफ्तारी देने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया, जिससे पुलिस की नीयत पर संदेह पैदा होता है। पूरे मामले को लेकर अब हरियाणा की राजनीति गरमा गई है और आने वाले दिनों में इस पर बड़ा सियासी टकराव देखने को मिल सकता है।

काफिले को क्यों रोका: दुष्यंत चौटाला

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हिसार पुलिस के मुताबिक वे पुलिस वाले ऑफ ड्यूटी थे और बिना हथियार एडीजीपी कार्यालय जा रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वे आफ ड्यूटी थे तो उन्होंने हमारे काफिले को गाड़ी अड़ाकर क्यों रुकवाया।

वीडियो फुटेज में दिख रहा है कि उनके पास हथियार हैं। अगर हमारी गलती थी तो वो पुलिस वाले अपने एक पुलिसकर्मी को वहां मौके पर छोड़कर भागे क्यों। अगर वे एडीजीपी कार्यालय जा रहे थे तो वे पांचों पुलिस वाले एके-47 जैसे हथियार के साथ सचिवालय कैसे पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमारे पास अलग-अलग जगहों की बहुत सारी फुटेज है। कल से पुलिस लगातार उस रास्ते पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज डिलीट करवा रही है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े किए सवाल

वहीं, दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि वे जीजेयू में पूरे प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे। इसलिए पुलिस को सबसे पहले उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए था, न कि प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी करनी थी। इसके बावजूद भी हम खुद अपनी गिरफ्तारी देने के लिए पुलिस के पास पहुंचते हैं और फिर भी हमें गिरफ्तार नहीं किया जाता। यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करते हैं।