JE और 2 लाइनमैन रिश्वत लेते गिरफ्तार, मीटर का लोड बढ़ाने के लिए मांगे थे 11 हजार रुपए

फरीदाबाद में एसीबी ने बिजली विभाग के एक JE और दो लाइनमैन को मीटर का लोड बढ़ाने के बदले रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपियों ने 11 हजार रुपए की मांग की थी।

JE और 2 लाइनमैन रिश्वत लेते गिरफ्तार, मीटर का लोड बढ़ाने के लिए मांगे थे 11 हजार रुपए
  • फरीदाबाद में JE और दो लाइनमैन रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
  • मीटर का लोड बढ़ाने के बदले मांगे थे 11 हजार रुपए
  • ACB ने 8 हजार रुपए कैश लेते हुए दबोचा

हरियाणा के फरीदाबाद में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) और दो लाइनमैन को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बिजली मीटर का लोड बढ़ाने के बदले उपभोक्ता से 11 हजार रुपए की मांग की गई थी।

जानकारी के अनुसार सेक्टर-15ए स्थित बिजली विभाग कार्यालय के कर्मचारियों ने क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान एक लाइब्रेरी में बिजली खपत के मुकाबले कम क्षमता का मीटर पाया। इसके बाद विभागीय कार्रवाई का हवाला देते हुए संबंधित उपभोक्ता दुष्यंत सैनी से संपर्क किया गया।

आरोप है कि मामले को निपटाने और बिजली मीटर का लोड बढ़ाने के बदले कर्मचारियों ने रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरोपियों की मांग के अनुसार पहले 3 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए थे। इसके बाद शेष 8 हजार रुपए नकद देने की बात तय हुई।

रिश्वत मांगने से परेशान होकर उपभोक्ता ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की योजना तैयार की।

तय कार्यक्रम के अनुसार जब शिकायतकर्ता सेक्टर-15ए स्थित कार्यालय में 8 हजार रुपए नकद देने पहुंचा तो एसीबी की टीम पहले से मौके पर मौजूद थी। जैसे ही आरोपियों ने नकदी ली, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए JE शोकीन खान और दो लाइनमैन अरुण तथा नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई के दौरान मामले में शामिल एक अन्य कर्मचारी मौके से फरार हो गया। एसीबी की टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी पहले भी इसी तरह उपभोक्ताओं से अवैध वसूली करते रहे हैं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई इस कार्रवाई को बिजली विभाग में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। एसीबी अब आरोपियों के वित्तीय लेन-देन और अन्य शिकायतों की भी जांच कर रही है।