माइनिंग कारोबारी पर हमले के मास्टरमाइंड और शूटर ने पुलिस कस्टडी से की भागने की कोशिश, पुलिस ने चलाई गोली तो टांग में लगी
कुरुक्षेत्र में माइनिंग कारोबारी सुनील भाटिया पर हमले के मुख्य आरोपी और शूटर ने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी।
- माइनिंग कारोबारी पर हमले के आरोपी पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश में घायल
- मुख्य साजिशकर्ता और शूटर ने पुलिस टीम पर की फायरिंग
- जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों की टांग में लगी गोली
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में माइनिंग कारोबारी सुनील भाटिया उर्फ बंटी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पुलिस हिरासत में चल रहे मामले के मुख्य आरोपी रोबिन उर्फ मोनू और मुख्य शूटर अमन ने हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों की टांग में गोली लग गई।
घटना पिपली बस स्टैंड के पीछे की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी के लिए मौके पर ले जाया गया था। इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर हमला कर फरार होने की कोशिश की।
CIA-1 के इंचार्ज प्रतीक कुमार ने बताया कि दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर थे। पूछताछ के दौरान उन्होंने खुलासा किया था कि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार पिपली बस स्टैंड के पीछे छिपाए गए हैं। इसी निशानदेही के आधार पर पुलिस टीम उन्हें मौके पर लेकर गई थी।
पुलिस के मुताबिक जैसे ही आरोपियों ने छिपाए गए हथियार निकाले, उन्होंने उसी वेपन से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग के बाद दोनों आरोपी भागने लगे। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन हालात को देखते हुए जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
जवाबी फायरिंग में रोबिन उर्फ मोनू निवासी शहजादपुर और अमन निवासी बड़ोत (करनाल) के पैरों में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को काबू कर लिया और उपचार के लिए एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि माइनिंग कारोबारी सुनील भाटिया पर हमला पुरानी कारोबारी रंजिश के चलते करवाया गया था। आरोप है कि रोबिन उर्फ मोनू ने अपने जीजा विजय, तुर्की में रह रहे अपने भाई साहिल और यूके में मौजूद एक दोस्त की मदद से हमले की साजिश रची थी।
जांच में यह भी सामने आया कि अमन वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य शूटर था। उसने अपने साथी राहुल के साथ मिलकर सुनील भाटिया पर गोलियां चलाई थीं। इस मामले में पुलिस अब तक रोबिन, अमन, राहुल और विजय को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के अनुसार रोबिन और सुनील भाटिया के बीच लंबे समय से कारोबारी विवाद चल रहा था। दोनों के बीच कई बार कहासुनी भी हुई थी। बताया जा रहा है कि सुनील की शिकायत पर माइनिंग विभाग ने रोबिन की एक गाड़ी जब्त कर ली थी, जिसके बाद दोनों के बीच दुश्मनी और बढ़ गई।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि वारदात से पहले सुनील भाटिया की रेकी करवाई गई थी। आरोपियों ने उसकी दिनचर्या, आवाजाही और गतिविधियों की पूरी जानकारी जुटाई थी। पुलिस को गुमराह करने के लिए रेकी और हमले के दौरान अलग-अलग मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया गया।
गौरतलब है कि 31 मई को दोनों शूटर शाहाबाद क्षेत्र में सुनील भाटिया का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने मिट्टी डलवाने के बहाने बातचीत शुरू की और पहचान सुनिश्चित करने के बाद कारोबारी पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमले में एक गोली सुनील की जांघ में लगी जबकि दूसरी गोली गर्दन में जा फंसी थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
Akhil Mahajan