हिसार मे नगर पालिका कर्मचारियों का बड़ा ऐलान, 1 मई से हड़ताल की चेतावनी, 3 घंटे का वर्क सस्पेंड

हिसार नगर निगम में कर्मचारियों ने 3 घंटे वर्क सस्पेंड कर प्रदर्शन किया। नियमितीकरण, मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर सरकार को चेतावनी दी गई।

हिसार मे नगर पालिका कर्मचारियों का बड़ा ऐलान, 1 मई से हड़ताल की चेतावनी, 3 घंटे का वर्क सस्पेंड

हिसार नगर निगम में 3 घंटे का वर्क सस्पेंड, कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन
10 साल से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने की मांग तेज
मुआवजा, नौकरी और शहीद का दर्जा देने की भी उठी आवाज


हरियाणा के हिसार नगर निगम में गुरुवार को नगरपालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर 3 घंटे का वर्क सस्पेंड किया। इस दौरान नगर निगम के अधिकांश कर्मचारी, खासकर सफाई कर्मचारी, काम छोड़कर प्रदर्शन में शामिल हुए। कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो आने वाले समय में आंदोलन और उग्र होगा।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार सरकार को ज्ञापन सौंपे, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण अब उन्होंने वर्क सस्पेंड जैसे कदम उठाए हैं। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यह केवल चेतावनी है और अगर समाधान नहीं हुआ तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में 10 साल से लगातार कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है। उनका कहना है कि इस संबंध में हाईकोर्ट का भी फैसला आ चुका है, लेकिन सरकार इसे लागू नहीं कर रही। इसके अलावा हाल ही में फरीदाबाद में आग की घटना में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों के लिए भी आवाज उठाई गई।

कर्मचारियों ने मांग की है कि जिन कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई, उन्हें उचित मुआवजा, परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी, और उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चाहे कर्मचारी नियमित हो या पेरोल पर, सभी इंसान हैं और उनके साथ समान व्यवहार होना चाहिए।

नगरपालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आंदोलन केवल हिसार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे हरियाणा में सफाई कर्मचारियों और नगर निगम स्टाफ ने इस 3 घंटे के वर्क सस्पेंड में हिस्सा लिया। इस दौरान शहर के कई हिस्सों में कामकाज प्रभावित रहा।

कर्मचारियों ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।