टी-कनेक्शन विवाद में पूर्व सरपंच सोमेश शर्मा को कोर्ट से जमानत

हांसी के चैनत टी-कनेक्शन विवाद में गिरफ्तार पूर्व सरपंच सोमेश शर्मा को कोर्ट ने 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। पुलिस की न्यायिक हिरासत की मांग भी खारिज कर दी गई।

टी-कनेक्शन विवाद में पूर्व सरपंच सोमेश शर्मा को कोर्ट से जमानत

टी-कनेक्शन विवाद में गिरफ्तार पूर्व सरपंच सोमेश शर्मा को कोर्ट से जमानत मिली

50 हजार रुपये के मुचलके पर मिली राहत, पुलिस की न्यायिक हिरासत की मांग खारिज

भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन लगाने के मामले में दर्ज है केस


हिसार के हांसी स्थित गांव चैनत में भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से टी-कनेक्शन लगाने के मामले में गिरफ्तार पूर्व सरपंच सोमेश शर्मा को बड़ी राहत मिली है। बुधवार को पुलिस ने उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया, जहां अदालत ने 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। कोर्ट ने पुलिस की न्यायिक हिरासत की मांग को भी खारिज कर दिया।

यह मामला गांव चैनत के ग्रामीणों की उस मांग से जुड़ा है, जिसमें वे भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से गांव को स्थायी टी-कनेक्शन देने की मांग कर रहे थे। इस मांग को लेकर ग्रामीण लगातार 55 दिनों तक धरने पर बैठे रहे।

20 जून को लगाया गया था टी-कनेक्शन

धरने के दौरान 20 जून को पूर्व सरपंच सोमेश शर्मा, हर्ष छिकारा और विकास सीसर की मध्यस्थता में पाइपलाइन पर टी-कनेक्शन लगाया गया था। हालांकि प्रशासन ने 22 जून को इस कनेक्शन को अवैध बताते हुए मौके पर ही हटा दिया।

इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी की शिकायत पर पुलिस ने सरकारी संपत्ति से छेड़छाड़ सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इस केस में पूर्व सरपंच सोमेश शर्मा समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया।

चार दिन का रिमांड मांगा, मिला सिर्फ एक दिन

सोमेश शर्मा को मंगलवार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था। पुलिस ने उनसे पूछताछ के लिए चार दिन के रिमांड की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने केवल एक दिन का रिमांड मंजूर किया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद बुधवार को उन्हें फिर अदालत में पेश किया गया।

सुनवाई के दौरान पुलिस ने न्यायिक हिरासत की मांग की, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया और आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

गिरफ्तारी को बताया था साजिश

गिरफ्तारी के बाद सोमेश शर्मा ने कहा था कि उन्होंने धरने पर बैठे अनशनकारी ग्रामीणों की जान बचाने के उद्देश्य से समझौते की पहल की थी। उनका कहना था कि यदि इसके लिए उन्हें कोई भी बलिदान देना पड़े तो वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज कार्रवाई को साजिश का हिस्सा बताया था।

वकील ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

पूर्व सरपंच के अधिवक्ता सुखवंत सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके मुवक्किल पर लगाई गई धाराएं जरूरत से ज्यादा और तथ्यों के विपरीत हैं। उन्होंने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की, जिसे सुनवाई के बाद मंजूर कर लिया गया।