असिस्टेंट प्रोफेसर से 1.96 लाख की ठगी: वर्क फ्रॉम होम के झांसे में फंसी, होटल रेटिंग टास्क बना जाल

हिसार में ओम यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर से वर्क फ्रॉम होम के नाम पर 1.96 लाख रुपए की ठगी। साइबर ठगों ने होटल रेटिंग टास्क और फर्जी निवेश का झांसा देकर बनाया शिकार।

असिस्टेंट प्रोफेसर से 1.96 लाख की ठगी: वर्क फ्रॉम होम के झांसे में फंसी, होटल रेटिंग टास्क बना जाल

इंस्टाग्राम पर वर्क फ्रॉम होम विज्ञापन से शुरू हुई ठगी
होटल 5-स्टार रेटिंग टास्क देकर बनाया भरोसा
1.96 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए

हरियाणा के हिसार में साइबर ठगों ने अब पढ़े-लिखे प्रोफेशनल्स को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ओम यूनिवर्सिटी में कार्यरत  एक असिस्टेंट प्रोफेसर ‘टास्क स्कैम’ का शिकार हो गईं। ठगों ने उन्हें घर बैठे कमाई का लालच देकर करीब 1.96 लाख रुपए ठग लिए।

पीड़िता दीपाक्षी शर्मा के अनुसार, 19 अप्रैल को वह इंस्टाग्राम चला रही थीं, तभी उन्हें वर्क फ्रॉम होम का एक आकर्षक विज्ञापन दिखा। विज्ञापन में आसान काम और मोटी कमाई का वादा किया गया था।


होटल रेटिंग से शुरू हुआ भरोसे का खेल

लिंक पर क्लिक करते ही ठगों ने व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया और खुद को NSE का HR बताया। शुरुआत में उन्हें गूगल मैप्स पर होटलों को 5-स्टार रेटिंग देने का टास्क दिया गया।

काम पूरा करने पर उनके खाते में 200 रुपए ट्रांसफर किए गए, जिससे उनका भरोसा मजबूत हो गया। इसके बाद उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां ‘सैलरी टास्क’ के नाम पर पैसा निवेश करने के लिए कहा गया।


फर्जी वेबसाइट पर दिखाया मुनाफा

ठगों ने एक फर्जी यूआरएल दिया, जिसमें दीपाक्षी को उनका ‘प्रॉफिट’ बढ़ता हुआ दिखाया गया। धीरे-धीरे उन्हें छोटे-छोटे अमाउंट जमा करने के लिए कहा गया—पहले 800, फिर 1000, फिर 10 हजार रुपए

इस तरह ठगों ने उनसे मिजोरम रूरल बैंक, IDFC और SBI के खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए।


डराकर ऐंठे और पैसे

जब पीड़िता ने अपना पैसा वापस मांगा, तो ठगों ने कहा कि उनका अकाउंट फ्रीज हो गया है। उसे खोलने के लिए 1 लाख रुपए और जमा करने होंगे, नहीं तो पूरा पैसा डूब जाएगा।

घबराहट में दीपाक्षी ने 25-25 हजार की चार किस्तों में 1 लाख रुपए और भेज दिए। इस तरह कुल 1 लाख 96 हजार रुपए ठग लिए गए।


पुलिस जांच में जुटी

मामले में पुलिस ने BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे टास्क स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं और लोग आसानी से इनके जाल में फंस रहे हैं।