AI और प्राकृतिक खेती से हरियाणा बनेगा कृषि का नया मॉडल: मुख्यमंत्री नायब सैनी

पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने AI आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, हर जिले में मॉडल क्लस्टर बनाने, देसी गाय पर सब्सिडी और किसानों के लिए नई योजनाओं की घोषणा की।

AI और प्राकृतिक खेती से हरियाणा बनेगा कृषि का नया मॉडल: मुख्यमंत्री नायब सैनी

मुख्यमंत्री बोले- AI और प्राकृतिक खेती का संगम हरियाणा को बनाएगा कृषि का नया मॉडल

2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ भूमि का कराया पंजीकरण, हर जिले में बनेगा मॉडल क्लस्टर

देसी गाय पर 30 हजार रुपये सब्सिडी, जैविक किसानों को 5 साल तक मिलेगी आर्थिक सहायता


पंचकूला में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा अब विजन-2035 और हरित क्रांति 2.0 के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती का एक तरीका नहीं, बल्कि किसान, प्रकृति और भविष्य को जोड़ने वाला विकास मॉडल है। यदि पारंपरिक खेती के ज्ञान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ा जाए तो हरियाणा देश के लिए कृषि का नया मॉडल बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग के जरिए किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

2 लाख किसानों ने कराया पंजीकरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना शुरू की थी। अब तक प्रदेश के करीब 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के लिए पंजीकृत कराया है। केवल 2025-26 के दौरान ही 20,727 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि किसानों को इस दिशा में जागरूक करने और प्रशिक्षित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

13 हजार से अधिक लोगों को मिला प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने बताया कि कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों पर अब तक 13,300 से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया है।

इसके अलावा 6,234 सरपंचों को भी प्रशिक्षित किया गया है, ताकि गांव-गांव प्राकृतिक खेती का संदेश पहुंचाया जा सके और अधिक किसान इस अभियान से जुड़ सकें।

देसी गाय पर बढ़ी सब्सिडी

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2025 से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले पात्र किसानों के लिए देसी गाय पर मिलने वाली सब्सिडी बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी गई है।

इसके साथ ही APEDA प्रमाणित प्राकृतिक एवं जैविक किसानों को पांच वर्षों तक प्रति एकड़ प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देने का भी निर्णय लिया गया है।

10 मंडियों में मिलेगा अलग बाजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की बेहतर बिक्री सुनिश्चित करने के लिए पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल की मंडियों में अलग से स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।

इससे किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा और जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा।

हर जिले में बनेगा मॉडल क्लस्टर

मुख्यमंत्री ने बताया कि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से कुरुक्षेत्र में 2,000 एकड़ क्षेत्र में स्मार्ट एग्रीकल्चर योजना शुरू की जा रही है।

इसके साथ ही प्रत्येक जिले में क्लस्टर आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल विकसित किया जाएगा। हर जिले में कम से कम एक मॉडल क्लस्टर बनाया जाएगा, जिसमें 100 या उससे अधिक किसान शामिल होंगे और 250 से 400 एकड़ क्षेत्र प्राकृतिक खेती के तहत विकसित किया जाएगा।

'हरियाणा प्रकृति' बनेगा नया ब्रांड

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 'हरियाणा प्रकृति' नाम से एक नया ब्रांड विकसित करेगी, जो वैश्विक स्तर पर प्रदेश की पहचान बनेगा।

उन्होंने कहा कि एग्री स्टार्टअप, फूड प्रोसेसिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, AI आधारित कृषि समाधान और जैविक उत्पादों का वैश्विक बाजार किसानों के लिए नए अवसर लेकर आएगा।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाने और मिट्टी की सेहत सुधारने का संकल्प लेने का आह्वान किया।