टी-कनेक्शन का मास्टरमाइंड? पूर्व सरपंच गिरफ्तार, अब खुलेंगी अनसुलझी परतें!
हिसार के चानौत टी-कनेक्शन मामले में पूर्व सरपंच सोमेश शर्मा को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। अब पुलिस पूरी योजना, मशीनों की व्यवस्था और अन्य लोगों की भूमिका की जांच करेगी।
➤ पूर्व सरपंच सोमेश शर्मा गिरफ्तार, पुलिस रिमांड में होगी गहन पूछताछ
➤ टी-कनेक्शन लगाने में इस्तेमाल जेसीबी, हाइड्रा और पूरी योजना की जांच शुरू
➤ 54 दिन के आंदोलन के पीछे किसने बनाई रणनीति, अब जुड़ेगी पूरी कड़ी
हिसार के हांसी स्थित चानौत गांव का चर्चित टी-कनेक्शन प्रकरण अब एक नए और अहम मोड़ पर पहुंच गया है। लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में पुलिस ने पूर्व सरपंच सोमेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को उन्हें रामायण टोल प्लाजा के पास से हिरासत में लिया गया और बुधवार को अदालत में पेश किया गया। न्यायालय ने उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब जांच सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस उस पूरी कहानी को जोड़ने में जुट गई है, जिसके कई हिस्से अब भी अधूरे हैं।
करीब 54 दिनों से गांव में पेयजल की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा था। आंदोलन के बीच 20 जून को भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन पर अचानक टी-कनेक्शन लगाया गया। इसके तुरंत बाद धरना स्थल से घोषणा हुई कि गांव की मांग पूरी हो गई है। अनशन समाप्त कराया गया और ग्रामीणों ने इसे अपनी जीत मानते हुए खुशी भी मनाई। लेकिन दो दिन बाद घटनाक्रम ने बिल्कुल अलग दिशा पकड़ ली।
सबसे बड़ा सवाल—पूरी योजना किसने बनाई?
अब पुलिस की जांच का सबसे अहम बिंदु यही है कि आखिर टी-कनेक्शन लगाने का फैसला कब और कैसे लिया गया। मौके पर पहुंची जेसीबी, हाइड्रा और अन्य संसाधनों की व्यवस्था किसने कराई। क्या यह सब पहले से तय था या मौके पर निर्णय लिया गया। पुलिस इन सभी पहलुओं की कड़ियां जोड़ रही है।
रिमांड के दौरान जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास करेंगे कि पूरी कार्रवाई में किन-किन लोगों की भूमिका रही। यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
दो दिन बाद क्यों बदल गई पूरी तस्वीर?
जिस टी-कनेक्शन को आंदोलन की सफलता बताया जा रहा था, उसे प्रशासन ने दो दिन बाद ही हटवा दिया। इसके बाद मामला केवल आंदोलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई।
जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता की शिकायत पर सदर थाना में पूर्व सरपंच सोमेश शर्मा, धरना समिति के पदाधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद से ही पुलिस लगातार इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही थी।
रिमांड में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?
पुलिस अब यह जानना चाहती है कि पाइपलाइन पर टी-कनेक्शन लगाने के लिए मशीनें कहां से आईं, उनका खर्च किसने उठाया और पूरी कार्रवाई का संचालन किसके निर्देश पर हुआ। इसके अलावा उस दिन मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका और घटनाक्रम की समयरेखा भी जांच का हिस्सा होगी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान हुई पूछताछ से मामले की कई महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आ सकती हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
डीएसपी ने क्या कहा
डीएसपी रविंद्र सांगवान ने बताया कि सदर थाना में दर्ज मामले में नामजद पूर्व सरपंच सोमेश शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उन्होंने बताया कि रिमांड के दौरान टी-कनेक्शन लगाने में इस्तेमाल किए गए संसाधनों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं पर गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कर रही है।
सुनें वकील ने क्या कहा
Akhil Mahajan