हरियाणा में मानसून की मस्ती: लेपर्ड ट्रेल पर झूमे युवा, बारिश से मौसम कूल -कूल
हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और पानीपत में मानसून सक्रिय होने से बारिश हुई। लेपर्ड ट्रेल पर युवाओं ने बारिश का आनंद लिया, जबकि कई जगह जलभराव और किसानों के लिए नई एडवाइजरी जारी की गई।
➤ तीन मुख्य बिंदु
➤ चार जिलों में बारिश से मानसून ने पकड़ी रफ्तार, लोगों को गर्मी से राहत मिली
➤ गुरुग्राम के लेपर्ड ट्रेल पर युवाओं ने बारिश का जमकर उठाया आनंद, पुलिस ने वर्क फ्रॉम होम की दी सलाह
➤ बारिश से कहीं राहत तो कहीं जलभराव और हादसे, किसानों के लिए भी जारी हुई नई एडवाइजरी
करीब चार दिनों की प्रतीक्षा के बाद मानसून ने आखिरकार हरियाणा में जोरदार दस्तक दे दी। बुधवार सुबह गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और पानीपत में रुक-रुककर हुई बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। लंबे समय से उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिली और कई जगह लोग बारिश का आनंद लेते नजर आए।
गुरुग्राम की अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित लेपर्ड ट्रेल पर बारिश का नजारा देखने लायक रहा। यहां युवक-युवतियां बारिश की फुहारों में झूमते दिखाई दिए। कुछ युवतियों ने सड़क पर ही डांस कर मानसून का स्वागत किया, जबकि कई युवाओं ने बाइक राइड और बारिश के बीच फोटो-वीडियो बनाकर इस पल को यादगार बनाया। सोशल मीडिया पर भी इनकी तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं।
बारिश के कारण सड़कों पर बढ़ते जलभराव और ट्रैफिक की आशंका को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने कॉर्पोरेट कंपनियों और निजी संस्थानों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की है। वहीं फरीदाबाद में जलभराव के चलते ओल्ड रेलवे अंडरपास को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून पूरे हरियाणा और पंजाब को कवर कर लेगा। मंगलवार को गुरुग्राम का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 10 डिग्री कम रहा। दूसरी ओर सिरसा 40.8 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला बना रहा।
मानसून की पहली अच्छी बारिश ने जहां लोगों को राहत दी, वहीं कई स्थानों पर परेशानी भी खड़ी कर दी। सोनीपत में जीटी रोड पर निर्माणाधीन फुटओवर ब्रिज के गहरे गड्ढे में पानी भरने से एक युवक की डूबकर मौत हो गई। बहादुरगढ़ में जलभराव के दौरान बिजली के खंभे में करंट आने से दो भैंसों की मौत हो गई। गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर सड़क धंसने से लगभग 10 किलोमीटर लंबा जाम लगा और एक स्कूल बस भी सर्विस लेन में फंस गई। रेवाड़ी और करनाल में भी जलभराव से आम जनजीवन प्रभावित रहा।
प्रदेश में 1 जून से 7 जुलाई के बीच औसतन 58.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से लगभग 26 प्रतिशत कम है। जुलाई के पहले सप्ताह में भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में बारिश का सिलसिला तेज होने से यह कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि अगले तीन से चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना को देखते हुए धान की रोपाई जारी रखें, लेकिन पौधों को अधिक गहराई में न लगाएं। कपास की फसल वाले किसान खेतों में जलभराव न होने दें और अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करें। वहीं बाजरा और ग्वार की बुवाई मौसम साफ होने तक टालने की सलाह दी गई है। फल और सब्जी उत्पादकों को भी अगले तीन दिनों तक सिंचाई और उर्वरकों के प्रयोग से बचने की सलाह दी गई है।
Akhil Mahajan