हिसार विवाद में नया मोड़: काफिला रोकने वाले इंस्पेक्टर पवन पर फिर उठे सवाल, 2023 कस्टडी डेथ केस फिर चर्चा में
हिसार काफिला विवाद के बाद इंस्पेक्टर पवन पर 2023 के कस्टडी डेथ केस को लेकर फिर सवाल उठे हैं, मृतक की पत्नी ने न्याय की मांग की है।
➤ दुष्यंत चौटाला के काफिले विवाद के बाद इंस्पेक्टर पवन पर पुराने आरोप फिर चर्चा में
➤ 2023 कस्टडी डेथ केस में मृतक की पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
➤ हाईकोर्ट में मामला लंबित, 22 अप्रैल को अगली सुनवाई
हिसार में पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला के काफिले को रोकने वाले इंस्पेक्टर पवन एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद साल 2023 का चर्चित पुलिस कस्टडी डेथ मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।
फतेहाबाद के गांव नाढोड़ी निवासी हरपाल सिंह बिश्नोई की पत्नी सुमन बिश्नोई ने एक भावुक वीडियो जारी कर न्याय की गुहार लगाई है। सुमन ने इंस्पेक्टर पवन पर सीधे तौर पर अपने पति की हत्या का आरोप लगाया और कहा कि उनके परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला है।
सुमन बिश्नोई ने वीडियो में कहा कि जो अधिकारी हाल ही में वायरल वीडियो में नजर आ रहा है, वही उनके पति की मौत के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके पति पर झूठा केस दर्ज किया और थर्ड डिग्री टॉर्चर देकर उनकी जान ले ली। उन्होंने यह भी कहा कि हत्या की धाराओं में केस दर्ज होने के बावजूद आरोपी अब भी वर्दी में घूम रहे हैं और उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
गौरतलब है कि 1 जुलाई 2023 को हरपाल सिंह को हिसार पुलिस की नारकोटिक्स सेल ने अफीम तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। परिजनों का आरोप था कि हिरासत के दौरान पुलिस ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। कोर्ट में पेशी के दौरान हरपाल ने अपनी पत्नी को बताया था कि पुलिसकर्मी उन्हें पानी में डुबोकर प्रताड़ित कर रहे हैं और पैसे की मांग कर रहे हैं।
बताया गया कि इस कथित प्रताड़ना के चलते हरपाल को ब्रेन हेमरेज हुआ और वे कोमा में चले गए। बाद में रोहतक PGI में इलाज के दौरान 31 अगस्त 2023 को उनकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद आठ गांवों के लोगों ने फतेहाबाद में धरना दिया था और परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया था। भारी दबाव के बाद पुलिस ने इंस्पेक्टर पवन और उसकी टीम के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया, लेकिन बाद में जांच के दौरान इस एफआईआर को रद्द करने की कोशिश की गई।
इस कार्रवाई के विरोध में सुमन बिश्नोई ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया, जहां पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट पर रोक लगा दी गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होनी है। वर्तमान काफिला विवाद और पुराने केस के फिर सामने आने से पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
सोशल मीडिया पर BJP Vs JJP, कांग्रेस भी कूदी…




Akhil Mahajan