₹590 करोड़ घोटाले में मैनेजर की पत्नी का नाम जुड़ा, जांच तेज सरकारी पैसा ज्वेलर्स और निजी खातों में ट्रांसफर, ACB सख्त

हरियाणा के ₹590 करोड़ फ्रॉड केस में मास्टरमाइंड रिभव ऋषि की पत्नी दिव्या अरोड़ा का नाम भी सामने आया है। सरकारी विभागों से ट्रांसफर ₹300 करोड़ की रकम कई ज्वेलर्स और निजी खातों में बांटी गई। ACB ने 4 गिरफ्तारियां की हैं।

₹590 करोड़ घोटाले में मैनेजर की पत्नी का नाम जुड़ा, जांच तेज  सरकारी पैसा ज्वेलर्स और निजी खातों में ट्रांसफर, ACB सख्त

₹590 करोड़ फ्रॉड में मास्टरमाइंड की पत्नी दिव्या अरोड़ा का नाम जुड़ा
सरकारी विभागों से ₹300 करोड़ फर्जी कंपनी खाते में ट्रांसफर
ACB ने 4 गिरफ्तारियां कीं, कई ज्वेलर्स और निजी खातों तक पहुंचा पैसा


हरियाणा के बहुचर्चित ₹590 करोड़ के सरकारी धन गबन मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। अब इस घोटाले के कथित मास्टरमाइंड रिभव ऋषि की पत्नी दिव्या अरोड़ा का नाम भी जांच के घेरे में आ गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में सामने आया है कि जिन सरकारी विभागों से करोड़ों की रकम फर्जी कंपनी मैसर्स स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट के खाते में ट्रांसफर हुई, उसमें से कुछ हिस्सा दिव्या अरोड़ा के खाते में भी भेजा गया।

सूत्रों के मुताबिक, इस आधार पर अब उन्हें भी आरोपी बनाने की तैयारी की जा रही है। जांच एजेंसी तथ्यों और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि करीब ₹300 करोड़ की रकम विभिन्न सरकारी विभागों से फर्जी कंपनी के खाते में ट्रांसफर की गई। इसके बाद यह पैसा कई हिस्सों में बांट दिया गया। रकम सावन ज्वैलर्स, मानिक ज्वैलर्स, रिभव ऋषि, दिव्या अरोड़ा, अभिषेक सिंघला, स्वाति सिंगला, कुछ सरकारी खातों और अन्य निजी व्यक्तियों के खातों में स्थानांतरित की गई।

एंटी करप्शन ब्यूरो ने इस मामले में अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें IDFC First Bank (रिपोर्ट में IDBC फर्स्ट बैंक लिखा गया) का ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि, रिलेशनशिप मैनेजर अभय, अभय की पत्नी स्वाति सिंगला और साला अभिषेक सिंगला शामिल हैं। रिभव ऋषि को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। बताया गया है कि उसने छह माह पहले बैंक की नौकरी छोड़ दी थी। फिलहाल चारों आरोपी 7 दिन के रिमांड पर हैं और उनसे लगातार पूछताछ जारी है।

पंचकूला ACB की गिरफ्त में फर्जी कंपनी की मालकिन स्वाति सिंगला- फाइल फोटो।

4 पॉइंट में समझिए जांच की दिशा

पहला, शुरुआती जांच में 5 विभागों के बैंक खातों को स्कैन किया गया है। इनमें हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद, हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड, खनन विभाग और नगर निगम पंचकूला शामिल हैं। इन खातों से करीब ₹300 करोड़ की रकम फर्जी कंपनी के खाते में ट्रांसफर हुई।

दूसरा, एसीबी की टीम संबंधित विभागों के कर्मचारियों से आमने-सामने पूछताछ कर रही है। पहले अलग-अलग बयान लिए जाते हैं, फिर आरोपियों के सामने बैठाकर क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाता है। एक ही कर्मचारी से दिन में कई बार पूछताछ की जा रही है ताकि बयान में आए बदलाव को परखा जा सके।

तीसरा, गिरफ्तार आरोपियों से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि कहां-कहां नामी और बेनामी संपत्तियां खरीदी गईं। एसीबी की टीम कुछ ठिकानों पर छापेमारी के दौरान आरोपियों को साथ लेकर भी गई।

चौथा, जांच को और मजबूत करने के लिए हिसार एसीबी एसपी मेधा भूषण को भी जांच टीम में शामिल किया गया है। एसपी गंगाराम पूनिया के नेतृत्व में डीएसपी शुक्रपाल और चार इंस्पेक्टरों की टीम काम कर रही है। पांच अलग-अलग टीमें छापेमारी और वित्तीय जांच में लगी हैं। आर्थिक अपराध जांच टीम का भी सहयोग लिया जा रहा है।

यह घोटाला हरियाणा के प्रशासनिक और बैंकिंग तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है तथा और नाम सामने आ सकते हैं।