रेणु भाटिया के समर्थन में उतरी भाजपा नेता, CM से बोलीं- इस्तीफा नामंजूर करें
हरियाणा महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद भाजपा नेता प्रेमलता यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनका इस्तीफा नामंजूर करने की मांग की है
- रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद भाजपा नेता प्रेमलता यादव उनके समर्थन में उतरीं
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर इस्तीफा नामंजूर करने की मांग की गई
- जनहित कार्यों, नेतृत्व और जनभावनाओं का हवाला देकर पद पर बनाए रखने की अपील
हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद प्रदेश में जारी चर्चाओं के बीच अब उनके समर्थन में भी आवाजें उठने लगी हैं। महेंद्रगढ़ जिले की अटेली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा नेता और जिला उपाध्यक्ष प्रेमलता यादव ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को संबोधित एक पत्र जारी कर रेणु भाटिया का इस्तीफा स्वीकार नहीं करने की मांग की है।
गौरतलब है कि हाल ही में कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में एक नाबालिग से जुड़े मामले की समीक्षा के दौरान नर्सिंग स्टाफ के साथ हुई तीखी बातचीत को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद नर्सिंग संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था और कार्रवाई की मांग उठाई थी। इसी घटनाक्रम के बीच रेणु भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया था।
अब भाजपा नेता प्रेमलता यादव द्वारा सार्वजनिक किए गए पत्र में मुख्यमंत्री से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया है। पत्र में कहा गया है कि रेणु भाटिया ने अपने कार्यकाल के दौरान समाज और जनहित के कार्यों में महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व, निष्ठा और कार्यशैली से आम जनता को सकारात्मक सहयोग मिला है।
प्रेमलता यादव ने पत्र में लिखा है कि रेणु भाटिया जैसे कर्मठ और संवेदनशील व्यक्तित्व की प्रशासनिक और सामाजिक कार्यों में निरंतर आवश्यकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जनभावनाओं तथा उनके द्वारा किए गए कार्यों को ध्यान में रखते हुए उनका इस्तीफा मंजूर न किया जाए और उन्हें अपने पद पर बने रहने का अवसर दिया जाए।
पत्र में यह भी कहा गया है कि रेणु भाटिया के कार्यकाल में महिला अधिकारों, सामाजिक न्याय और जनसुनवाई से जुड़े कई मुद्दों पर सक्रिय पहल देखने को मिली है। ऐसे में उनके अचानक पद छोड़ने से समाज के एक वर्ग में निराशा का माहौल है।
फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि रेणु भाटिया के इस्तीफे और उसके बाद उनके समर्थन में सामने आए इस पत्र ने प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को नया आयाम दे दिया है।
Akhil Mahajan