हिमाचल में अफसरों की फौज नहीं, योजनाएं जमीन पर उतारने वाले अधिकारी चाहिए : सुक्खू

मुख्यमंत्री सुक्खू ने हिमाचल में IAS-IFS पद घटाने और करीब 200 करोड़ रुपये बचाने की बात कही। प्रियंका गांधी का मंडी दौरा राजनीतिक नहीं होगा।

हिमाचल में अफसरों की फौज नहीं, योजनाएं जमीन पर उतारने वाले अधिकारी चाहिए : सुक्खू
  • हिमाचल में अफसरों की फौज नहीं, योजनाओं को जमीन पर उतारने वाले अधिकारी चाहिए : सुक्खू
  • IAS के स्वीकृत पद 153 से घटाकर 130 और IFS के 118 से 83 करने की तैयारी
  • प्रियंका गांधी का 18 अगस्त का मंडी दौरा राजनीतिक नहीं, स्कूली बच्चों से मिलने आएंगी

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को बड़े अफसरों की फौज की जरूरत नहीं है, बल्कि ऐसे अधिकारियों की जरूरत है जो सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के स्वीकृत पदों की संख्या 153 से घटाकर 130 करने जा रही है। इसी तरह भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों के 118 पदों को घटाकर 83 किया जाएगा। वहीं, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के 96 स्वीकृत पदों की संख्या में भी कमी की जा रही है।

100 से 110 IAS अधिकारियों से चल सकता है काम

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का काम 100 से 110 IAS अधिकारियों से भी चल सकता है। हालांकि, अधिकारियों के सुझाव को देखते हुए सरकार ने IAS अधिकारियों की संख्या 130 रखने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों की संख्या कम करने से प्रदेश सरकार के करीब 200 करोड़ रुपये की बचत होगी। ऐसे में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना जरूरी है। सरकार प्रशासनिक खर्च को नियंत्रित करने के साथ विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर ध्यान दे रही है।

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वालों को नहीं रोक रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहते हैं, सरकार उन्हें रोक नहीं रही है। ऐसे अधिकारियों की फाइलों को भी जल्द मंजूरी दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को भी मौजूदा परिस्थितियों की समझ है और वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आगे आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) में भी अधिकारियों की संख्या कम की जाएगी।

प्रियंका गांधी का मंडी दौरा राजनीतिक नहीं

18 अगस्त को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के मंडी दौरे को लेकर मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि उनका यह दौरा राजनीतिक नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के दौरान प्रियंका गांधी मंडी आई थीं और उन्होंने एक स्कूल के निर्माण का वादा किया था।

उन्होंने कहा कि उसी वादे को पूरा करने के लिए प्रियंका गांधी मंडी पहुंचेंगी और स्कूली बच्चों से मुलाकात करेंगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस दौरे के दौरान कोई राजनीतिक जनसभा आयोजित नहीं होगी।

सुक्खू ने बताया कि प्रियंका गांधी के सितंबर में सोलन में होने वाली राजनीतिक जनसभा में शामिल होने का कार्यक्रम है। यह दौरा राजनीतिक कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

कर्मचारियों के हितों का ध्यान रख रही सरकार : सुक्खू

विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रख रही है और उन्हें चरणबद्ध तरीके से विभिन्न लाभ दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पहले अपने कार्यकाल पर नजर डालनी चाहिए। सुक्खू ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार प्रदेश पर करोड़ों रुपये की देनदारियां छोड़कर गई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को जमीन पर उतारने की दिशा में काम कर रही है।