हिमाचल में SIR के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, सोलन में PM मोदी-CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका

हिमाचल में SIR के विरोध में कांग्रेस ने जिलों में प्रदर्शन किया। सोलन में PM मोदी और CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका, मतदाता सूची पर सवाल उठाए

हिमाचल में SIR के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, सोलन में PM मोदी-CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका

सोलन में कांग्रेस ने PM मोदी और CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
➤ SIR के विरोध में हिमाचल के जिलों में धरना-प्रदर्शन, चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
➤ कांग्रेस नेताओं ने CEC को हटाने और मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग उठाई

हिमाचल प्रदेश में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की गई और कई जगहों पर उनके पुतले जलाए गए।

सोलन में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और भाजपा के खिलाफ नारे लगाए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के नाम पर पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जा रहे हैं।

सोलन में प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि जब तक चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं होगा और ज्ञानेश कुमार को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक ऐसे प्रदर्शन जारी रहेंगे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इलेक्शन कमीशन ने भाजपा के साथ मिलकर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की है। पार्टी का दावा है कि इस प्रक्रिया के जरिए देश के 13 करोड़ पात्र मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर किया गया है।

हालांकि, इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को कहा था कि SIR से जुड़े उसके आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूर किए गए थे। आयोग ने यह भी कहा था कि 24 जून 2025 को जारी देशभर में SIR का आदेश सर्वसम्मति से मंजूर हुआ था और 27 मई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश में इसे बरकरार रखा गया था।

शिमला समेत कई जिलों में कांग्रेस का प्रदर्शन

शिमला में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए SIR की प्रक्रिया को लेकर विरोध जताया गया। शिमला जिला शहरी कांग्रेस अध्यक्ष इंद्रजीत ने कहा कि देश में करोड़ों लोगों को वोट डालने से रोका गया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए कहा कि लोगों के साथ विश्वासघात किया जा रहा है।

इंद्रजीत ने ज्ञानेश कुमार को सलाखों के पीछे डालने की मांग भी उठाई। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए।

हिमाचल कांग्रेस की ओर से प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी मुद्दे पर प्रदर्शन किए गए। उपलब्ध तस्वीरों में ऊना, मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करते नजर आए।

CEC को हटाने की मांग को लेकर देशभर में अभियान

कांग्रेस पहले से ही CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर देशभर में अभियान चला रही है। पार्टी का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जा रहे हैं।

कांग्रेस की मुख्य आपत्ति मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर है। पार्टी का कहना है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटना नहीं चाहिए और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए।

हिमाचल में भी कांग्रेस इसी मुद्दे को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही है। इससे पहले बीते शुक्रवार को शिमला के कसुम्प्टी स्थित इलेक्शन डिपार्टमेंट ऑफिस के बाहर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला भी जलाया गया था।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इलेक्शन डिपार्टमेंट ऑफिस के बोर्ड पर कालिख पोत दी थी और वहां 'चोर आयोग' लिख दिया था।

विनोद जिंटा बोले- तीन साल से गड़बड़ी का मुद्दा उठा रहे राहुल गांधी

हिमाचल कांग्रेस के संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने कहा कि राहुल गांधी पिछले तीन साल से चुनाव में गड़बड़ी का मुद्दा उठा रहे हैं। जिंटा ने दावा किया कि अब चुनाव आयोग में मतभेद सामने आने के बाद राहुल गांधी के आरोप सही निकले हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि SIR के खिलाफ लड़ाई को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे का सीधा संबंध नागरिकों के मतदान के अधिकार से है और इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता जरूरी है।

विनय कुमार ने इससे पहले भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने SIR के दौरान लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के मतदान के अधिकार से वंचित होने का आरोप लगाया था।

कांग्रेस का आरोप- SIR के नाम पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर उसकी मुख्य आपत्ति है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इसलिए इसमें किसी भी तरह का बदलाव स्पष्ट और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए।

वहीं, चुनाव आयोग ने अपने हालिया स्पष्टीकरण में कहा है कि देशभर में SIR से संबंधित प्रमुख फैसलों को तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मत मंजूरी मिली थी। आयोग ने यह भी बताया कि SIR के दौरान कुछ ऐसे मतदाताओं के लिए BLO को घर जाकर दस्तावेज लेने की व्यवस्था की गई है, जिन्हें नोटिस जारी किया गया है।

'वोट चोर, गद्दी छोड़' अभियान भी चला चुकी है कांग्रेस

कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पहले देशभर में 'वोट चोर, गद्दी छोड़' अभियान भी चला चुकी है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।

SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 26 सितंबर को हरियाणा कांग्रेस ने भी चंडीगढ़ में प्रदर्शन कर CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और चुनाव से जुड़े फैसलों तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की थी।

इसी बीच चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को अपने बयान में कहा था कि SIR से जुड़े सभी प्रमुख आदेशों को तीनों आयुक्तों की मंजूरी मिली थी। आयोग के मुताबिक, SIR के तहत अंतिम मतदाताओं की संख्या तीसरे चरण के बाकी 12 राज्यों में अंतिम प्रकाशन के बाद ही स्पष्ट होगी।

हिमाचल में कांग्रेस का आज का प्रदर्शन इसी व्यापक राजनीतिक विवाद का हिस्सा रहा। सोलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और CEC ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाने से प्रदर्शन ने ज्यादा राजनीतिक तूल पकड़ लिया। कांग्रेस ने साफ किया है कि वह SIR और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध जारी रखेगी।

हेडिंग: हिमाचल में SIR के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, सोलन में PM मोदी-CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका; चुनाव आयोग पर लगाए आरोप