Video: हुड्डा का हमला, बोले- लाठी-गोली से नहीं चलती सरकार; ‘एसपी ने खुद पत्थर मारे’ तो इससे गंभीर बात क्या होगी?

अंबाला लाठीचार्ज पर भूपेंद्र हुड्डा ने सरकार की निंदा करते हुए केस वापस लेने, दोषियों की गिरफ्तारी और संवाद से समाधान निकालने की मांग की।

Video:  हुड्डा का हमला, बोले- लाठी-गोली से नहीं चलती सरकार; ‘एसपी ने खुद पत्थर मारे’ तो इससे गंभीर बात क्या होगी?

अंबाला लाठीचार्ज पर हुड्डा ने सरकार को घेरा, सिख भाइयों पर कार्रवाई की निंदा
बोले- एसपी ने खुद पत्थर मारे, इससे ज्यादा गंभीर बात और क्या होगी
निर्दोषों के केस वापस लेने और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग


अंबाला में हुए लाठीचार्ज को लेकर हरियाणा की सियासत गरमा गई है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अंबाला में सिख भाइयों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। हुड्डा ने कहा कि जिस प्रकार से अंबाला में लाठीचार्ज किया गया, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि लाठी-गोली से सरकार नहीं चलती, सरकार संवाद और बातचीत से चलती है और बातचीत के जरिए ही समस्याओं का समाधान निकाला जाना चाहिए।

हुड्डा ने अंबाला की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जिन लोगों के खिलाफ केस बनाए गए हैं, उनके केस तुरंत वापस लिए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने कार्रवाई के लिए जिम्मेदार दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। उनका कहना था कि सरकार को निर्दोष लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय उन लोगों को पकड़ना चाहिए, जो वास्तव में दोषी हैं।

अंबाला की कार्रवाई को लेकर हुड्डा ने एक और गंभीर बात कही। उन्होंने कहा कि उन्हें आज ही ऐसी जानकारी मिली है कि एसपी की ओर से बयान आया था। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “खुद एसपी ने पत्थर मारे”। हुड्डा ने इस बात पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “इससे ज्यादा गंभीर बात और क्या होगी?” उन्होंने कहा कि इस प्रकार से व्यवस्था नहीं चल सकती और पूरे मामले का समाधान निकाला जाना चाहिए।

हुड्डा ने सवाल किया कि दोषियों को क्यों नहीं पकड़ते और निर्दोषों पर क्यों लाठी चलाते हैं? उनका साफ कहना था कि दोषियों को पकड़ा जाना चाहिए और निर्दोष लोगों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में हिसार में हुए मर्डर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हिसार में जो हत्या हुई और जिन लोगों ने मर्डर किया, उन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही और दूसरी तरफ अंबाला में लोगों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है।

हुड्डा ने अंबाला की घटना में पंजाब से आए लोगों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंजाब से आए लोगों ने जान से किया और गाड़ी में कई लोगों को रौंद दिया। उन्होंने ऐसे लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही उन्होंने झंडा और उनके साथियों को तुरंत छोड़ने की बात कही और सवाल उठाया कि उनके ऊपर कोई केस क्यों निकाला जाए।

हुड्डा के बयान में पुलिस की भूमिका सबसे गंभीर सवालों में से एक रही। उन्होंने एसपी से जुड़े बताए जा रहे पत्थरबाजी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि अगर पुलिस अधिकारी पर ही पत्थरबाजी में शामिल होने की बात कही जा रही है, तो इससे ज्यादा गंभीर बात क्या हो सकती है। हालांकि यह बात हुड्डा द्वारा बयान में कही गई बात के रूप में सामने आई है।

हुड्डा ने कहा कि इस तरह किसी विवाद का समाधान नहीं हो सकता। उनका कहना था कि सरकार को बातचीत करनी चाहिए और संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों की समस्याओं का हल लाठी और गोली से नहीं निकाला जा सकता।

उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि दोषियों को पकड़ो और निर्दोषों पर लाठी मत चलाओ। उनके मुताबिक अगर किसी मामले में वास्तविक दोषी मौजूद हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष लोगों पर लाठीचार्ज करना और केस दर्ज करना उचित नहीं है।

अंबाला लाठीचार्ज को लेकर हुड्डा के इस बयान ने सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। एक तरफ वह सिख भाइयों पर हुई कार्रवाई की निंदा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने पुलिस की भूमिका और एसपी से जुड़े पत्थरबाजी के कथित बयान पर भी सवाल खड़ा किया है।

हुड्डा ने सरकार से स्पष्ट तौर पर केस वापस लेने, दोषियों को गिरफ्तार करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग की है। साथ ही उन्होंने हिसार में हुई हत्या के मामले में अब तक गिरफ्तारी नहीं होने का मुद्दा भी उठाया।

अब अंबाला की घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर विवाद का समाधान किस तरह निकलेगा। क्या दर्ज किए गए केस वापस होंगे? क्या जिन लोगों को हुड्डा दोषी बता रहे हैं, उनकी गिरफ्तारी होगी? और एसपी द्वारा खुद पत्थर मारे जाने से जुड़ी हुड्डा की टिप्पणी पर सरकार और पुलिस की ओर से क्या जवाब सामने आएगा?

हुड्डा के बयान ने अंबाला की घटना को केवल लाठीचार्ज तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पुलिस की भूमिका, दोषियों की गिरफ्तारी और सरकार के संवाद के तरीके पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।