हरियाणा में पालिका कर्मचारियों की हड़ताल 18 अगस्त तक बढ़ी, दो घंटे बंद रहेंगे निकाय कार्यालय
हरियाणा में पालिका कर्मचारियों की हड़ताल 18 अगस्त तक बढ़ी, दो घंटे तालाबंदी होगी। 13 मई के समझौते की मांगें लागू न होने पर आंदोलन तेज होगा।
➤ पालिका कर्मचारियों की हड़ताल 18 अगस्त तक जारी रहेगी
➤ दो घंटे तालाबंदी कर मनाया जाएगा विश्वासघात दिवस
➤ समझौते की मांगें लागू न हुईं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
चंडीगढ़। हरियाणा में सफाई, सीवर, नगरपालिका और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों का आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा है। सरकार के साथ हुए समझौते की मांगों को लागू न किए जाने से नाराज कर्मचारी संगठनों ने अपनी हड़ताल को अब 18 अगस्त तक बढ़ाने का फैसला किया है। इस दौरान प्रदेशभर के नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगम कार्यालयों में दो घंटे की तालाबंदी कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा। कर्मचारी संगठनों ने 18 अगस्त को ‘विश्वासघात दिवस’ के रूप में मनाने का ऐलान किया है।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन की ओर से आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि 13 मई को सरकार के साथ 17 मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन करीब तीन महीने बीत जाने के बावजूद उन मांगों को लागू करने के लिए आवश्यक आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इसी को लेकर कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, महासचिव मांगे राम तिगरा तथा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार पर समझौते को लागू करने में देरी का आरोप लगाया। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगों के क्रियान्वयन के संबंध में पत्र जारी नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
18 अगस्त को दो घंटे की तालाबंदी
कर्मचारी संगठनों के मुताबिक, 18 अगस्त को प्रदेशभर के सभी नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगम कार्यालयों में दो घंटे तालाबंदी की जाएगी। इस दौरान कर्मचारी विरोध प्रदर्शन करेंगे और प्रशासन का पुतला फूंककर सरकार के प्रति अपना रोष जताएंगे।
आंदोलन के अगले चरण में नगरपालिकाओं और नगर परिषदों के चेयरमैन एवं सदस्यों तथा नगर निगमों के महापौर और सदन के सदस्यों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। कर्मचारी संगठन उनसे अपनी मांगों के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजने की मांग करेंगे।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य सरकार को 13 मई को हुए समझौते की याद दिलाना और उन मांगों को लागू करवाना है, जिन पर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच सहमति बनी थी।
क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारी संगठनों की ओर से उठाई जा रही मांगों में पालिका रोल पर लगे अनुबंध एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को पक्का करना, ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेना, न्यूनतम वेतन देना, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करना और सफाई तथा सीवर कर्मचारियों की पक्की भर्ती करना प्रमुख रूप से शामिल है।
इसके अलावा अग्निशमन विभाग के अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कर्मचारियों ने शहीद कर्मचारी भविष्य चंद्र और रणवीर के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही वर्दी भत्ता और जोखिम भत्ता देने की मांग भी शामिल है।
17 अगस्त से सांसदों और विधायकों को ज्ञापन
कर्मचारी संगठन आंदोलन को अब राजनीतिक स्तर पर भी आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं। इसके तहत 17 अगस्त से सांसदों और विधायकों को मांग पत्र और ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
संगठन ने 20 से 25 अगस्त तक प्रदेश के सभी 90 विधायकों के आवासों और कार्यालयों पर प्रदर्शन करने का भी निर्णय लिया है। कर्मचारियों से विधानसभा के 27 अगस्त से शुरू होने वाले सत्र में उनकी मांगों को उठाने की अपील की जाएगी।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि विधानसभा सत्र के दौरान उनकी मांगों पर चर्चा होती है और सरकार ठोस कदम उठाती है तो आगे की रणनीति पर विचार किया जा सकता है। वहीं, मांगें लागू नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी गई है।
छह अगस्त से जारी है हड़ताल
हरियाणा में कर्मचारियों की यह हड़ताल छह अगस्त से जारी है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने भी हड़ताल का समर्थन किया है।
सुभाष लांबा ने सरकार को चेतावनी दी कि कर्मचारियों के आंदोलन को हल्के में लेने की भूल नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 13 मई के समझौते को लागू नहीं किए जाने के कारण कर्मचारियों को दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समझौते को जल्द लागू नहीं किया तो उसे बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ सकता है। लांबा के अनुसार, छह अगस्त से चल रही हड़ताल के कारण प्रदेश के शहरों और कस्बों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है।
सरकार के सामने बढ़ रही चुनौती
पालिका कर्मचारियों की हड़ताल के आगे बढ़ने के साथ सरकार के सामने निकाय सेवाओं को सामान्य बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ती जा रही है। सफाई, सीवर और अग्निशमन जैसी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल होने से स्थानीय स्तर पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
कर्मचारी संगठनों ने साफ कर दिया है कि उनका आंदोलन केवल एक दिन के विरोध तक सीमित नहीं रहेगा। पहले हड़ताल को 18 अगस्त तक बढ़ाया गया है, इसके बाद दो घंटे की तालाबंदी, सांसदों-विधायकों को ज्ञापन और 20 से 25 अगस्त तक प्रदर्शन की रणनीति तय की गई है।
अब निगाह इस बात पर है कि 13 मई के समझौते की मांगों को लागू करने को लेकर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या नहीं। फिलहाल कर्मचारी संगठन मांगों के क्रियान्वयन के आदेश जारी होने तक आंदोलन जारी रखने के अपने फैसले पर कायम हैं।
Akhil Mahajan