हरियाणा में NIA की कार्रवाई तेज: छात्र नेता से माओवादी कनेक्शन, चिंताजनक
रोहतक में NIA ने प्रियांशु कश्यप मामले में छात्र एकता मंच के पूर्व सदस्य नरेश के ठिकानों पर तलाशी ली। मोबाइल व दस्तावेज जब्त कर माओवादी नेटवर्क की जांच तेज की।
• रोहतक के लाखनमाजरा में प्रियांशु कश्यप मामले को लेकर NIA की कार्रवाई तेज
• छात्र एकता मंच के पूर्व सदस्य नरेश के ठिकानों पर तलाशी, मोबाइल व दस्तावेज जब्त
• माओवादी नेटवर्क के उत्तरी क्षेत्र में फैलाव की कोशिश पर NIA की गहन जांच
रोहतक के ब्लॉक लाखनमाजरा में NIA ने कुछ दिन पहले रविंद्र के मकान पर दबिश देकर पूछताछ की थी, जहां छत्तीसगढ़ निवासी प्रियांशु कश्यप रुका हुआ था। इसी कड़ी में अब जांच एजेंसी की टीम ने छात्र एकता मंच के पूर्व सदस्य नरेश के ठिकानों पर पहुंचकर पूछताछ की है। नरेश, प्रियांशु कश्यप के संपर्क में रहा है और इसी कारण एजेंसी उसकी भूमिका को गंभीरता से जांच रही है।
STF ने प्रियांशु कश्यप को कुछ समय पहले माओवादी कनेक्शन के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह दिल्ली में पढ़ाई कर रहा था, लेकिन उसके नक्सली गतिविधियों में सक्रिय होने की जानकारी मिलते ही एनआईए ने उसे जुलाई में रोहतक से पकड़ा था। लाखनमाजरा में उसका किराए पर रहना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके चलते एजेंसी बार-बार यहां पहुंचकर जानकारी जुटा रही है।
एनआईए ने बताया कि यह पूरा मामला सीपीआई (माओवादी) संगठन द्वारा उत्तरी क्षेत्र ब्यूरो (NRB) में अपना प्रभाव बढ़ाने की साजिश से जुड़ा हुआ है। नरेश के घर पर की गई तलाशी में टीम ने दो मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।
जांच में पता चला है कि नरेश छात्र एकता मंच का पूर्व सदस्य है और प्रियांशु का करीबी सहयोगी भी रहा है। प्रियांशु अक्सर उसके घर आता-जाता था और यहां संगठन के भूमिगत कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें भी होती थीं। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल रहा है।
NIA के अनुसार माओवादी संगठन उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश में सक्रिय है। इसी विस्तार को रोकने के लिए लगातार तलाशी और पूछताछ की जा रही है।
गिरफ्तारी के दौरान एनआईए ने प्रियांशु कश्यप के पास से एक मोबाइल फोन, एक टैबलेट, दो मेमोरी कार्ड, एक सिम कार्ड और नक्सल गतिविधियों से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए थे। इन सभी की तकनीकी जांच जारी है ताकि संगठन के नेटवर्क की आगे की कड़ियां खुल सकें।
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