“मैं अपने बयान पर अडिग हूं”, महिला आयोग अध्यक्ष

कुरुक्षेत्र नाबालिग दुष्कर्म मामले में महिला आयोग अध्यक्ष रेनू भाटिया ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

“मैं अपने बयान पर अडिग हूं”, महिला आयोग अध्यक्ष
  • कुरुक्षेत्र नाबालिग दुष्कर्म मामले में महिला आयोग अध्यक्ष रेनू भाटिया का बड़ा बयान
  • डॉक्टर और कुछ नर्सिंग स्टाफ की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल
  • अस्पताल प्रबंधन से जवाब तलब, मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज

हरियाणा के चर्चित कुरुक्षेत्र नाबालिग दुष्कर्म मामले में नया मोड़ आ गया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने मामले में अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टर और कुछ नर्सिंग स्टाफ की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनके बयान के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

रेनू भाटिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और उन्हें लगता है कि मामले में कुछ स्तर पर गंभीर लापरवाही हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित डॉक्टर ने गलत किया और कुछ नर्सिंग स्टाफ ने भी समय रहते उचित कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि आयोग का उद्देश्य किसी को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि पीड़िता को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की बात कही है।

यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। मामले को लेकर प्रदेशभर में आक्रोश देखने को मिला था। इसके बाद महिला आयोग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन ने भी अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू की थी।

रेनू भाटिया के हालिया बयान ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि अस्पतालों में संवेदनशील मामलों से निपटने के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन कितना प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

मामले की जांच अभी जारी है और संबंधित एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। ऐसे में सभी पक्षों की जिम्मेदारी और भूमिका को जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही अंतिम रूप से तय किया जाएगा।

उधर, हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया के ‘आपकी बेटी को किसी के साथ कमरे में छोड़ दूं’ वाले बयान पर विवाद अभी शांत होता नहीं दिख रहा। इसके विरोध में प्रदेशभर के नर्सिंग ऑफिसर्स बुधवार को भी स्ट्राइक पर रहेंगे। हरियाणा नर्सिंग एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष विनीता ने बताया कि मंगलवार शाम को इस मुद्दे पर बैठक हुई। जिसमें तय हुआ कि बुधवार को फिर से 10 से 12 बजे तक स्ट्राइक रहेगी। यदि तब भी महिला आयोग की चेयरपर्सन ने माफी नहीं मांगी या इस्तीफा नहीं दिया तो वीरवार को पूरे दिन की स्ट्राइक होगी। मंगलवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ ने कामकाज छोड़कर धरना दिया। नर्सिंग फेडरेशन ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र भेजकर चेयरपर्सन को पद से हटाने की मांग की है। हालांकि, भाटिया पहले ही कह चुकी हैं कि मैं माफी नहीं मांगूंगी। मंगलवार को चेयरपर्सन के भाजपा नेताओं से मुलाकात और सीएम से मिलने का समय मांगने की चर्चा रही।

उधर, नारनौल में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा- वे स्टाफ नर्स यूनियन से इस मामले को लेकर बात करेंगी। इस मामले में वहां (कुरुक्षेत्र) के CMO को बर्खास्त कर चुके हैं। वह घटना बहुत ही शर्मनाक थी। हालांकि, CMO डॉ. सुखबीर सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी सिर्फ रेप केस के आरोपी डॉ. शैलेंद्र कुमार शैली की सेवाएं समाप्त की गई हैं। वह LNJP अस्पताल में फिजिशियन कंसल्टेंट था। शैली कैथल में CMO रहा चुका है। रिटायरमेंट के बाद वह LNJP अस्पताल में आया था।