हरियाणा में मानसून की चाल होगी सुस्त, 4-5 दिन बारिश के आसार कम; 6 जिलों में आज बूंदाबांदी
हरियाणा में मानसून अगले 4-5 दिन कमजोर रहेगा। 6 जिलों में आज बारिश के आसार हैं। किसानों को सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव रोकने की सलाह दी गई है।
➤ अगले 4 से 5 दिन हरियाणा में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान
➤ गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत 6 जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश संभव
➤ किसानों को 3-4 दिन सिंचाई और रासायनिक कीटनाशक छिड़काव रोकने की सलाह
हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय रहा मानसून अब धीमा पड़ने के संकेत दे रहा है। दक्षिणी-पूर्वी हिस्सों में हुई तेज बारिश और कई जगह बने जलभराव के बाद अगले 4 से 5 दिनों के दौरान राज्य में मानसूनी गतिविधियों में कमी रहने का अनुमान है। चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, इस अवधि में प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून टर्फ की अक्षय रेखा की उत्तरी सीमा इस समय जम्मू, देहरादून, शाहजहांपुर, वाराणसी और दीघा से होकर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। उत्तरी हरियाणा के ऊपर एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बना हुआ है, लेकिन मानसून ट्रफ के अब हिमालय की तलहटियों की ओर खिसकने की संभावना बन रही है। इसके असर से हरियाणा में मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ने के आसार हैं।
पिछले दिनों दक्षिणी-पूर्वी हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और यमुनानगर में हुई बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। गुरुग्राम में लगातार रुक-रुककर हुई बारिश ने कई स्थानों पर परेशानी बढ़ाई। दिल्ली-जयपुर हाईवे के किनारे इफको चौक की सर्विस लेन धंसने के बाद पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद किया।
सोमवार को स्कूल बसों के कई घंटे तक जलभराव में फंसे रहने के वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद प्रशासन ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। स्कूल बसों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने रियल-टाइम रूट अपडेट देने की तैयारी की है। स्कूल रूटों पर जल निकासी को प्राथमिकता दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर हरियाणा रोडवेज की अतिरिक्त बसें भी तैयार रखी जाएंगी।
आज इन 6 जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार आज उत्तरी हरियाणा के यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के अलावा एनसीआर और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों के गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश या छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है।
दूसरी ओर पश्चिमी और मध्य हरियाणा के हिसार, सिरसा, फतेहाबाद और भिवानी में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और परिवर्तनशील रहने की संभावना है। यानी प्रदेश के सभी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां एक जैसी नहीं रहेंगी।
सोनीपत से रेवाड़ी और नूंह तक बारिश का असर
मंगलवार को सोनीपत और गुरुग्राम में बारिश हुई, जबकि रेवाड़ी में बूंदाबांदी दर्ज की गई। सोनीपत के सांदल खुर्द गांव में बारिश के बाद करीब डेढ़ से दो फीट तक पानी जमा हो गया। वहीं रेवाड़ी में सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद उमस बढ़ गई।
नूंह के गोशाला रोड पर भी बारिश के बाद जलभराव देखने को मिला। इस दौरान बाइक सवार को पानी से होकर गुजरना पड़ा। हिसार में मंगलवार दोपहर अचानक मौसम बदला और आसमान में बादल छा गए।
किसानों के लिए मौसम विभाग की खास सलाह
मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने के अनुमान के बीच मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। किसानों को अगले 3-4 दिनों के दौरान फसलों में सिंचाई नहीं करने और किसी भी तरह के रासायनिक कीटनाशक का छिड़काव रोकने की सलाह दी गई है।
मौसम में नमी और उमस अधिक रहने की वजह से फसलों में कीट एवं रोग का प्रकोप बढ़ने की आशंका बताई गई है। खासतौर पर कपास में सफेद मक्खी/चेपा और धान में जड़ सुंडी की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में किसानों को खेतों का नियमित निरीक्षण करते रहने की सलाह दी गई है।
उमस भरे मौसम का असर पशुओं और पोल्ट्री पर भी पड़ सकता है। इसलिए पशुओं के स्थान और पोल्ट्री शेड में हवा के वेंटिलेशन की व्यवस्था सही रखने को कहा गया है, ताकि उन्हें घुटन की परेशानी से बचाया जा सके।
Akhil Mahajan