चीनी के दाम बढ़ने पर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा का बड़ा बयान, बोले- सरकार के पास स्टॉक, कीमतें नहीं बढ़ने देंगे
चीनी के बढ़ते दामों पर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार के पास स्टॉक है और कीमतें नहीं बढ़ने दी जाएंगी। राम रहीम की पैरोल पर भी बोले।
➤ चीनी के दाम बढ़े तो सरकार स्टॉक से मांग पूरी कर कीमतों पर रखेगी नजर
➤ राम रहीम की पैरोल पर बोले- यह कोर्ट का मामला, सरकार से इसका लेना-देना नहीं
➤ करनाल में कई मुद्दों पर बोले राणा, कर्मचारियों से लेकर चावल और विपक्षी गुटबाजी पर भी रखी बात
करनाल। चीनी के बढ़ते दामों को लेकर हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बड़ा बयान दिया है। करनाल में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे मंत्री से जब चीनी के रेट बढ़ने और इसमें गन्ने की भूमिका को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि चीनी के दाम कई बार बाजार की स्थिति और उपलब्ध स्टॉक पर निर्भर करते हैं। सरकार के पास चीनी का स्टॉक मौजूद है और जरूरत पड़ने पर उसे बाजार में लाकर मांग को पूरा किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि सरकार चीनी के दाम बढ़ने नहीं देगी।
मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण बना रहे। चीनी की उपलब्धता और बाजार की मांग को देखते हुए सरकार अपने स्तर पर जरूरी कदम उठाएगी।
राम रहीम की 17वीं पैरोल पर बोले कृषि मंत्री- कोर्ट का मामला है
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पांच साल में 17वीं बार पैरोल मिलने को लेकर भी कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा से सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि किसी आम आदमी को इतनी बार पैरोल नहीं मिलती, फिर राम रहीम पर इतनी कृपा क्यों की जा रही है।
इस पर मंत्री ने कहा कि यह कोर्ट का मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैरोल को लेकर आवेदन किए जाने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ती है और यह सरकार के स्तर का मामला नहीं है। बातचीत के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को अदालत से जुड़ा विषय बताते हुए सरकार की भूमिका से अलग रखा।
करनाल के 12 सवालों में 7 मेडिकल कॉलेज से जुड़े, 5 लंबित
करनाल जिले से जुड़े सवालों पर भी कृषि मंत्री ने जानकारी दी। बातचीत में सामने आया कि करनाल जिले के 12 क्वेश्चन आए थे, जिनमें से 7 मेडिकल कॉलेज से संबंधित हैं, जबकि 5 पेंडिंग हैं। मंत्री ने कहा कि अगली बार इन्हें लेकर भी काम करने और सभी जरूरी विषयों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों और संबंधित जिम्मेदार लोगों के साथ मिलकर लंबित मामलों को निपटाने की दिशा में काम करने की बात कही।
शिवराज चौहान और प्रताप सिंह से भी हुई बातचीत
मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि शिवराज सिंह चौहान से उनकी बातचीत हुई थी। उन्होंने लंबित मामलों में मदद करने और उन्हें आगे बढ़ाने की बात रखी है। वहीं प्रताप सिंह से भी उनकी बातचीत हुई है।
बातचीत में लंबे समय से लंबित मामलों का मुद्दा भी उठा। मंत्री ने कहा कि कई विषयों पर लगातार बातचीत और समाधान की जरूरत है।
सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर बोले- जिम्मेदारी निभानी चाहिए
सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे पर भी कृषि मंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी बात रख सकते हैं और अधिकारियों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी और कर्मचारी जिस जिम्मेदारी पर हैं, उन्हें उसका निर्वहन करना चाहिए।
मंत्री ने यह भी कहा कि हितधारकों की बात सुनी जानी चाहिए और उनकी भावनाओं को समझते हुए उचित तरीके से काम किया जाना चाहिए।
सज्जन सिंह और दीपेंद्र हुड्डा को लेकर भी सवाल
बातचीत के दौरान सज्जन सिंह को लेकर दिए गए बयान और कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी पर भी मंत्री से सवाल किया गया। सज्जन सिंह को लेकर चर्चा और उनके संबंध में दिए गए बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि मामले में कोर्ट का फैसला था और जो सजा हुई थी, उसमें भी अदालत के फैसले के अनुसार कार्रवाई हुई।
इसके बाद कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा के उस बयान पर भी सवाल किया गया, जिसमें उन्होंने दीपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC से बाहर निकालने की बात कही है। इस पर मंत्री ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है और इसे कांग्रेस वाले ही देखेंगे।
विपक्षी दल में चल रही गुटबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने इसे कांग्रेस के भीतर का विषय बताया।
पुराने चावल और खरीद को लेकर भी हुई चर्चा
बातचीत के दौरान चावल की खरीद और उसकी गुणवत्ता से जुड़े मुद्दे पर भी सवाल किया गया। मंत्री ने कहा कि सरकार के एजेंडे के अनुसार जो काम होना था, उसे आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि चावल की गुणवत्ता को लेकर किसी भी तरह की बात कहने से पहले उसकी टेस्टिंग होती है और टेस्टिंग के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
पुराने चावल और पीडीएस से जुड़े चावल को लेकर भी सवाल उठाया गया। इस पर मंत्री ने कहा कि जो भी चावल आता है, उसकी जांच और टेस्टिंग के बाद ही उसे स्वीकार किया जाता है।
केंद्र सरकार की रोक हटने पर भी सवाल
बातचीत में केंद्र सरकार की ओर से कुछ उत्पादों के निर्यात से जुड़ी रोक हटाए जाने का मुद्दा भी उठा। मंत्री से जब इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने इसे अच्छी बात बताते हुए कहा कि इसमें आपत्ति जैसी कोई बात नहीं है और फैसले के अनुसार आगे काम किया जाएगा।
पंजाब के राजनीतिक माहौल पर भी बोले श्याम सिंह राणा
पंजाब की राजनीति को लेकर भी कृषि मंत्री से सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब में विकास की बहुत जरूरत है और अलग-अलग प्रदेशों के लोगों की भावनाएं भी महत्वपूर्ण हैं। बातचीत के दौरान पंजाब की राजनीतिक स्थिति और विकास से जुड़े मुद्दों पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।
करनाल में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के लिए पहुंचे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा से पत्रकारों ने चीनी के बढ़ते दाम, गुरमीत राम रहीम की पैरोल, करनाल के लंबित मामलों, सफाई कर्मचारियों, चावल की खरीद और गुणवत्ता, केंद्र सरकार के फैसले तथा कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी समेत कई मुद्दों पर सवाल किए। मंत्री ने अलग-अलग सवालों पर सरकार के रुख और अपनी बात रखी।
Akhil Mahajan