हिमाचल विधानसभा में घमासान,CM सुक्खू का BJP पर पलटवार, बोले- घोटाले छिपाने को कर रहे प्रदर्शन
हिमाचल विधानसभा में आउटसोर्स भर्ती पर हंगामा हुआ। CM सुक्खू ने भाजपा पर घोटाले छिपाने का आरोप लगाया, वहीं विपक्ष ने रोजगार, हिमकेयर और सहारा योजना उठाई
M सुक्खू बोले- घोटाले छिपाने को भाजपा कर रही प्रदर्शन
➤ आउटसोर्स भर्ती पर हंगामा, नारेबाजी के बाद भाजपा विधायकों का वॉकआउट
➤ रोजगार, हिमकेयर और सहारा योजना समेत कई मुद्दों पर सदन में घमासान
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सेशन के चौथे दिन सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा के प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष अपने घोटालों और गलत कामों को छिपाने के लिए प्रदर्शन कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए सभी गलत कामों को जनता की अदालत में रखा जाएगा। इसके लिए सरकार ने व्हाइट पेपर कमेटी का गठन कर दिया है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि यह कमेटी भाजपा सरकार के कार्यकाल से जुड़े मामलों की पड़ताल करेगी और उनसे जुड़े तथ्यों को जनता के दरबार में रखेगी। मुख्यमंत्री के इस बयान से पहले भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया और कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में हर काम के रेट तय हैं और नेता-अफसर कमीशन ले रहे हैं।
आउटसोर्स भर्ती पर सदन में हंगामा, भाजपा ने किया वॉकआउट
मानसून सेशन के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान आउटसोर्स भर्ती का मुद्दा सदन में हंगामे का कारण बना। इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामला इतना बढ़ा कि भाजपा विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
दरअसल, सदन में भाजपा विधायक विक्रम सिंह ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र में आउटसोर्स आधार पर चहेतों को लाभ देने और भेदभाव के आरोप लगाए थे। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद भाजपा विधायकों ने सदन से बाहर जाने का फैसला किया।
कांग्रेस नेताओं के नाम आउटसोर्स कंपनियां पंजीकृत होने का जयराम ठाकुर का आरोप
सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आउटसोर्स भर्ती को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कंपनियां कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदारों के नाम पंजीकृत की गईं। इसके बाद धड़ाधड़ भाई-भतीजावाद के आधार पर नौकरियां बांटी गईं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि उद्योग मंत्री ने अपने चुनाव क्षेत्र में 600 लोगों को नौकरियां देने की बात खुद कही है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आउटसोर्स भर्ती के मामले में विपक्ष लगातार आवाज उठाता रहेगा।
कांग्रेस और भाजपा ने सदन के बाहर भी किया प्रदर्शन
विधानसभा बजट सेशन की कार्यवाही से पहले कांग्रेस और BJP विधायकों ने परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने राष्ट्रगान के अपमान को लेकर धरना दिया। वहीं भाजपा विधायकों ने सहारा योजना और पांच लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की हिमकेयर योजना की बहाली की मांग को लेकर नारेबाजी की।
इस दौरान विधानसभा परिसर में दोनों दलों के प्रदर्शन से राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जनहित के मुद्दों से बचने और जनता से जुड़े सवालों को लेकर गंभीर नहीं होने के आरोप लगाए।
चार साल में कोई जनहित की योजना शुरू नहीं करने का जयराम का आरोप
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि चार साल के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार अपनी कोई भी जनहित की योजना शुरू नहीं कर पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके उलट पूर्व सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं को बंद किया जा रहा है।
जयराम ठाकुर ने महंगी मशीनों की खरीद को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी मशीनें महंगी कीमतों पर खरीदी जा रही हैं। बड़ी मशीनें खरीदने के पीछे कोई और राज है। उन्होंने सवाल उठाया कि खरीद के लिए लगाए जा रहे पैसे में सरकार और अधिकारी क्या कर रहे हैं, यह पूरा प्रदेश अच्छी तरह जानता है।
हिमकेयर और सहारा योजना को लेकर भी सरकार पर निशाना
जयराम ठाकुर ने कहा कि लाखों लोगों को जीवन देने वाली हिमकेयर योजना को बंद करने के लिए बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जा रही है और भाजपा विधायकों पर FIR की जा रही है।
उन्होंने सहारा योजना को भी बंद किए जाने का आरोप लगाया। जयराम ठाकुर ने कहा कि इससे बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को सरकार ने मरने के लिए छोड़ दिया है। इन दोनों योजनाओं की बहाली को लेकर भाजपा पहले भी विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर चुकी है।
अटैची के साथ प्रदर्शन कर अराजकता फैलाना चाह रही भाजपा: मुकेश अग्निहोत्री
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने भाजपा के प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष विधानसभा में अटैची लाकर अराजकता फैलाना चाह रहा है। उन्होंने कहा कि सभी लोग जानते हैं कि MLA की खरीद पर किस प्रकार अटैचियां इस्तेमाल हुईं।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि 85 रुपए चीनी हो गई और प्याज के रेट बढ़ गए, लेकिन भाजपा इन चीजों पर चर्चा से बचने के लिए ड्रामा कर रही है। उन्होंने विपक्ष को पूरी तरह दिशाहीन बताया। डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार सदन के भीतर हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।
किसानों-बागवानों के कीटनाशकों की क्वालिटी का मुद्दा भी उठेगा
विधानसभा में किसानों और बागवानों को उपलब्ध कराए जा रहे कीटनाशकों और फफूंदनाशकों की क्वालिटी का मुद्दा भी उठाया जाएगा। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए ठियोग के विधायक कुलदीप राठौर ने कीटनाशकों और फफूंदनाशकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा की मांग रखी है।
इनकी क्वालिटी का सीधा असर सेब समेत विभिन्न फलों और सब्जियों की उत्पादकता पर पड़ता है। ऐसे में यह मुद्दा किसानों और बागवानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मामला उठेगा
कुलदीप राठौर के बाद भाजपा विधायक पवन काजल ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए गगल क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मामला सदन में उठाएंगे।
इसमें प्रभावित परिवारों के मुआवजे, वैकल्पिक आवास और आजीविका से जुड़े सवाल शामिल हैं। प्रभावित परिवारों की स्थिति और उनके पुनर्वास से जुड़े मुद्दे पर सदन में चर्चा होने की संभावना है।
युवाओं के रोजगार की गारंटी पर जारी रहेगी चर्चा
प्रश्नकाल के बाद सदन में भाजपा विधायक रणधीर शर्मा, सुधीर शर्मा, राकेश जम्वाल, डॉ. हंस राज और जीत राम कटवाल के संयुक्त प्रस्ताव में ‘युवाओं के लिए रोजगार संबंधी गारंटी’ पर चर्चा जारी है।
भाजपा विधायकों ने बीते सोमवार को बेरोजगारी के मुद्दे पर काम रोको प्रस्ताव दिया था। स्पीकर ने काम रोको की जगह नियम 130 के तहत चर्चा की इजाजत दी। इसके बाद कल भी इस मुद्दे पर चर्चा जारी रही।
पौने चार साल में चंद हजार रोजगार देने का आरोप
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने हर साल एक लाख और पांच साल में पांच लाख लोगों को नौकरी देने का वादा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पौने चार साल में चंद हजार लोगों को ही रोजगार दिया गया है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि इससे युवा परेशान हैं और नौकरी के इंतजार में लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार नौकरियां नहीं निकाल रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के रोजगार से जुड़ा यह मसला विपक्ष सदन में उठाएगा।
विधानसभा के भीतर और बाहर लगातार हो रहे प्रदर्शन, आउटसोर्स भर्ती को लेकर आरोप-प्रत्यारोप, हिमकेयर और सहारा योजना की बहाली की मांग तथा युवाओं के रोजगार का मुद्दा हिमाचल की राजनीति में इस समय प्रमुख बहस का केंद्र बना हुआ है। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से भाजपा सरकार के कार्यकाल के मामलों की जांच के लिए व्हाइट पेपर कमेटी बनाए जाने की बात ने राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।
Akhil Mahajan