नीरज चोपड़ा लगाएंगे स्वर्णिम हैट्रिक,एशियाई खेलों में भारत का सबसे बड़ा एथलेटिक्स दल

एशियाई खेल 2026 के लिए भारत के 492 सदस्यीय दल को मंजूरी मिली है। 73 एथलीटों वाले सबसे बड़े एथलेटिक्स दल की अगुआई नीरज चोपड़ा करेंगे।

नीरज चोपड़ा लगाएंगे स्वर्णिम हैट्रिक,एशियाई खेलों में भारत का सबसे बड़ा एथलेटिक्स दल

एशियाई खेल 2026 के लिए भारत के 492 सदस्यीय दल को मंजूरी
73 एथलीटों के सबसे बड़े भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुआई करेंगे नीरज चोपड़ा
लगातार तीसरा स्वर्ण जीतकर भाला फेंक में हैट्रिक पर नीरज की नजर

जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेल 2026 को लेकर भारत की तैयारियां तेज हो गई हैं। 19 सितंबर से शुरू होकर चार अक्टूबर तक चलने वाले इन खेलों के लिए खेल मंत्रालय ने 492 सदस्यीय भारतीय दल को मंजूरी दी है। इस दल में 73 एथलीट शामिल हैं, जो भारतीय एथलेटिक्स का अब तक का सबसे बड़ा दल है। इस बार भारतीय एथलेटिक्स टीम की सबसे बड़ी उम्मीद दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा पर रहेगी।

नीरज चोपड़ा एशियाई खेलों में भारतीय एथलेटिक्स टीम की अगुआई करेंगे। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में वह लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे। अगर नीरज यह कामयाबी हासिल करते हैं तो एशियाई खेलों में भाला फेंक के स्वर्ण पदकों की अपनी हैट्रिक पूरी कर लेंगे। ऐसे में आइची-नागोया में होने वाली प्रतियोगिता में उनकी मौजूदगी भारतीय दल के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहेगी।

भारतीय एथलेटिक्स दल में हांगझोउ एशियाई खेलों के 16 पदक विजेताओं को शामिल किया गया है। इनमें पांच व्यक्तिगत चैंपियन ऐसे हैं, जो अपने-अपने खिताब का बचाव करने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। टीम में हांगझोउ 2023 के स्वर्ण पदक विजेता अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी भी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों के सामने अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने और खिताब बरकरार रखने की चुनौती होगी।

साबले की वापसी पर रहेंगी नजरें

हांगझोउ में पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीतने वाले अविनाश साबले चोट से प्रभावित दौर के बाद वापसी करेंगे। उनकी वापसी भारतीय एथलेटिक्स टीम के लिए अहम मानी जा रही है। वहीं तजिंदरपाल सिंह तूर पुरुषों की शॉटपुट स्पर्धा में लगातार तीसरे एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे।

पारुल चौधरी इस बार तीन स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगी। वह 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज में चुनौती पेश करेंगी। इसके अलावा हांगझोउ में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पुरुष 4x400 मीटर रिले टीम के सदस्य राजेश रमेश को भी टीम में जगह मिली है।

हांगझोउ के अन्य पदक विजेताओं में ज्योति याराजी, मुरली श्रीशंकर, तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफजल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज शामिल हैं। वहीं तेजस शिरसे को पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के लिए चुना गया है। उन्हें ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर हुए थे।

भारतीय एथलेटिक्स टीम की नजर एशियाई खेलों में अपने शानदार प्रदर्शन को आगे बढ़ाने पर होगी। पिछले एशियाई खेलों में भारत ने एथलेटिक्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। ऐसे में इस बार भी 73 एथलीटों वाला बड़ा दल पदकों की संख्या बढ़ाने की कोशिश करेगा।

हांगझोउ में भारत ने जीते थे 29 पदक

हांगझोउ 2023 में भारत ने एथलेटिक्स में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 29 पदक जीते थे। इनमें छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल थे। अब आइची-नागोया में भारतीय एथलीट उसी प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे।

भारतीय एथलेटिक्स टीम में शामिल प्रमुख खिलाड़ी

पुरुष वर्ग में गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर, अनीमेश कुजूर 100 मीटर, 200 मीटर और मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले, गुलवीर सिंह 1500 मीटर, 5000 मीटर और 10,000 मीटर, सावन बरवाल मैराथन, तेजस शिरसे 110 मीटर बाधा दौड़ और अविनाश साबले 3000 मीटर स्टीपलचेज में चुनौती पेश करेंगे।

इसके अलावा सर्वेश कुशारे हाई जंप, कुलदीप कुमार पोल वाल्ट, मुरली श्रीशंकर लांग जंप, तजिंदरपाल सिंह तूर शाटपुट, नीरज चोपड़ा भाला फेंक और तेजस्विन शंकर डेकाथलान में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। सबसे ज्यादा नजरें नीरज चोपड़ा पर रहेंगी, जिनके सामने लगातार तीसरा एशियाई खेल स्वर्ण जीतकर ऐतिहासिक हैट्रिक पूरी करने का लक्ष्य होगा।