हरियाणा में जियो के 10 साल बेमिसाल: किफायती डेटा, फ्री कॉलिंग और मजबूत नेटवर्क ने बदला डिजिटल कनेक्टिविटी का चेहरा

हरियाणा में जियो ने 10 साल में 82.7 लाख मोबाइल ग्राहक जोड़े। ट्राई के अनुसार जून 2026 तक राज्य में जियो की हिस्सेदारी 30.6 प्रतिशत रही।

हरियाणा में जियो के 10 साल बेमिसाल: किफायती डेटा, फ्री कॉलिंग और मजबूत नेटवर्क ने बदला डिजिटल कनेक्टिविटी का चेहरा

➤ हरियाणा में जियो के 82.7 लाख मोबाइल ग्राहक, 29.2% CAGR से बढ़ा नेटवर्क
➤ जून 2026 तक राज्य के 2.7 करोड़ मोबाइल कनेक्शनों में जियो की 30.6% हिस्सेदारी
➤ जियो फाइबर और जियो एयर फाइबर से हरियाणा के 6.5 लाख परिसर जुड़े


हरियाणा में रिलायंस जियो ने अपनी टेलीकॉम यात्रा के एक दशक में मोबाइल और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है। अगस्त 2016 में शून्य मोबाइल ग्राहक आधार से शुरुआत करने वाले जियो ने जून 2026 तक हरियाणा में 82.7 लाख मोबाइल ग्राहक जोड़ लिए हैं। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण यानी ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान कंपनी ने 29.2 प्रतिशत के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट यानी सीएजीआर के साथ विस्तार किया है।

जियो ने सितंबर 2016 में व्यावसायिक रूप से टेलीकॉम बाजार में कदम रखा था और अब 5 सितंबर को अपने दस साल पूरे करने जा रहा है। कंपनी की इस यात्रा को भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र में किफायती डेटा, फ्री कॉलिंग और बेहतर नेटवर्क के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।

हरियाणा में पहले ही महीने जुड़े थे 6.8 लाख ग्राहक

ट्राई के अनुसार, जियो ने अगस्त 2016 में शून्य ग्राहक आधार से शुरुआत की थी। इसके बाद सितंबर 2016 में ही हरियाणा में कंपनी ने 6.8 लाख मोबाइल ग्राहक जोड़ लिए थे।

जून 2026 तक जियो का हरियाणा में मोबाइल ग्राहक आधार बढ़कर 82.7 लाख हो गया। यानी कंपनी ने इस अवधि में 75.9 लाख नेट मोबाइल ग्राहक जोड़े। इस दौरान दर्ज किया गया 29.2 प्रतिशत सीएजीआर पहले से मौजूद टेलीकॉम ऑपरेटरों की तुलना में काफी अधिक रहा।

ट्राई की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक जून 2026 तक हरियाणा में कुल 2.7 करोड़ मोबाइल कनेक्शन थे। इनमें जियो की हिस्सेदारी 30.6 प्रतिशत रही।

6.5 लाख परिसरों तक पहुंचा जियो ब्रॉडबैंड

मोबाइल नेटवर्क के साथ-साथ जियो ने हरियाणा में होम ब्रॉडबैंड क्षेत्र में भी अपनी पहुंच मजबूत की है। कंपनी के अनुसार, राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों में 6.5 लाख परिसरों को जियो फाइबर और जियो एयर फाइबर सेवाओं से जोड़ा गया है।

इन सेवाओं के जरिए उपभोक्ताओं को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड के साथ होम एंटरटेनमेंट की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कंपनी का दावा है कि हरियाणा के होम ब्रॉडबैंड सेगमेंट में जियो मार्केट लीडर है।

किफायती डेटा और फ्री कॉलिंग बनी बड़ी वजह

जियो के देशभर में विस्तार की सबसे बड़ी वजहों में किफायती डेटा और फ्री कॉलिंग को माना गया है। जियो के टेलीकॉम बाजार में आने से पहले मोबाइल कॉल रेट और डेटा की कीमतें ग्राहकों के लिए बड़ी चिंता थीं।

एक दशक पहले भारतीय उपभोक्ता मोबाइल डेटा का इस्तेमाल काफी सीमित मात्रा में करते थे और डेटा की खपत को मेगाबाइट के हिसाब से मापा जाता था। जियो ने किफायती डेटा और फ्री कॉलिंग की रणनीति के साथ बाजार में प्रतिस्पर्धा का नया दौर शुरू किया।

इसके बाद भारत में मोबाइल इंटरनेट की खपत तेजी से बढ़ी और इंटरनेट लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का हिस्सा बनता चला गया।

2016 में 1 जीबी डेटा की कीमत करीब 228 रुपये थी

2016 में भारत में प्रति सब्सक्राइबर औसत मासिक मोबाइल डेटा खपत 0.2 जीबी से कम थी। उस समय एक जीबी डेटा की कीमत करीब 228 रुपये थी। देश में 1 करोड़ से भी कम भारतीयों की पहुंच 4जी नेटवर्क तक थी और औसत डाउनलोड स्पीड करीब 2.5 एमबीपीएस के आसपास थी।

जियो के आने के बाद टेलीकॉम बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला। कंपनी ने डेटा को आम उपभोक्ता के लिए अधिक किफायती बनाने के साथ-साथ 4जी नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर जोर दिया।

एक दशक बाद एक जीबी डेटा की कीमत करीब 7.9 रुपये रह गई है, जो 2016 के मुकाबले लगभग 97 प्रतिशत कम है। देशभर में एक्टिव 4जी और 5जी सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़कर करीब 93.8 करोड़ हो गई है।

जियो के नेटवर्क पर एक औसत सब्सक्राइबर अब हर महीने करीब 42.3 जीबी डेटा इस्तेमाल करता है। यह आंकड़ा बताता है कि पिछले एक दशक में भारतीय उपभोक्ताओं के मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल में कितना बड़ा बदलाव आया है।

देशभर में 53.33 करोड़ ग्राहक

कंपनी के अनुसार, आज देशभर में जियो के करीब 53.33 करोड़ ग्राहक हैं। इनमें 28.5 करोड़ 5जी ग्राहक शामिल हैं।

जियो के विस्तार को केवल टेलीकॉम सेवाओं की कीमतों में बदलाव तक सीमित नहीं माना जा रहा है। कंपनी ने कनेक्टिविटी को सस्ता बनाने के साथ-साथ टेक्नोलॉजी, डिवाइसेज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर भी जोर दिया है।

विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने की दिशा में कदम

टेलीकॉम नेटवर्क की पिछली पीढ़ियां काफी हद तक इम्पोर्टेड प्रोप्राइटरी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर आधारित थीं। इसके चलते ऑपरेटरों को इक्विपमेंट के साथ-साथ टेक्नोलॉजी अपग्रेड और रोडमैप के लिए विदेशी वेंडर्स पर निर्भर रहना पड़ता था।

इसके विपरीत, जियो ने एक ऐसे एंड-टू-एंड, क्लाउड-नेटिव स्टैंडअलोन 5जी नेटवर्क की दिशा में काम किया है, जिसका उद्देश्य आधुनिक डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।

हरियाणा में भी पिछले एक दशक के दौरान मोबाइल ग्राहकों की संख्या, 4जी-5जी पहुंच और होम ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार ने राज्य की डिजिटल कनेक्टिविटी को नई दिशा दी है।