हरियाणा में पानी के बिल का अब बदलेगा हिसाब, प्लॉट का साइज भी तय करेगा रकम; 6 महीने बाद नई दरें लागू
हरियाणा में पानी के बिल की नई व्यवस्था में खपत के साथ प्लॉट साइज भी आधार होगा। मीटर और बिना मीटर कनेक्शन के लिए अलग दरें तय की गई हैं।
➤ पानी का बिल अब खपत के साथ प्लॉट के आकार और मीटर कनेक्शन पर भी निर्भर करेगा
➤ 10 किलोलीटर तक 3 रुपये, 30 किलोलीटर से ज्यादा खपत पर 12 रुपये प्रति किलोलीटर शुल्क
➤ बिना मीटर वाले मकानों में प्लॉट साइज के हिसाब से 175 से 870 रुपये तक मासिक शुल्क
हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में पानी के बिल की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब उपभोक्ता का पानी का खर्च केवल पानी की खपत से तय नहीं होगा, बल्कि मीटर कनेक्शन और प्लॉट के आकार का भी बिल पर सीधा असर पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत मीटर वाले घरेलू कनेक्शनों में पानी की खपत के आधार पर अलग-अलग स्लैब तय किए गए हैं, जबकि बिना मीटर वाले मकानों में प्लॉट का आकार पानी के मासिक शुल्क का आधार बनेगा।
हरियाणा सरकार की नई व्यवस्था में हर साल पानी की दरों में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। शहरी निकाय विभाग द्वारा निर्धारित पानी की दरें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा निर्धारित दरों के बराबर होंगी। हरियाणा के शहर निकाय विभाग की ओर से 18 अगस्त को बढ़ी हुई दरों की अधिसूचना जारी की गई है, जो 18 फरवरी 2027 से लागू मानी जाएगी।
मीटर वाले कनेक्शन में खपत के हिसाब से बढ़ेगा शुल्क
मीटर लगे घरेलू कनेक्शन में पानी की खपत के आधार पर स्लैब तय किए गए हैं। 10 किलोलीटर तक पानी की दर तीन रुपये प्रति किलोलीटर होगी। 10 से 20 किलोलीटर तक छह रुपये, 20 से 30 किलोलीटर तक 9.50 रुपये और 30 किलोलीटर से अधिक पानी की खपत पर 12 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से शुल्क लिया जाएगा।
इस व्यवस्था में पानी की खपत बढ़ने के साथ प्रति किलोलीटर दर भी बढ़ती जाएगी। यानी अधिक पानी इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए पानी की अतिरिक्त खपत के साथ बिल का बोझ भी बढ़ेगा।
खास बात यह है कि 500 वर्ग गज तक के प्लॉट वाले परिवारों को मीटरयुक्त कनेक्शन पर छूट मिलेगी। इससे छोटे प्लॉट वाले परिवारों को नई व्यवस्था में राहत मिल सकती है।
हर साल पांच प्रतिशत बढ़ेंगी पानी की दरें
नई व्यवस्था में पानी की दरों में हर साल पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। इसका मतलब है कि मौजूदा बिल के साथ आने वाले वर्षों में पानी पर होने वाला खर्च भी लगातार बढ़ता जाएगा।
घरेलू कनेक्शन का व्यावसायिक इस्तेमाल करने पर 500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। जिन कनेक्शनों में मीटर लगा है, लेकिन नोटिस के बाद भी दो महीने से अधिक समय तक मीटर काम नहीं करता, उस कनेक्शन को बिना निकाय क्षेत्रों में शामिल गांवों में भी समान दरें लागू हरियाणा के नगर निकाय क्षेत्रों में आने वाले गांवों पर भी पानी और सीवरेज की यही दरें लागू होंगी।
संस्थानों और कारोबार के लिए अलग दरें तय
संस्थाओं, औद्योगिक और वाणिज्यिक मीटरयुक्त जलापूर्ति के लिए भी अलग-अलग स्लैब निर्धारित किए गए हैं। 25 किलोलीटर तक 20 रुपये प्रति किलोलीटर, 25 से 50 किलोलीटर तक 25 रुपये, 50 से 100 किलोलीटर तक 30 रुपये और 100 किलोलीटर से अधिक आपूर्ति पर 35 रुपये प्रति किलोलीटर की दर तय की गई है।
इस तरह घरेलू और संस्थागत, औद्योगिक तथा वाणिज्यिक कनेक्शनों के लिए पानी की दरों की अलग व्यवस्था रहेगी।
पानी की खपत बढ़ने के साथ सीवरेज चार्ज भी जुड़ेगा
बिना मीटर कनेक्शन वाले मकानों में प्रति 10 किलोलीटर तक की आपूर्ति पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके बाद पानी की खपत बढ़ने पर प्रति किलोलीटर तीन रुपये शुल्क लगेगा। वहीं 30 किलोलीटर से अधिक पानी की आपूर्ति पर 12 रुपये प्रति किलोलीटर की दर लागू होगी।
पानी के बिल के साथ सीवरेज चार्ज भी जुड़ेगा। पानी के कुल बिल का 25 प्रतिशत सीवरेज चार्ज के रूप में लिया जाएगा। यानी उपभोक्ता पर पानी की कीमत के साथ सीवरेज का अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा।
बिना मीटर वाले मकानों में प्लॉट के आकार से तय होगा शुल्क
नई व्यवस्था में बिना मीटर वाले मकानों के लिए पानी की खपत के बजाय प्लॉट के आकार को बिल का आधार बनाया गया है। 50 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर 175 रुपये प्रतिमाह, 50 से 100 वर्ग मीटर तक 350 रुपये और 100 से 200 वर्ग मीटर तक 870 रुपये प्रतिमाह शुल्क निर्धारित किया गया है।
200 वर्ग मीटर से अधिक बड़े प्लॉट पर प्रत्येक अतिरिक्त 100 वर्ग मीटर की वृद्धि के लिए 700 रुपये तक अतिरिक्त प्रभार लिया जाएगा।
यानी जिन घरों में पानी का मीटर नहीं लगा है, वहां पानी का बिल इस बात से प्रभावित होगा कि मकान किस आकार के प्लॉट पर बना है। नई व्यवस्था में उपभोक्ताओं के लिए पानी की खपत के साथ कनेक्शन के प्रकार और प्लॉट के आकार की जानकारी भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।
हरियाणा सरकार की ओर से लागू की जाने वाली इस नई व्यवस्था में पानी की दरों के साथ सीवरेज शुल्क और अलग-अलग श्रेणी के कनेक्शनों के लिए तय स्लैब भी प्रभावी होंगे। बढ़ी हुई दरों की अधिसूचना 18 अगस्त को जारी की गई है और ये नई दरें 18 फरवरी 2027 से लागू मानी जाएंगी।
Akhil Mahajan