नेपाल में बाढ़ से तबाही, 8 मौतें, 384 लापता: 105 भारतीय भी शामिल, ग्लेशियल झील फटने की आशंका; बिहार के 8 जिलों में अलर्ट
नेपाल के रसुवा में अचानक बाढ़ से 8 लोगों की मौत और 384 लोग लापता हैं, जिनमें 105 भारतीय शामिल हैं। बिहार के आठ जिलों में अलर्ट जारी किया गया।
➤ नेपाल के रसुवा में अचानक आई बाढ़ से 8 लोगों की मौत, 384 लापता
➤ लापता लोगों में 291 विदेशी पर्यटक और 105 भारतीय नागरिक शामिल
➤ बिहार के 8 जिलों में अलर्ट, गंडक में 3 मीटर फ्लैश फ्लड वेव की आशंका
काठमांडू। तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी है। बुधवार को भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके में कई घरों को नुकसान पहुंचा। बाढ़ की चपेट में रसुवा का एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी आ गया और वह बह गया। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, अब तक 8 लोगों की मौत की खबर है।
बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 384 लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 291 विदेशी पर्यटक हैं, जिनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात 9 पुलिसकर्मी भी लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल के त्रिसूली बाजार में बुधवार सुबह करीब 9 बजे अचानक नदी में बाढ़ आई। तेज बहाव के कारण कई इलाके इसकी चपेट में आ गए। बाढ़ का पानी रसुवा जिले में घुसने के बाद आसपास के पेड़ों को भी बहा ले गया। कई घर तबाह हो गए और एक पुल भी बाढ़ के पानी में बह गया।
रसुवा जिले की घाटी से सटे गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए। नेपाल के चितवन में नारायणी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। तेज बहाव के बीच भगवान बुद्ध की प्रतिमा आंशिक रूप से पानी में डूबी नजर आई। नुवाकोट जिले में त्रिशूली नदी के किनारे अचानक आई बाढ़ के बाद क्षतिग्रस्त घर और वाहन भी नजर आए। रासुवा में भोटेकोशी नदी के उफान के बाद मलबे से भरी अचानक आई बाढ़ में घर डूब गए।
रेस्क्यू में 14 हेलिकॉप्टर लगाए गए
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू के लिए 14 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं। लापता लोगों की तलाश के साथ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का काम किया जा रहा है।
हालात इतने खराब हैं कि रसुवा के टिमुरे में फंसे लोगों को निकालने के लिए भेजा गया एक हेलिकॉप्टर बिना उतरे ही काठमांडू लौट आया। बाढ़ के पानी में स्थानीय हेलिपैड बह गया था, इसलिए पायलट को उतरने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिली।
पायलट ने काठमांडू पोस्ट को बताया कि ऊपर से देखने पर टिमुरे गांव का बड़ा हिस्सा नजर ही नहीं आ रहा था। उनके मुताबिक, त्रिशूली नदी का पानी अचानक बहुत तेजी से बढ़ा, जैसे अचानक किसी बंद नदी का पानी बाहर निकल आया हो।
त्रिशूली बाजार में बाढ़ के बाद मकान मलबे की चपेट में आ गए हैं। वहीं, बेत्रावती बाजार पूरी तरह से तबाह हो गया और कई मकान मलबे में दब गए।
बिहार के 8 जिलों में अलर्ट, गंडक में फ्लैश फ्लड का खतरा
नेपाल में आई बाढ़ का असर अब भारत तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। इसे देखते हुए बिहार के 8 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। इनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर शामिल हैं।
बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक नदी में करीब 3 मीटर ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका जताई है। इसके चलते संबंधित इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
स्थानीय बारिश नहीं, ग्लेशियल झील फटने का शक
रसुवा में पिछले 24 घंटे में 7 मिमी से ज्यादा बारिश नहीं हुई है। ऐसे में बाढ़ की वजह स्थानीय बारिश को नहीं माना जा रहा है। अधिकारियों को शक है कि तिब्बत में ग्लेशियल झील फटने यानी GLOF की वजह से अचानक पानी भोटेकोशी नदी में आया।
ICIMOD-UNDP की 2020 की स्टडी के मुताबिक, भोटेकोशी बेसिन में 122 ग्लेशियल झीलें हैं। हालांकि, अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि इनमें से कौन-सी झील फटी है। सैटेलाइट इमेज और तकनीकी जांच के जरिए बाढ़ के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।
टिमुरे में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान की आशंका है। फिलहाल मौतों और नुकसान का सही आंकड़ा जुटाया जा रहा है।
क्या होती है ग्लेशियल झील से अचानक आने वाली बाढ़?
ग्लेशियल झील के सामने अक्सर बर्फ, मिट्टी-पत्थर और मलबे की प्राकृतिक बांध जैसी संरचना होती है। यह बांध कमजोर पड़ जाए या टूट जाए तो झील का पानी अचानक नीचे की ओर बहने लगता है। इसी घटना को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) यानी ग्लेशियल झील फटने से आने वाली बाढ़ कहा जाता है।
ग्लेश्यिर फटने की पांच मुख्य वजह
Akhil Mahajan