25 मई से शुरू होगा नौतपा, 9 दिन झुलसाएगी भीषण गर्मी
नौतपा 2026 की शुरुआत 25 मई से होगी और 3 जून तक भीषण गर्मी का असर रहेगा। ज्योतिष के अनुसार, यह समय मानसून और तापमान पर बड़ा प्रभाव डालता है।
➤ 25 मई से शुरू होगा नौतपा, 3 जून तक रहेगा असर
➤ सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश से बढ़ेगी भीषण गर्मी
➤ नौतपा जितना तपेगा, उतनी अच्छी बारिश की संभावना
इस साल नौतपा 2026 की शुरुआत 25 मई को दोपहर 3:37 बजे से होगी, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषाचार्य मनोज शर्मा के अनुसार, सूर्य इस नक्षत्र में 8 जून तक रहेंगे, लेकिन शुरुआती 9 दिन यानी 25 मई से 3 जून तक का समय सबसे अधिक गर्मी वाला होता है, जिसे ही नौतपा कहा जाता है।
ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब पृथ्वी पर उसकी किरणें अधिक प्रभावी हो जाती हैं और तापमान तेजी से बढ़ता है। यही कारण है कि इस अवधि में भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, आगे चलकर उतनी ही अच्छी बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं अगर इस दौरान बारिश हो जाए, तो मानसून में कमी देखी जा सकती है।
ज्योतिषीय दृष्टि से रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं, जो शीतलता के कारक माने जाते हैं। लेकिन सूर्य के प्रभाव में आने से उनकी शीतलता कम हो जाती है और गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। यही वजह है कि नौतपा को साल का सबसे तपता हुआ समय माना जाता है।
इस बार नौतपा के दौरान तेज हवाएं, धूलभरी आंधी और बवंडर के साथ हल्की बारिश की संभावना भी जताई जा रही है। खगोल विज्ञान के अनुसार, इस समय सूर्य की किरणें धरती पर लगभग सीधी पड़ती हैं, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि होती है।
धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से भी नौतपा का विशेष महत्व माना गया है। सूर्य सिद्धांत और श्रीमद् भागवत में इसका उल्लेख मिलता है। सनातन परंपरा में सूर्य को ऊर्जा और जीवन का स्रोत माना गया है और इस दौरान उनकी विशेष पूजा भी की जाती है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, नौतपा को मानसून का गर्भकाल भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दौरान सूर्य की तीव्र गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के प्रभाव से आगे आने वाले मानसून की स्थिति तय होती है।
Akhil Mahajan