नरेश चौहान के बड़े बयान,हल्द्वानी विवाद, मंत्रिमंडल विस्तार और लोकसभा पर बोले
नरेश चौहान ने हल्द्वानी की कथित शुद्धिकरण घटना की निंदा करते हुए इसे समाज को बांटने वाली सोच बताया। उन्होंने हिमाचल मंत्रिमंडल विस्तार और लोकसभा में चर्चा न होने को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा।
हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण को नरेश चौहान ने बताया समाज को बांटने वाली सोच
➤ हिमाचल में मंत्रिमंडल के रिक्त पद जल्द भरने के संकेत, हाईकमान से चर्चा के बाद होगा फैसला
➤ लोकसभा में चर्चा न होने पर केंद्र पर निशाना, बोले- प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए था
शिमला। मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने हल्द्वानी में सामने आई कथित शुद्धिकरण की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश में इस तरह का आचरण स्वीकार्य नहीं है और ऐसी घटनाओं की हर स्तर पर आलोचना होनी चाहिए।
नरेश चौहान ने आरोप लगाया कि भाजपा की सोच समाज को बांटने वाली रही है। उन्होंने कहा कि समाज में इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा देने के बजाय सभी राजनीतिक दलों और लोगों को सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए।
उन्होंने हल्द्वानी की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसकी सभी स्तरों पर निंदा होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे पर क्या बोले
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरे को लेकर नरेश चौहान ने कहा कि आने वाला समय चुनावों का है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के हितों और राज्य सरकार की गतिविधियों से पार्टी हाईकमान को अवगत कराया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में कई बड़े फैसले लिए हैं। इन फैसलों और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से लोगों के बीच ले जाने की भी बात कही गई।
मंत्रिमंडल विस्तार पर दिया बड़ा संकेत
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल में रिक्त पदों को भरने के सवाल पर नरेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री इस विषय पर पहले ही अपनी बात रख चुके हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान और मुख्यमंत्री के बीच चर्चा के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उनके बयान से प्रदेश में लंबे समय से चल रही मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा को फिर बल मिला है।
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि रिक्त पदों पर किन विधायकों को जिम्मेदारी दी जाएगी और विस्तार की तारीख क्या होगी।
जंतर-मंतर कार्रवाई पर भी केंद्र को घेरा
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे पर भी नरेश चौहान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि देश में इस मामले को लेकर जवाब मांगा जा रहा था। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस विषय पर संसद में जवाब देना चाहिए था, लेकिन वे लोकसभा में नहीं आए।
लोकसभा सत्र को लेकर उठाए सवाल
नरेश चौहान ने आरोप लगाया कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोकसभा का सत्र प्रभावी रूप से नहीं चल सका।
उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है और जनता से जुड़े गंभीर सवालों पर सरकार को सदन में जवाब देना चाहिए। उनके मुताबिक, संसद में चर्चा और जवाबदेही लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
नरेश चौहान के बयानों में एक तरफ हल्द्वानी की घटना को लेकर भाजपा पर राजनीतिक हमला नजर आया, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने हिमाचल में मंत्रिमंडल विस्तार और केंद्र सरकार की संसदीय भूमिका को लेकर भी अपनी बात रखी।
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