शिमला में नशा तस्करों की संपत्ति पर पुलिस का शिकंजा, 40.5 लाख रुपए की संपत्ति सीज
शिमला पुलिस ने NDPS मामलों में वित्तीय जांच के आधार पर बालूगंज और रामपुर में 40.5 लाख रुपए की संपत्ति सीज की, 2026 में कार्रवाई 12.5 करोड़ से अधिक हुई।
बालूगंज केस में करीब 23 लाख की संपत्ति सीज, स्कॉर्पियो-एन भी शामिल
➤ रामपुर के दो मामलों में 17.5 लाख की संपत्ति पर पुलिस ने की कार्रवाई
➤ शिमला में 2026 में अब तक 12.5 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सीज
शिमला। शिमला पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े मामलों में वित्तीय जांच के आधार पर आरोपियों की संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई की है। बालूगंज थाने में दर्ज मामले में करीब 23 लाख रुपए की संपत्ति सीज की गई है। इसमें एक स्कॉर्पियो-एन जैसी गाड़ी भी शामिल है। पुलिस की जांच में आरोपियों के बैंक खातों में बड़ी रकम का लेन-देन सामने आया, लेकिन इसके अनुरूप कोई वैध आय का स्रोत नहीं मिला।
वहीं, रामपुर के दो अलग-अलग मामलों में करीब 17.5 लाख रुपए की संपत्ति सीज की गई है। इनमें एक मामले में 9.5 लाख रुपए की संपत्ति में कार, मोटरसाइकिल और स्कूटी शामिल हैं, जबकि दूसरे मामले में करीब 8 लाख रुपए की रकम प्रथम दृष्टया नशा तस्करी से जुड़ी मिली है।
बालूगंज केस में 23 लाख की संपत्ति सीज
बालूगंज थाने में 23 फरवरी 2026 को दर्ज FIR के मुताबिक, ISBT शिमला के पास अविनाश चौहान से करीब 7 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। मामले की जांच आगे बढ़ने पर विशाल यादव, जय प्रकाश यादव और रवि अहिरवार को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की वित्तीय जांच में सामने आया कि विशाल यादव और उसके भाई जय प्रकाश यादव ने कथित तौर पर नशे के कारोबार से अर्जित रकम से संपत्ति खरीदी। जांच के मुताबिक, अप्रैल 2026 में विशाल यादव ने अपने भाई जय प्रकाश यादव के नाम पर करीब 22 लाख रुपए की स्कॉर्पियो-एन खरीदी थी।
पुलिस ने वित्तीय जांच के आधार पर वाहन और बैंक खाते में उपलब्ध रकम समेत करीब 23 लाख रुपए की संपत्ति सीज की है।
बैंक खाते में मिला करीब एक करोड़ रुपए का लेन-देन
जांच के दौरान पुलिस को विशाल यादव के बैंक खाते में भी बड़ी रकम के लेन-देन का पता चला। पुलिस के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से 26 अगस्त 2026 के बीच उसके बैंक खाते में करीब एक करोड़ रुपए का लेन-देन मिला।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास इस लेन-देन के अनुरूप कोई वैध आय का स्रोत नहीं मिला। इसके बाद वित्तीय जांच के आधार पर वाहन और बैंक खाते में उपलब्ध रकम समेत करीब 23 लाख रुपए की संपत्ति सीज की गई।
रामपुर के दो मामलों में 17.5 लाख की संपत्ति पर कार्रवाई
रामपुर के कुड़ीधार क्षेत्र में मई 2025 में एक किराए के कमरे से 31 ग्राम चिट्टा और 50 हजार रुपए कैश बरामद किए गए थे। इस मामले को लेकर पुलिस ने 13 मई 2025 को रामपुर में FIR दर्ज की थी।
मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद की गई वित्तीय जांच में करीब 9.5 लाख रुपए की संपत्ति सीज की गई। इसमें एक कार, मोटरसाइकिल और स्कूटी शामिल हैं।
पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े इस मामले में आरोपियों की संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की जांच के आधार पर यह कार्रवाई की।
2.5 किलो चरस के साथ पकड़ा गया था मनसा राम
रामपुर में ही 25 जून 2025 को नोगली बाजार स्थित बजिर बावड़ी रैन शेल्टर के पास मनसा राम उर्फ मनीष को करीब 2.5 किलो चरस के साथ पकड़ा गया था।
मामले की वित्तीय जांच के दौरान पुलिस ने उसके बैंक और डाकघर खातों के अलावा अन्य लेन-देन की भी जांच की। पुलिस के अनुसार, जांच में करीब 8 लाख रुपए की रकम प्रथम दृष्टया नशा तस्करी से जुड़ी मिली। इस रकम को सीज किया गया है।
इस तरह रामपुर के दोनों मामलों में पुलिस ने वित्तीय जांच के आधार पर कुल करीब 17.5 लाख रुपए की संपत्ति सीज की है।
2026 में अब तक 12.5 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सीज
शिमला पुलिस के मुताबिक, साल 2026 में अब तक NDPS मामलों में वित्तीय जांच के आधार पर 12.5 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 और 2025 में NDPS मामलों में इस तरह की वित्तीय जांच नहीं की गई थी। इन दोनों वर्षों में नशा तस्करी से जुड़ी कोई अवैध संपत्ति सीज नहीं हुई थी।
पुलिस की ओर से की जा रही वित्तीय जांच के तहत नशा तस्करी से जुड़े आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। इसी जांच के आधार पर संदिग्ध रूप से नशे के कारोबार से जुड़ी संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई की जा रही है।
Akhil Mahajan