रुला गए नाना पाटेकर,हिमाचल की इन वादियों में बिताए थे जिंदगी के कुछ बेहद खूबसूरत पल…
नाना पाटेकर 2024 में फिल्म ‘जर्नी’ की शूटिंग के लिए पहली बार शिमला पहुंचे थे। मालरोड, रिज, मशोबरा और बर्फबारी से जुड़ी यादें फिर चर्चा में हैं
नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, गोवा में कार्डियक अरेस्ट से गई जान
➤ 2024 में फिल्म ‘जर्नी’ की शूटिंग के लिए पहली बार पहुंचे थे शिमला
➤ मालरोड, रिज, मशोबरा और बर्फीली वादियों से जुड़ी उनकी यादें अब फिर हुईं ताजा
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। 75 वर्षीय अभिनेता का 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्हें करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया।
नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई ऐसे किरदार निभाए, जिन्हें दर्शक आज भी याद करते हैं। लेकिन उनके अभिनय सफर की कुछ यादें ऐसी भी हैं, जो फिल्मों की कहानी से बाहर निकलकर किसी शहर और वहां के लोगों से जुड़ जाती हैं। शिमला भी नाना पाटेकर की ऐसी ही यादों से जुड़ा शहर रहा।
पहली बार शिमला पहुंचे थे नाना पाटेकर
साल 2024 में नाना पाटेकर फिल्म ‘जर्नी’ की शूटिंग के लिए पहली बार शिमला पहुंचे थे। जनवरी में जब वह शिमला आए तो उनके साथ फिल्म की टीम के दूसरे कलाकार भी थे। फिल्म में नाना पाटेकर ने पिता का किरदार निभाया था, जबकि उत्कर्ष शर्मा उनके बेटे की भूमिका में नजर आए। फिल्म में सिमरत कौर और राजपाल यादव भी अहम भूमिकाओं में थे।
फिल्म की शूटिंग के लिए मशोबरा, कुफरी, नालदेहरा और मालरोड जैसी जगहों को चुना गया था। शिमला पहुंचने के बाद फिल्म यूनिट ने कई दिनों तक अलग-अलग लोकेशन पर शूटिंग की। उस दौरान स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भी कलाकारों को देखने को लेकर काफी उत्सुकता थी।
मालरोड पर नाना को देखने उमड़ी थी भीड़
शिमला का मालरोड नाना पाटेकर की शिमला यात्रा की सबसे चर्चित यादों में शामिल रहा। जनवरी 2024 में फिल्म की शूटिंग के दौरान सीटीओ चौक के पास एक स्टॉल तैयार किया गया था। यहां नाना पाटेकर के साथ आइसक्रीम खरीदने का दृश्य फिल्माया गया।
जैसे ही लोगों को मालरोड पर नाना पाटेकर के शूटिंग करने की जानकारी मिली, उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ जुट गई। सुरक्षा के बीच शूटिंग जारी रही। उस दौरान नाना पाटेकर शूटिंग से ब्रेक लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी पहुंचे और एसपी संजीव गांधी से मुलाकात की। इसके बाद चौड़ा मैदान में भी फिल्म के कुछ दृश्य शूट किए गए।
मालरोड पर कैमरे के सामने नाना पाटेकर को देखने का अनुभव स्थानीय लोगों के लिए भी खास था। शिमला की भीड़भाड़ वाली सड़कों और ऐतिहासिक इमारतों के बीच फिल्म की शूटिंग ने शहर में अलग माहौल बना दिया था।
रिज मैदान पर हिमाचली रंग में रंगे नाना पाटेकर
शिमला का रिज मैदान भी ‘जर्नी’ की शूटिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। यहां फिल्म के एक गाने की शूटिंग की गई थी। इस दौरान नाना पाटेकर के साथ राजपाल यादव, उत्कर्ष शर्मा और सिमरत कौर भी शूटिंग का हिस्सा बने।
फिल्म के दृश्यों में हिमाचली संस्कृति की झलक दिखाने के लिए स्थानीय लोगों को भी शामिल किया गया था। लोगों ने धाठू, रेजटा, सदरी और पहाड़ी टोपी पहनकर अभिनय किया। पारंपरिक वाद्ययंत्र ढोल, नगाड़ा और रणसिंघा भी शूटिंग का हिस्सा बने। नाटी के दृश्य भी कैमरे में कैद किए गए।
रिज मैदान पर जब फिल्म की शूटिंग चल रही थी, तब इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। शिमला के पारंपरिक रंग और नाना पाटेकर जैसे बड़े कलाकार की मौजूदगी ने उस शूटिंग को स्थानीय लोगों के लिए यादगार बना दिया।
मशोबरा और पहाड़ों की वादियों में भी चली शूटिंग
‘जर्नी’ की शूटिंग केवल मालरोड और रिज तक सीमित नहीं थी। फिल्म यूनिट ने मशोबरा, कुफरी, नालदेहरा और आसपास के क्षेत्रों में भी कई दृश्यों को फिल्माया। कलाकारों के लिए मशोबरा में ठहरने की व्यवस्था की गई थी और शूटिंग कई चरणों में आगे बढ़ी।
शिमला की पहाड़ियां, देवदार के जंगल, ठंडी हवाएं और प्राकृतिक खूबसूरती फिल्म के दृश्यों का हिस्सा बनीं। नाना पाटेकर के लिए यह दौरा सिर्फ एक फिल्म की शूटिंग नहीं था, बल्कि उनके अभिनय सफर में पहाड़ों से जुड़ी एक नई स्मृति भी बन गया।
इसी दौरान नाना पाटेकर और फिल्म की टीम ने हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने हिमाचल में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने और राज्य की खूबसूरत लोकेशनों को फिल्मों के लिए उपलब्ध कराने की बात कही थी।
बर्फ और पहाड़ों की ये यादें अब और खास हो गईं
नाना पाटेकर की शिमला यात्रा के दौरान फिल्म की शूटिंग के साथ-साथ पहाड़ी मौसम और प्राकृतिक खूबसूरती भी चर्चा में रही। मालरोड की भीड़ से लेकर रिज मैदान की नाटी, मशोबरा की शांत वादियों और हिमाचली संस्कृति के रंगों तक, ‘जर्नी’ की शूटिंग ने उनके शिमला प्रवास को यादगार बना दिया।
आज जब नाना पाटेकर इस दुनिया में नहीं रहे, तब शिमला से जुड़ी उनकी ये पुरानी तस्वीरें और शूटिंग की यादें फिर सामने आ रही हैं। 2024 में जिन जगहों पर वह कैमरे के सामने अपने किरदार को जीवंत कर रहे थे, वही जगहें अब उनके प्रशंसकों के लिए उनकी यादों का हिस्सा बन गई हैं।
नाना पाटेकर का शिमला से रिश्ता भले ही बहुत पुराना नहीं था, लेकिन मालरोड की भीड़, रिज मैदान की नाटी, मशोबरा की वादियां और ‘जर्नी’ की शूटिंग ने इस शहर से उनकी एक ऐसी याद जोड़ दी, जिसे अब लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।
Akhil Mahajan