स्कूल फीस में ₹1.75 करोड़ फीस गबन का आरोप, अकाउंटेंट समेत पत्नी-भाई पर केस

करनाल के मुनक स्कूल में 1.75 करोड़ रुपए फीस गबन का आरोप लगा है। अकाउंटेंट, पत्नी और भाई पर केस दर्ज कर पुलिस बैंक और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है।

स्कूल फीस में ₹1.75 करोड़ फीस गबन का आरोप, अकाउंटेंट समेत पत्नी-भाई पर केस

करनाल के आर्यकुलम् इंटरनेशनल स्कूल में ₹1.75 करोड़ फीस गबन का आरोप

➤ अकाउंटेंट, पत्नी और भाई पर रसीदों में फर्जीवाड़े और डिजिटल रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का आरोप

➤ बैंक खातों, फीस रिकॉर्ड और ऑडिट दस्तावेजों की जांच कर रही पुलिस

करनाल के मुनक स्थित आर्यकुलम् इंटरनेशनल स्कूल में करीब 1.75 करोड़ रुपए की फीस में कथित गबन, धोखाधड़ी और रसीदों में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। स्कूल प्रबंधन की शिकायत पर मुनक थाना पुलिस ने अकाउंटेंट दिनेश, उसकी पत्नी साक्षी और भाई रविन्द्र के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस जांच के अनुसार दिनेश फरवरी 2022 से अगस्त 2026 तक स्कूल में फीस वसूलने, रसीद काटने और रिकॉर्ड संभालने की जिम्मेदारी पर था।

मामले का खुलासा एक अभिभावक की शिकायत के बाद हुआ। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने फीस रिकॉर्ड की जांच कराई और सीए फर्म से विशेष ऑडिट कराया। अंतरिम ऑडिट में करीब 1.75 करोड़ रुपए की हेराफेरी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस अब बैंक खातों, फीस रिकॉर्ड, रसीदों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

अभिभावक की शिकायत से सामने आया मामला

स्कूल के जनरल सेक्रेटरी कुलदीप ने पुलिस को 25 सितंबर को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि बीती 20 अगस्त को एक अभिभावक स्कूल आया था। उसने बताया कि उसने अपने दो बच्चों की 11,900 रुपए फीस 11 अगस्त 2026 को अकाउंटेंट दिनेश के बैंक खाते में जमा कराई थी, लेकिन उसे फीस की रसीद नहीं मिली।

स्कूल के सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड की जांच की गई तो दोनों बच्चों की 5,600 और 6,300 रुपए की रसीदें मिलीं। हालांकि, दोनों रसीदें 29 जुलाई 2026 की पिछली तारीख में काटी गई थीं।

इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने वर्ष 2026-27 का पूरा फीस रिकॉर्ड खंगाला। शिकायत के अनुसार, जांच के दौरान कई रसीदें पुरानी तारीखों में काटी हुई मिलीं। दिनेश के एसबीआई और एचडीएफसी खातों की स्टेटमेंट देखने पर यह जानकारी सामने आई कि अभिभावकों द्वारा लंबे समय से फीस की रकम इन खातों में जमा कराई जा रही थी।

पुलिस जांच में भी करीब चार साल से इस तरह की गतिविधि होने की बात कही गई है।

रसीद रद्द कर पुरानी तारीख में दोबारा काटने का आरोप

स्कूल प्रबंधन की शिकायत में आरोप लगाया गया कि दिनेश फीस काउंटर पर अभिभावकों को रसीद देने के बाद उसे रद्द कर देता था। इसके बाद स्कूल के रिकॉर्ड में कथित फर्जीवाड़ा करते हुए उसी रकम की रसीद पिछली तारीख में काटी जाती थी।

एक अन्य तरीके के तहत भी फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, दैनिक फीस का मिलान होने के बाद स्कूल के अधिकारी चले जाते थे, जिसके बाद दिनेश रसीदों की क्रम संख्या में बदलाव किए बिना फीस की रसीदें काटता था।

इस तरह स्कूल के वास्तविक फीस रिकॉर्ड और अभिभावकों से प्राप्त रकम के बीच अंतर पैदा होने का आरोप है।

नकद फीस लेकर स्कूल में जमा नहीं कराने का आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ अभिभावकों से नकद फीस लेने के बाद रकम स्कूल में जमा नहीं कराई गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 से अगस्त 2026 तक इस तरीके से स्कूल की फीस में दो करोड़ रुपए से अधिक की हेराफेरी, जालसाजी, रसीदों में फर्जीवाड़ा और डिजिटल रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की गई।

हालांकि, पुलिस जांच में सीए की अंतरिम ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर 1.75 करोड़ रुपए के गबन की राशि सामने आने की बात कही गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अंतिम ऑडिट के बाद गबन की रकम की पूरी डिटेल स्पष्ट होगी।

पत्नी और भाई के खातों में रकम भेजने का आरोप

शिकायत में दिनेश की पत्नी साक्षी और भाई रविन्द्र को भी कथित साजिश में शामिल बताया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि 26 दिसंबर 2025 को एक अभिभावक ने बच्चे की 3,150 रुपए फीस साक्षी के खाते में यूपीआई के जरिए जमा की थी।

साक्षी के सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक खाते में भी अभिभावकों से फीस की रकम जमा कराने का आरोप लगाया गया है।

शिकायत में आरोप है कि दिनेश ने कथित गबन की रकम अपनी पत्नी साक्षी और भाई रविन्द्र के खातों में भेजी। इसी अवधि में दोनों भाइयों द्वारा अलग-अलग मकान बनाए जाने का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है। स्कूल प्रबंधन ने आरोप लगाया कि उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए इन मकानों के निर्माण में लगी रकम को भी जांच में शामिल किया जाना चाहिए।

सीए ऑडिट में 1 करोड़ 75 लाख 37 हजार की हेराफेरी का उल्लेख

मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने सीए फर्म मोंगिया सन्नी एसोसिएट को विशेष ऑडिट के लिए नियुक्त किया। पुलिस जांच रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल के बैंक खातों, लेखा सॉफ्टवेयर, फीस रसीदों और दिनेश के बैंक खातों की स्टेटमेंट के आधार पर विशेष ऑडिट किया गया।

अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार, दिनेश के दो बैंक खातों में अभिभावकों से फीस के रूप में कुल 1 करोड़ 18 लाख 32 हजार 605 रुपए जमा हुए। इनमें से केवल 19 लाख 07 हजार 537 रुपए स्कूल के खातों में जमा किए गए, जबकि 99 लाख 25 हजार 068 रुपए के गबन की बात सामने आई।

इसके अलावा 76 लाख 12 हजार रुपए नकद फीस के रूप में प्राप्त करके स्कूल के खातों में जमा नहीं कराने की बात जांच में कही गई है। इस तरह कुल करीब 1 करोड़ 75 लाख 37 हजार रुपए की हेराफेरी सामने आने का उल्लेख पुलिस रिपोर्ट में है।

हालांकि, अंतिम ऑडिट के बाद गबन की वास्तविक रकम का पूरा विवरण सामने आने की बात भी कही गई है।

2022-23 में अकेले 8.66 लाख रुपए का आरोप

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सत्र 2022-23 में दिनेश ने 8,66,000 रुपए फीस के रूप में प्राप्त की और बाद में संबंधित रसीदें रद्द कर रकम हड़पने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, अभिभावकों से फीस लेने, स्कूल में रकम जमा न कराने, पुरानी तारीखों में रसीदें काटने और कुछ फर्जी रसीद तैयार करने की प्रक्रिया में दिनेश, साक्षी और रविन्द्र की कथित मिलीभगत की जांच की जा रही है।

25 सितंबर की शिकायत पर 7 अक्टूबर को दर्ज हुआ केस

परिवाद की प्रारंभिक जांच पुलिस चौकी बल्ला के एएसआई धर्मेन्द्र ने की। जांच के लिए डीएसपी से अनुमति ली गई थी। इस दौरान शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। साथ ही बैंक रिकॉर्ड और सीए फर्म की विशेष ऑडिट रिपोर्ट हासिल की गई।

एएसआई धर्मेन्द्र ने बीती 28 सितंबर को अपनी जांच रिपोर्ट थाना मुनक के एसएचओ इंस्पेक्टर शीशपाल सिंह को दी।

रिपोर्ट में दिनेश, साक्षी और रविन्द्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 316(4), 318(4), 335, 336(3), 338, 340(2) और 61 के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच की आवश्यकता बताई गई।

डीएसपी की मंजूरी के बाद एफआईआर दर्ज

थाना मुनक के एसएचओ शीशपाल सिंह ने 28 सितंबर को रिपोर्ट आगे भेजी। असंध के डीएसपी गोरखपाल राणा ने मुकदमा दर्ज करने की मंजूरी दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक करनाल की स्वीकृति के आधार पर थाना मुनक में 7 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया गया।

अब एफआईआर की जांच एएसआई धर्मेंद्र को सौंपी गई है। पुलिस बैंक खातों, फीस रिकॉर्ड, डिजिटल रिकॉर्ड, रसीदों और ऑडिट दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच के दौरान कथित गबन की वास्तविक रकम और तीनों आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जाएगी।