...तो हार्ट अटैक से नहीं हुई नाना पाटेकर की मौत! अननेचुरल डेथ का केस दर्ज
नाना पाटेकर की मौत के मामले में गोवा पुलिस ने BNSS की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिस्थितियों की जांच जारी है।
➤ नाना पाटेकर की मौत के मामले में BNSS की धारा 194 के तहत दर्ज हुआ अप्राकृतिक मौत का केस
➤ पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौत की परिस्थितियों की जांच करेगी पुलिस, परिवार के सदस्यों के बयान भी होंगे दर्ज
➤ अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज होने का मतलब हत्या या साजिश की पुष्टि नहीं, जांच के बाद स्पष्ट होंगे कारण
बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर की मौत के मामले में गोवा पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 75 वर्षीय अभिनेता के निधन के बाद यह मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस अब मौत की परिस्थितियों, मेडिकल रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर तथ्यों की पड़ताल करेगी। इस घटनाक्रम के बाद अभिनेता की मौत के कारणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन फिलहाल किसी साजिश या आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं हुई है। अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज होना अपने आप में हत्या या किसी गड़बड़ी का प्रमाण नहीं है। जांच का उद्देश्य मौत के वास्तविक कारण और उससे जुड़ी परिस्थितियों को स्पष्ट करना है।
नाना पाटेकर का निधन गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को गोवा स्थित उनके आवास पर तबीयत बिगड़ने के बाद हुआ था। उन्हें डोना पाउला स्थित निवास से मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की ओर से पहले दी गई जानकारी में कार्डियक अरेस्ट का उल्लेख किया गया था। अब पुलिस की ओर से अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किए जाने के बाद मौत से जुड़े सभी पहलुओं की औपचारिक जांच की जा रही है।
गोवा पुलिस ने क्यों दर्ज किया अप्राकृतिक मौत का केस
गोवा के पणजी पुलिस थाने में नाना पाटेकर की मौत के मामले में BNSS की धारा 194 के तहत केस दर्ज किया गया है। इस प्रावधान के तहत पुलिस को ऐसी मौत की परिस्थितियों की जांच करने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का अधिकार है, जिसमें मौत के कारणों का पता लगाना जरूरी हो।
जांच के दौरान पुलिस पंचनामा तैयार करेगी और संबंधित मेडिकल दस्तावेजों का अध्ययन करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके अलावा, परिवार के सदस्यों और घटना से जुड़ी जानकारी रखने वाले अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं।
इस मामले की जांच पीएसआई नितिन नाईक कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस की ओर से ऐसा कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि अभिनेता की मौत किसी आपराधिक घटना या साजिश का परिणाम थी।
क्या हार्ट अटैक से नहीं हुई थी नाना पाटेकर की मौत
नाना पाटेकर की मौत के बाद सामने आई शुरुआती मेडिकल जानकारी में कार्डियक अरेस्ट का उल्लेख किया गया था। मणिपाल अस्पताल के डॉ. शेखर सालकर ने बताया था कि अभिनेता को अस्पताल लाया गया, तब वह मृत अवस्था में थे। डॉक्टर के अनुसार, उन्हें बचाने के प्रयास किए गए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली।
डॉ. सालकर ने यह भी बताया था कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार नाना पाटेकर हृदय रोग से संबंधित समस्या से जूझ रहे थे और दवाएं ले रहे थे।
अब पुलिस द्वारा अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि कार्डियक अरेस्ट की बात गलत साबित हो गई है। पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के निष्कर्षों के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बयानों से स्पष्ट होंगी परिस्थितियां
पुलिस जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही अस्पताल के रिकॉर्ड, घटना से संबंधित जानकारी और परिवार के सदस्यों के बयानों का भी अध्ययन किया जाएगा।
जांच एजेंसी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या किसी अतिरिक्त जांच या कानूनी कार्रवाई की जरूरत है। यदि जांच में मौत प्राकृतिक पाए जाने की पुष्टि होती है और किसी अन्य संदेह का आधार नहीं मिलता, तो नियमानुसार मामला बंद किया जा सकता है। वहीं, यदि कोई संदिग्ध परिस्थिति या अपराध से जुड़ा तथ्य सामने आता है, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल मामले में जांच जारी है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।
अंतिम संस्कार से पहले परिवार को सौंपा गया था पार्थिव शरीर
नाना पाटेकर का पोस्टमार्टम गुरुवार सुबह किया गया था। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सौंप दिया गया। अभिनेता का जन्म 1 जनवरी 1951 को हुआ था और उनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था।
उनके पिता गजानन (दिनकर) पाटेकर टेक्सटाइल पेंटर और व्यवसायी थे। नाना पाटेकर जब 28 वर्ष के थे, तब उनके पिता का निधन हो गया था। उनकी मां निर्मला पाटेकर, जिन्हें संजनाबाई पाटेकर के नाम से भी जाना जाता था, गृहिणी थीं। उनका निधन 29 जनवरी 2019 को 99 वर्ष की उम्र में हुआ था।
नाना पाटेकर के निधन से भारतीय फिल्म जगत ने एक अनुभवी अभिनेता को खो दिया है। अब उनकी मौत के मामले में पुलिस की जांच पूरी होने और संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद ही परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
Akhil Mahajan