हरियाणा दिवस पर सीएम ने लाडो लक्ष्मी योजना की पहली किस्त जारी की
हरियाणा दिवस पर मुख्यमंत्री ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की पहली किस्त जारी की। 5.22 लाख महिलाओं को 2100 रुपये की आर्थिक सहायता मिली। एप ने 1000 फर्जी आवेदकों को पकड़ा। सीएम ने पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली का भी शुभारंभ किया।
➤ दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की पहली किस्त जारी
➤ 5.22 लाख महिलाओं के खातों में पहुँचे 2100 रुपये
➤ सीएम ने शुरू की पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली
हरियाणा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने शनिवार को दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की पहली किस्त जारी की, जिसके तहत 5 लाख 22 हजार 162 पात्र बहन-बेटियों के बैंक खातों में 2100 रुपये की आर्थिक सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की गई। इस मौके पर सीएम ने पूरे प्रदेश में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली की भी शुरुआत की, जिससे सरकारी प्रक्रियाएं और पारदर्शी होंगी।
लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। सीएम ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे शनिवार को भी विशेष कैंप लगाकर पात्र महिलाओं के आवेदन स्वीकार करें, ताकि किसी पात्र लाभार्थी को वंचित न रहना पड़े। जिन महिलाओं का आवेदन अभी पूरा नहीं हुआ है, उन्हें अगले महीने योजना की दूसरी किस्त में शामिल किया जाएगा।
यह योजना भाजपा सरकार द्वारा विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे का हिस्सा है। हरियाणा सरकार ने 25 सितंबर को इसका मोबाइल एप लॉन्च किया था, जिसके ज़रिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई। पहले चरण में उन महिलाओं को लाभ दिया गया है जो तीन शर्तें पूरी करती हैं —
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परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये तक हो।
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महिला की आयु 23 वर्ष या उससे अधिक हो।
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अविवाहित महिला या विवाहित आवेदिका का पति 15 साल से हरियाणा का मूल निवासी हो।
इस योजना में एक परिवार की एक से अधिक महिलाएं भी लाभार्थी बन सकती हैं।
दूसरे चरण में एक लाख 40 हजार वार्षिक आय वाले परिवारों को शामिल किया जाएगा, जबकि तीसरे चरण में यह सीमा एक लाख 80 हजार और चौथे चरण में तीन लाख तक की जाएगी। दूसरे चरण की घोषणा 2026 के बजट में की जा सकती है।
फर्जीवाड़े की कोशिशें भी सामने आईं। सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अंत्योदय विभाग के अनुसार, एक हजार से अधिक पुरुषों ने महिला बनकर आवेदन करने की कोशिश की। लेकिन एप के लाइव फोटो और आधार सत्यापन फीचर ने इन्हें पकड़ लिया, जिसके बाद सभी फर्जी आवेदन निरस्त कर दिए गए। इसके अलावा लगभग डेढ़ हजार महिलाओं के बैंक खाते अपडेट न होने के कारण उन्हें पहली किस्त नहीं मिल पाई।
हरियाणा सरकार ने इस तरह की धांधली से बचने के लिए महाराष्ट्र की ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहना योजना’ से सबक लिया, जिसमें करीब 13 हजार पुरुषों ने महिला बनकर 24 करोड़ रुपये हड़प लिए थे। हरियाणा ने अपने एप में फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम जोड़ा है, जिससे भविष्य में फर्जी आवेदन रोके जा सकें। यदि कोई व्यक्ति धोखाधड़ी से राशि लेता है, तो उससे 12 प्रतिशत ब्याज के साथ वसूली की जाएगी।
गौरतलब है कि महिलाओं को वित्तीय सहायता देने में झारखंड आगे है, जहां “मुख्यमंत्री मइया सम्मान योजना” के तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिए जाते हैं। हरियाणा सरकार ने कहा कि वह भी अपनी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
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