कुरुक्षेत्र की SYL नहर में मगरमच्छ पकड़ने के लिए बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
कुरुक्षेत्र की SYL नहर में मगरमच्छ पकड़ने के लिए वाइल्ड लाइफ विभाग और गोताखोरों की टीम ने बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। नहर में 12 फीट लंबे मगरमच्छ समेत तीन मगरमच्छ होने की आशंका है।
कुरुक्षेत्र की SYL नहर में मगरमच्छ पकड़ने के लिए बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
नहर में 12 फीट लंबे मगरमच्छ समेत 3 मगरमच्छ होने की आशंका
पानी का लेवल घटने से वाइल्ड लाइफ टीम को सर्च में मिल रही मदद
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले से गुजर रही सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर में दिखाई दे रहे मगरमच्छों को पकड़ने के लिए बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है। वाइल्ड लाइफ विभाग और गोताखोर प्रगट सिंह की टीम संयुक्त रूप से बचगांव, दबखेड़ी और उदारसी गांव के आसपास सर्च अभियान चला रही है।
पिछले कई दिनों से नहर में लगातार मगरमच्छ दिखाई देने के बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने नहर किनारे जाना कम कर दिया है। वहीं पशुपालक भी पशुओं को पानी पिलाने के लिए नहर तक ले जाने से बच रहे हैं।
शनिवार को भी टीम ने मगरमच्छों को पकड़ने के लिए जाल लगाए थे, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद रविवार को फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। टीम को आशंका है कि नहर में तीन बड़े मगरमच्छ मौजूद हैं।
बताया जा रहा है कि इनमें से एक मगरमच्छ करीब 12 फीट लंबा है। इसके अलावा दो अन्य मगरमच्छ 6 फीट और 8 से 10 फीट लंबे बताए जा रहे हैं। बड़े मगरमच्छ की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
इन दिनों SYL नहर में पानी का बहाव काफी कम है। नहर की मरम्मत के चलते पानी का स्तर घटाकर करीब 3 से 4 फीट तक कर दिया गया है। इसी वजह से मगरमच्छों के छिपने की जगह सीमित हो गई है।
वाइल्ड लाइफ विभाग और गोताखोरों की टीम का मानना है कि पानी कम होने से मगरमच्छों को पकड़ने में आसानी होगी। कम पानी के कारण मगरमच्छ नहर से बाहर भी नहीं निकल पा रहे हैं, जिससे टीम लगातार नहर के अंदर निगरानी कर रही है।
पिछले सप्ताह भी दबखेड़ी-बचगांव इलाके में करीब 12 फीट लंबा मगरमच्छ देखा गया था। उस समय गोताखोर प्रगट सिंह और SDRF की टीम पिहोवा के लापता ट्रांसपोर्टर कुलदीप सिंह की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही थी।
मगरमच्छ को अचानक सामने देखकर टीम के सदस्य भी एक पल के लिए घबरा गए थे। हालांकि कुछ देर बाद मगरमच्छ पानी में उतर गया। इस दौरान गोताखोर प्रगट सिंह ने उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया था।
वीडियो सामने आने के बाद आसपास के गांवों में दहशत और बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो महीनों में कई बार मगरमच्छ नहर किनारे धूप सेंकते दिखाई दिए हैं। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने इसके फोटो और वीडियो भी बनाए थे।
गोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि बड़े मगरमच्छ को पानी में पकड़ना बेहद जोखिम भरा काम होता है। बिना पूरी तैयारी के ऑपरेशन करना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि मगरमच्छ अचानक हमला कर सकता है, इसलिए पहले नहर में मजबूत जाल लगाए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बड़ा मगरमच्छ ताकतवर होता है और जाल फाड़ने की क्षमता भी रखता है। इसी कारण टीम पूरी सावधानी और रणनीति के साथ ऑपरेशन चला रही है।
pooja