NIT कुरुक्षेत्र में छात्रा की मौत का मामला: 6 घंटे हंगामा… फिर अचानक छुट्टियां! क्या दबाया जा रहा मामला

NIT कुरुक्षेत्र में छात्रा की मौत के बाद छात्रों ने 6 घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासन ने 17 अप्रैल से 4 मई तक छुट्टियां घोषित कर दीं और छात्रों को घर भेज दिया।

NIT कुरुक्षेत्र में छात्रा की मौत का मामला: 6 घंटे हंगामा… फिर अचानक छुट्टियां! क्या दबाया जा रहा मामला

छात्रा की मौत के बाद NIT कुरुक्षेत्र में रातभर हंगामा, 6 घंटे चला धरना
प्रोफेसर पर कार्रवाई की मांग, छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रशासन ने 17 अप्रैल से 4 मई तक छुट्टियां घोषित कीं


हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित NIT (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) में बीटेक छात्रा दीक्षा की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुरुवार देर रात तक करीब 6 घंटे तक छात्रों का धरना-प्रदर्शन चला, जिसके बाद शुक्रवार सुबह प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए संस्थान में छुट्टियां घोषित कर दीं।

कॉलेज प्रशासन की ओर से नोटिस जारी कर 17 अप्रैल से 4 मई तक अवकाश घोषित किया गया। इसके बाद छात्र-छात्राएं अपना सामान लेकर कैंपस छोड़कर घरों की ओर रवाना होने लगे।


रात 3 बजे तक चला हंगामा, पुलिस बुलानी पड़ी

घटना के बाद गुस्साए छात्रों ने कैंपस में जोरदार प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने मेन गेट बंद कर दिया और पुलिस को बुलाना पड़ा।

मौके पर DSP सुनील कुमार, निर्मल सिंह और रामकुमार पहुंचे और छात्रों को शांत करने की कोशिश की। लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और “वी वांट जस्टिस” के नारे लगाते रहे।


प्रोफेसर पर गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग

छात्रों का आरोप है कि एक प्रोफेसर ने छात्रा को कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने मांग की कि संबंधित प्रोफेसर और स्पोर्ट्स इंचार्ज शहाबुद्दीन पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

छात्रों ने यह भी कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। डायरेक्टर प्रो. ब्रह्मजीत ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया कि मांगों पर उसी दिन विचार किया जाएगा, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।


प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

छात्रों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद वार्डन ने समय पर गेट नहीं खोला और हेल्थ टीम ने बिना जांच के ही छात्रा को मृत घोषित कर दिया।

इसके अलावा, छात्रों का कहना है कि कैंपस में पिछले 2 महीनों में 4 छात्र मौत के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।


CBI जांच की मांग, जबरन घर भेजने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि छुट्टियां घोषित कर उन्हें जबरदस्ती घर भेजा जा रहा है, ताकि मामला दबाया जा सके।

छात्रों ने कहा कि वे अपनी दोस्त को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अगर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन करेंगे।