सूरज हत्याकांड का आरोपी रिमांड पर बोला- भाई की मौत का बदला लिया; दो अवैध पिस्टल बरामद
करनाल के सूरज हत्याकांड में बड़ा खुलासा, आरोपी ने भाई की मौत का बदला लेने की बात कबूली। दो अवैध पिस्टल बरामद, परिजनों ने जाम लगाकर कार्रवाई की मांग की।
➤ करनाल में सूरज हत्याकांड का बड़ा खुलासा, बदले की भावना से की गई हत्या
➤ मुख्य आरोपी कुलदीप रिमांड पर, दो अवैध पिस्टल बरामद
➤ परिजनों का सड़क जाम, एनकाउंटर और मुआवजे की मांग तेज
करनाल जिले के गोंदर गांव में युवक सूरज हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में खुद को कोर्ट में पेश करने वाला मुख्य आरोपी अब पुलिस रिमांड पर है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि यह हत्या पुरानी रंजिश और बदले की भावना से की गई थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हथियार भी बरामद किए हैं और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
निसिंग थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के अनुसार, मुख्य आरोपी कुलदीप को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपने भाई कपिल की हत्या का बदला लेने के लिए साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने कुलदीप के पास से दो अवैध पिस्टल भी बरामद की हैं। अब पुलिस उससे अन्य साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
इस पूरे मामले में एसपी करनाल के निर्देश पर सीआईए और निसिंग पुलिस की पांच टीमें अलग-अलग जगहों पर लगातार दबिश दे रही हैं, ताकि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
घटना के बारे में मृतक के भाई शुभम ने बताया कि 18 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे सूरज बाइक लेकर गांव में किसी काम से गया था। करीब 6:30 बजे सूचना मिली कि गोंदर चौक से गांव की ओर आने वाली गली में लाला सुमेर चंद की दुकान के पास सूरज को गोली मार दी गई है।
जब परिजन मौके पर पहुंचे तो वहां कई गोलियां चलने के सबूत मिले। शिकायत के अनुसार, गुरप्रीत, कुलदीप, अनुराग, विक्रम और मोनू ने अपने साथियों के साथ मिलकर साजिश के तहत सूरज पर फायरिंग की। बताया जा रहा है कि तीन बदमाश एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर वारदात को अंजाम देने के बाद गांव डाचर की ओर फरार हो गए, जबकि अन्य आरोपी गांव में ही छिप गए।
परिजनों के अनुसार, वर्ष 2019 में गांव में हुए एक झगड़े में कपिल नामक युवक की हत्या हुई थी, जिसमें सूरज का नाम भी सामने आया था। इस मामले में सूरज सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सूरज करीब 8 महीने पहले जमानत पर बाहर आया था। इसी पुरानी रंजिश के चलते उसकी हत्या कर दी गई।
घटना के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव को गांव लाकर देर रात रखा और अगले दिन निसिंग के गुरुद्वारा चौक पर कैथल रोड जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस और डीएसपी गोरखपाल राणा ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे।
मृतक के पिता कर्मबीर सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुराने केस के आरोपियों को प्रशासन ने हथियारों के लाइसेंस दे रखे हैं, जिससे गांव में दहशत का माहौल है। उन्होंने मांग की कि आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए।
परिजनों ने परिवार की सुरक्षा, बच्चों को जान से मारने की धमकियों से बचाने के लिए हथियार लाइसेंस, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपए मुआवजा देने की भी मांग की है। पुलिस प्रशासन ने परिजनों को उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
Akhil Mahajan