‘राजा की जान तोते में होती है’ CJP का PM मोदी पर निशाना

दिल्ली में CJP का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और हिरासत की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

‘राजा की जान तोते में होती है’ CJP का PM मोदी पर निशाना

➤ आशुतोष रांका ने PM मोदी और अमित शाह पर लगाए गंभीर आरोप, बीजेपी पर इमरजेंसी से भी बदतर हालात बनाने का दावा

➤ ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन जारी, छात्र संगठनों के कई कार्यकर्ता हिरासत में

➤ केजरीवाल, ममता बनर्जी, माणिक सरकार और पिनारयी विजयन के समर्थन की रांका ने की सराहना


नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। रविवार को रिहाई के बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, “राजा की जान तोते में होती है।” उन्होंने केंद्र सरकार पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और लोकतांत्रिक विरोध को दबाने के आरोप लगाए। रांका ने दावा किया कि पिछले 72 घंटों में देशभर में हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया और मौजूदा हालात ने भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, उनके बयान में ‘राजा’ और ‘तोते’ से उनका सटीक आशय स्पष्ट नहीं किया गया, इसलिए इस टिप्पणी का किसी व्यक्ति या संस्था से सीधा संबंध जोड़ना उचित नहीं होगा।

‘राजा की जान तोते में होती है’, PM मोदी पर रांका का निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आशुतोष रांका की टिप्पणी “राजा की जान तोते में होती है” चर्चा का विषय बनी। रांका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए केंद्र सरकार की नीतियों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए ऐसे कदम उठाए हैं, जिनसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिक अधिकारों को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।

हालांकि, उपलब्ध बयान में रांका ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस मुहावरे में ‘राजा’ और ‘तोते’ के जरिए वह किसका संकेत दे रहे थे। इसलिए उनकी टिप्पणी का अर्थ उनके राजनीतिक निशाने और सरकार पर लगाए गए आरोपों के संदर्भ में ही समझा जाना चाहिए।

फ्लाइट से उतरते ही हिरासत में लेने का आरोप

CJP नेताओं ने आरोप लगाया कि शनिवार को आशुतोष रांका, अभिजीत दीपके और सौरव दास को फ्लाइट से उतरने के बाद हिरासत में लिया गया। रांका ने दावा किया कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों को उठाया गया और उनके साथ मारपीट हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में हालात बेहद खराब कर दिए गए हैं।

रांका ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 72 घंटों में देशभर में हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया। उनके मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। ये आरोप CJP नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।

करीब 23 घंटे बाद रिहा हुए तीनों नेता

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास करीब 23 घंटे हिरासत में रहने के बाद रविवार सुबह 10 बजे रिहा हुए। अभिजीत दीपके अपनी दादी के निधन के कारण महाराष्ट्र स्थित अपने घर रवाना हो गए।

रिहाई के बाद सौरव दास ने आरोप लगाया कि दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और प्रदर्शनकारियों की गलत छवि पेश की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश में इमरजेंसी जैसे हालात हैं और सरकार अपने ही नागरिकों के खिलाफ जंग लड़ रही है। दास ने यह भी कहा कि आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे देश के अन्य हिस्सों तक ले जाया जाएगा।

केजरीवाल, ममता बनर्जी और विजयन का जताया आभार

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशुतोष रांका ने पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, माणिक सरकार और पिनारयी विजयन के समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया, जिसके लिए CJP उनके प्रति आभारी है।

रांका ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी राजनीतिक दल और विभिन्न संगठन छात्रों तथा युवाओं के साथ मिलकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि रविवार को भी CJP के कई साथियों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। उन्होंने SFI की पूरी टीम को हिरासत में लिए जाने तथा पिछले कुछ दिनों में AISF के सदस्यों के साथ भी कथित कार्रवाई होने की बात कही।

जंतर-मंतर जा रहे छात्र संगठनों के कार्यकर्ता हिरासत में

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन के बीच SFI, AISA और अन्य छात्र संगठनों के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि कनॉट प्लेस और राजीव चौक से जंतर-मंतर की ओर जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। SFI कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर मारपीट का आरोप भी लगाया है।

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने कहा कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और पुलिस शांति बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट को लेकर कही यह बात

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के आभारी हैं। उनके मुताबिक, लोगों को भरोसा हो गया है कि उन्हें न्याय सुप्रीम कोर्ट से ही मिलेगा।

फिलहाल दिल्ली में CJP और छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में होने की बात कही है। आने वाले समय में आंदोलन का विस्तार और इस पर प्रशासन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।