दिल्ली में CJP का फिर प्रदर्शन का ऐलान, हिरासत में लिए गए अधिकांश लोग रिहा; रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर कूच
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए अन्य लोग रिहा हुए। पार्टी ने रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर कूच का ऐलान किया, मेट्रो सेवाएं सामान्य हुईं।
➤ CJP ने रविवार सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर कूच करने का किया ऐलान
➤ दिल्ली पुलिस के मुताबिक, CJP नेताओं को छोड़कर हिरासत में लिए गए अन्य लोगों को रिहा किया गया
➤ प्रदर्शन के चलते बंद किए गए दिल्ली मेट्रो के सभी एंट्री-एग्जिट गेट दोबारा खोले गए
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में शनिवार को दिनभर हलचल बनी रही। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। देर शाम दिल्ली पुलिस ने बताया कि CJP नेताओं को छोड़कर हिरासत में लिए गए अन्य लोगों को रिहा कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, CJP नेताओं की रिहाई से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया बाकी थी। इस बीच, पार्टी ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान करते हुए रविवार सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर कूच करने की घोषणा की है। प्रदर्शन के कारण शनिवार को बंद किए गए दिल्ली मेट्रो के सभी एंट्री और एग्जिट गेट भी रात तक खोल दिए गए। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के अनुसार, मेट्रो सेवाएं सामान्य हो गई हैं। रविवार को दोबारा प्रदर्शन की घोषणा के बाद सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है।
रविवार सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर कूच की तैयारी
CJP ने शनिवार को हुए घटनाक्रम के बावजूद आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। पार्टी की ओर से रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर की तरफ फिर कूच करने का ऐलान किया गया है। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाए गए सवाल हैं।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, रविवार को भी सुरक्षा व्यवस्था शनिवार की तरह रखे जाने की तैयारी है। हालांकि, मेट्रो और अन्य परिवहन सेवाओं को लेकर आगे क्या व्यवस्था रहेगी, इस संबंध में स्थिति की समीक्षा की जानी थी। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने यातायात संबंधी एडवाइजरी भी जारी की है।
CJP नेताओं को छोड़कर अन्य हिरासत में लिए गए लोग रिहा
दिल्ली पुलिस ने शनिवार रात बताया कि प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों में से CJP नेताओं को छोड़कर अन्य लोगों को रिहा कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, पार्टी के कुछ नेताओं के संबंध में कानूनी प्रक्रिया पूरी होना बाकी थी।
इससे पहले CJP ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि उसके संयोजक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को हिरासत में लिए जाने के कई घंटे बाद तक उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। पार्टी ने उनकी स्थिति और उन्हें कहां रखा गया है, इस बारे में जानकारी नहीं मिलने पर सवाल उठाए थे।
प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, पुलिस और प्रदर्शनकारी पक्ष के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
दिल्ली मेट्रो के सभी एंट्री-एग्जिट गेट खोले गए
प्रदर्शन के मद्देनजर शनिवार को दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद किए गए थे। रात करीब 10:13 बजे सामने आई जानकारी के अनुसार, सभी बंद गेट दोबारा खोल दिए गए और मेट्रो सेवाएं सामान्य हो गईं।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने भी इस संबंध में जानकारी दी। इससे यात्रियों को राहत मिली। हालांकि, रविवार को फिर प्रदर्शन होने की घोषणा के बाद सुरक्षा व्यवस्था और संभावित यातायात बदलावों पर नजर रखी जा रही है।
मुंबई में भी प्रदर्शन, करीब 600 लोग हिरासत में लिए गए
CJP के समर्थन में मुंबई के अलग-अलग इलाकों में भी प्रदर्शन हुए। रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान करीब 600 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
नाना चौक पर लगभग 400 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। वहां सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। पुलिस के अनुसार, मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी और आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा था।
मनोज जरांगे ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने CJP के समर्थन में दिल्ली और मुंबई में प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ बल प्रयोग किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असहमति की आवाज को दबाने और लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की कोशिश कर रही है।
जरांगे ने CJP संयोजक अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने की भी आलोचना की। जालना में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों, युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए। ये बयान जरांगे के आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आए हैं।
कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने भी सरकार पर साधा निशाना
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दिल्ली में हुए घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि जन आंदोलनों और कांग्रेस के विरोध से भाजपा सरकार विचलित हो रही है।
जूली ने सरकार की कथित दमनकारी नीति और युवा विरोधी रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना महात्मा गांधी के नेतृत्व में हुए अहिंसक स्वतंत्रता आंदोलन से भी की। यह उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया थी।
सुप्रीम कोर्ट में मेट्रो स्टेशन बंद करने के मामले पर सुनवाई
दिल्ली में प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित बताई गई। रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई रविवार को जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने होनी थी।
याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि अदालत के आदेश के बावजूद मेट्रो स्टेशन और सड़क परिवहन बाधित किए गए। कुछ वकीलों को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा भी सुनवाई के दौरान उठाए जाने की संभावना जताई गई थी।
फिलहाल, दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं, पुलिस की कार्रवाई और यातायात व्यवस्था चर्चा के केंद्र में हैं। रविवार सुबह 10 बजे प्रस्तावित जंतर-मंतर कूच के मद्देनजर पुलिस की तैयारियों और प्रशासनिक फैसलों पर नजर रहेगी।
Akhil Mahajan