हिसार में 80 गांवों की 62 हजार एकड़ फसल बर्बाद, मानसून ने तोड़ा रिकॉर्ड

हिसार में लगातार पांच दिन से बारिश के चलते हालात गंभीर हो गए हैं। आठ ड्रेन टूट चुकी हैं, गांवों में पानी घुस गया है, 80 गांवों की 62 हजार एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है और हांसी में सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

हिसार में 80 गांवों की 62 हजार एकड़ फसल बर्बाद, मानसून ने तोड़ा रिकॉर्ड
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➤ हिसार में लगातार 5 दिन से बारिश, कई ड्रेन टूटे, गांवों में जलभराव
➤ हांसी में सभी सरकारी-प्राइवेट स्कूल बंद, 30 प्रभावित स्कूलों में छुट्टी घोषित
➤ 80 गांवों की 62 हजार एकड़ फसल बर्बाद, हजारों लोग पलायन को मजबूर

हिसार में लगातार पांच दिन से हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बुधवार सुबह हुई बारिश के चलते शहर के डोगरान मोहल्ले में कबीर चौक के पास पार्क में पेड़ गिरने से एक महिला घायल हो गई। वहीं गांव कैमरी में ड्रेन टूटने से सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। अब तक हिसार में आठ ड्रेन टूट चुकी हैं, जिनमें बालसमंद की बासड़ा, गांव घिराय, टोकस-पातन, मात्रश्याम, दौलतपुर, न्योलीकलां, शाहपुर और लुदास के पास की ड्रेनेज शामिल हैं।

लगातार बारिश के कारण गांवों के रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। आर्यनगर और मिर्जापुर में घुटनों तक पानी खड़ा है, जिसके चलते 100 से अधिक परिवारों को पलायन करना पड़ा है। कई जगह ड्रेनेज ओवरफ्लो हो चुके हैं और पानी घरों तक पहुंच गया है।

हांसी में जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद कर दिए हैं। इसके साथ ही 30 जलभराव प्रभावित स्कूलों में भी अगले दो दिन की छुट्टी घोषित की गई है।

उकलाना के गांव बिठमड़ा में हिसार-टोहाना रोड पर करीब डेढ़ किलोमीटर तक पानी भर गया है। वाहन चालक इसी पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। गांव के बाहरी हिस्से और मकानों में भी बरसाती पानी घुस गया है।

मानसून इस बार सामान्य से 67 प्रतिशत अधिक रहा है, जिससे 180 गांव पानी में डूब चुके हैं। मंगलवार को गांधी चौक के पास 150 साल पुरानी अंग्रेजों के जमाने की इमारत गिर गई, हालांकि एक बच्चा बाल-बाल बच गया। वहीं नारनौंद के कौथ कला गांव में मकान गिरने से एक महिला की मौत और चार लोग घायल हो गए। इसी तरह मिर्जापुर रोड पर हाईटेंशन लाइन गिरने से तीन युवकों की मौत हो गई।

बारिश से अब तक 80 गांवों की 62 हजार एकड़ से ज्यादा फसल बर्बाद हो चुकी है। इसके अलावा हिसार-चंडीगढ़ और कोटपुतली-बठिंडा नेशनल हाईवे जलमग्न हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है।