हरियाणा में मौसम के दो रंग! दिन में 31.6°C, रात में पारा 14°C
हरियाणा में दिन का तापमान 31.6°C पहुंचा, जबकि नारनौल में रात का पारा 14.0°C रहा। मौसम शुष्क रहने का अनुमान, किसानों को रबी फसलों की बिजाई की सलाह।
हरियाणा में दिन-रात के तापमान में दोगुना अंतर, दिन में बढ़ी गर्मी
➤ हिसार 31.6°C के साथ प्रदेश में सबसे गर्म, नारनौल 14.0°C पर सबसे ठंडा
➤ मौसम विभाग ने साफ और शुष्क मौसम का जताया अनुमान, किसानों को रबी फसलों की बिजाई की सलाह
हिसार। हरियाणा में हवाओं की दिशा बदलते ही मौसम का मिजाज भी बदल गया है। प्रदेश में पश्चिमी हवाएं चलने से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि रात के तापमान में गिरावट आने से सुबह और शाम ठंड का अहसास बढ़ने लगा है। तापमान के आंकड़ों में दिन और रात के बीच करीब दोगुना अंतर देखने को मिला है। प्रदेश में हिसार 31.6°C अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि नारनौल में न्यूनतम तापमान 14.0°C दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा।
मौसम में आए इस बदलाव के बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में प्रदेशभर में मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना जताई है। हालांकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक बनी रहेगी। ऐसे में दिन के समय गर्मी और रात के समय ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है।
हिसार में 31.6 डिग्री पहुंचा पारा, फरीदाबाद और चंडीगढ़ भी गर्म
प्रदेश में दिन के तापमान में बढ़ोतरी के चलते कई शहरों में अधिकतम पारा 30 डिग्री के पार पहुंच गया है। हिसार में अधिकतम तापमान 31.6°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा फरीदाबाद में 30.4°C, चंडीगढ़ में 30.3°C और चरखी दादरी में 30.3°C तापमान दर्ज किया गया।
दिन के समय धूप और बढ़ते तापमान के कारण गर्मी का असर महसूस किया गया। वहीं रात होते ही तापमान में गिरावट आने से मौसम का मिजाज बदल रहा है। यही वजह है कि दिन और रात के मौसम में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है।
नारनौल में रात सबसे ठंडी, भिवानी और गुरुग्राम में भी गिरा पारा
रात के तापमान की बात करें तो नारनौल प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 14.0°C दर्ज किया गया। इसके अलावा भिवानी में न्यूनतम पारा 14.5°C, गुरुग्राम में 14.9°C और पंचकूला में 15.5°C रिकॉर्ड किया गया।
इन आंकड़ों से साफ है कि दिन के मुकाबले रात के तापमान में गिरावट बनी हुई है। सुबह के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है, जबकि शाम ढलने के बाद भी मौसम में ठंडक बढ़ रही है।
बंगाल की खाड़ी से पहुंची नमी वाली हवाओं ने बदला मौसम का मिजाज
चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी की तरफ से नमी वाली हवाएं हरियाणा पहुंचीं।
इसके प्रभाव से 31 अक्टूबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना बनी हुई थी। नमी वाली हवाओं के कारण सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक बढ़ेगी, जबकि रात के तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश में फिलहाल बारिश की गतिविधियों के बजाय साफ मौसम बना रहने का अनुमान है।
किसानों को रबी फसलों की बिजाई शुरू करने की सलाह, सरसों और चने पर विशेष जोर
मौसम में बदलाव के बीच किसानों के लिए कृषि सलाह भी जारी की गई है। किसानों को खेतों में उपलब्ध नमी के अनुसार रबी फसलों की बिजाई शुरू करने की सलाह दी गई है। खासतौर पर सरसों, चना, जई और बरसीम की बुवाई के लिए यह समय उपयुक्त बताया गया है।
सरसों की इन उन्नत किस्मों की करें बुवाई
कृषि सलाह के अनुसार, जिन खेतों में पर्याप्त नमी मौजूद है, वहां किसान सरसों की RH 30 और RH 0749 जैसी उन्नत किस्मों की बिजाई कर सकते हैं। बुवाई से पहले बीजों को 2 ग्राम कार्बेंडाजिम प्रति किग्रा की दर से उपचारित करना जरूरी है। इससे बीजों का उचित उपचार हो सकेगा।
चने के साथ जई और बरसीम की बिजाई का सही समय
किसानों को चने की C 235 और HC 5 किस्मों की बुवाई शुरू करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा पशुओं के चारे के लिए जई और बरसीम की बिजाई का भी यह उपयुक्त समय है। किसान मौसम और खेतों की नमी को ध्यान में रखकर इन फसलों की बुवाई कर सकते हैं।
धान की कटाई से पहले बंद करें सिंचाई, ओस सूखने पर करें कपास की चुगाई
कृषि सलाह में धान और कपास की फसल को लेकर भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं। धान की कटाई से 2 हफ्ते पहले सिंचाई पूरी तरह बंद कर देनी चाहिए। वहीं कपास की चुगाई सुबह के समय ओस सूखने के बाद ही करनी चाहिए।
पराली जलाने से बचें किसान, खेत की उर्वरता बनाए रखने की अपील
किसानों को फसल अवशेष यानी पराली नहीं जलाने की सलाह दी गई है। पराली जलाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। साथ ही खेत की उर्वरता बनाए रखने के लिए भी पराली जलाने से बचना जरूरी है।
Akhil Mahajan