दिवाली से पहले आज रवि पुष्य योग, सोना-चांदी से लेकर घर और गाड़ी खरीदने तक मिलेगा शुभ मुहूर्त

1 नवंबर को रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। जानिए सोना, चांदी, वाहन, मकान खरीदने के शुभ मुहूर्त और सूर्य पूजा का महत्व।

दिवाली से पहले आज रवि पुष्य योग, सोना-चांदी से लेकर घर और गाड़ी खरीदने तक मिलेगा शुभ मुहूर्त

➤ 1 नवंबर, रविवार को बनेगा रवि पुष्य नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग

➤ सोना-चांदी, वाहन, मकान और प्लॉट खरीदने के लिए शुभ माना गया है यह दिन

➤ सुबह 6:33 बजे से शुरू होगा रवि पुष्य योग, 2 नवंबर सुबह 4:30 बजे तक रहेगा


नई दिल्ली। दीपावली से पहले खरीदारी और नए काम की शुरुआत करने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए 1 नवंबर का दिन खास रहने वाला है। रविवार को रवि पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को समृद्धि, स्थिरता और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन सोना-चांदी, आभूषण, वाहन, मकान, प्लॉट और व्यापार से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। खास बात यह है कि इस बार रवि पुष्य के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग और भानु सप्तमी का संयोग भी बन रहा है। ऐसे में दीपावली की खरीदारी के साथ घर में नए सामान लाने, कारोबार शुरू करने और धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए भी यह दिन विशेष महत्व रखता है।

कब से कब तक रहेगा रवि पुष्य नक्षत्र

पंचांग संबंधी गणनाओं के अनुसार, 1 नवंबर 2026 को सुबह करीब 5:39 बजे पुष्य नक्षत्र शुरू होगा, जो 2 नवंबर की सुबह करीब 4:30 बजे तक रहेगा। रविवार को सूर्योदय के बाद पुष्य नक्षत्र का संयोग बनने से रवि पुष्य योग बनेगा।

नई दिल्ली के सूर्योदय के आधार पर रवि पुष्य योग 1 नवंबर सुबह 6:33 बजे से 2 नवंबर सुबह 4:30 बजे तक रहेगा। इसी अवधि में सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा।

सोना-चांदी और ज्वेलरी खरीदने के लिए शुभ समय

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, पुष्य नक्षत्र में सोना, चांदी और आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में खरीदी गई मूल्यवान वस्तुएं समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक होती हैं।

इस दिन लोग सोने के सिक्के, चांदी के सिक्के, आभूषण और घरेलू उपयोग की अन्य मूल्यवान वस्तुएं खरीद सकते हैं। दिवाली के लिए ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी यह अवसर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

घर, प्लॉट और गाड़ी खरीदने के लिए क्या है मान्यता

रवि पुष्य नक्षत्र में केवल सोना-चांदी ही नहीं, बल्कि मकान, जमीन, प्लॉट और वाहन खरीदना भी शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, पुष्य नक्षत्र स्थिरता और दीर्घकालिक समृद्धि का प्रतीक है।

यदि कोई व्यक्ति नया घर या प्लॉट खरीदने की योजना बना रहा है तो इस दिन बुकिंग या खरीदारी की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इसी तरह नई गाड़ी की डिलीवरी लेने और कारोबार से जुड़ी नई शुरुआत करने के लिए भी इस योग को महत्वपूर्ण माना गया है।

ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, यदि वाहन की डिलीवरी शाम को लेनी है तो सूर्यास्त से पहले लेना बेहतर रहेगा। घर और प्लॉट की बुकिंग तथा नए काम की शुरुआत भी सूर्यास्त से पहले करने की सलाह दी गई है।

1 नवंबर के प्रमुख शुभ मुहूर्त

उपलब्ध पंचांग गणनाओं के अनुसार, 1 नवंबर के प्रमुख शुभ समय इस प्रकार हैं।

शुभ मुहूर्त

समय

रवि पुष्य योग

सुबह 6:33 से अगले दिन सुबह 4:30 बजे तक

सर्वार्थ सिद्धि योग

सुबह 6:33 से अगले दिन सुबह 4:30 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त

सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त

शाम 5:36 से 6:02 बजे तक

नोट: मुहूर्त की गणना स्थान और पंचांग के अनुसार कुछ मिनट अलग हो सकती है। मकान, वाहन या अन्य महत्वपूर्ण खरीदारी से पहले स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि कर लें।

रवि पुष्य नक्षत्र पर करें सूर्यदेव की पूजा

1 नवंबर को रवि पुष्य नक्षत्र के साथ सप्तमी तिथि का भी संयोग रहेगा। रविवार और सप्तमी का मेल होने से इस दिन भानु सप्तमी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सूर्यदेव की पूजा और अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल लेकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय ऊं सूर्याय नमः मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके अलावा जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करना भी शुभ माना गया है।

घर और दुकान में करें लक्ष्मी-गणेश का पूजन

दीपावली की तैयारियों के बीच इस दिन घर और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी-गणेश की पूजा भी की जा सकती है। व्यापारी वर्ग नए बहीखाते शुरू करने और कारोबार से जुड़े जरूरी सामान की खरीदारी करने को प्राथमिकता देता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रवि पुष्य नक्षत्र में किए गए शुभ कार्यों से सुख-समृद्धि और सफलता की कामना की जाती है। हालांकि, ये सभी बातें ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं।