सर्द हुई हरियाणा की रातें, दिन हुए गर्म
हरियाणा में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट जारी। अक्टूबर में औसत से 649 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। मौसम रबी फसलों की बुआई के लिए उपयुक्त, सरसों, चना और गेहूं की बुआई की सलाह।
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हरियाणा में उत्तर-पश्चिमी हवाओं से तापमान लगातार चौथे दिन गिरा
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बारिश के कारण अक्टूबर में औसत से 649 प्रतिशत अधिक बारिश हुई
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मौसम रबी की फसलों की बुआई के लिए उपयुक्त, सरसों, चना और गेहूं की सिफारिश
हरियाणा में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से तापमान में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई है। इस वजह से हिसार, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद में तापमान लगभग 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दोपहर के समय 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री तक कम रह सकता है।
प्रदेश में पिछले 9 दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण करीब 30 एमएम बारिश हुई है, जबकि आमतौर पर इस अवधि में केवल 4 एमएम बारिश होती है। इस हिसाब से बारिश की मात्रा 649 प्रतिशत अधिक रही। इससे पहले अक्टूबर 2004 में पूरे महीने में 58.4 एमएम बारिश दर्ज हुई थी।
बारिश और ठंड के कारण अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है। शनिवार को महेंद्रगढ़ की रात सबसे ठंडी रही, जहां न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री दर्ज किया गया। रात के समय ठंडक बढ़ने से कई लोगों ने कूलर और एसी बंद कर दिए।
रबी की फसलों के लिए मौसम अनुकूल
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ आगे जाने के बाद 14 अक्टूबर तक मौसम खुश्क रहने की संभावना है। दिन में धूप और रात में ठंडक के कारण यह मौसम रबी फसलों की बुआई के लिए उपयुक्त है। किसानों को इस समय सरसों, चना और गेहूं की बुआई करने की सलाह दी जा रही है।
अन्य जिलों में भी तापमान में गिरावट
प्रदेश के उत्तरी, पूर्वी और अन्य जिलों में रात के तापमान में गिरावट जारी है। पंजाब से सटे क्षेत्रों में भी मौसम सामान्य है। उदाहरण के तौर पर, सिरसा का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18.8 डिग्री है। वहीं फतेहाबाद में अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री और न्यूनतम 20.1 डिग्री दर्ज किया गया।
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