हरियाणा में सस्पेंड 6 पटवारियों में से 5 की बहाली, आंदोलन खत्म; कल से काम पर लौटेंगे कर्मचारी
हरियाणा में निलंबित 6 पटवारियों में से 5 की बहाली के बाद प्रदेशव्यापी आंदोलन समाप्त हो गया। भिवानी के पटवारी की बहाली प्रक्रिया जारी है।
➤ प्रदेश सरकार ने 6 में से 5 निलंबित पटवारियों को किया बहाल
➤ बहाली के आदेश मिलते ही प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन समाप्त
➤ भिवानी के पटवारी की बहाली प्रक्रिया जारी, वीरवार तक फैसला संभव
हरियाणा में छह पटवारियों के निलंबन के विरोध में बीते चार दिनों से चल रहा प्रदेशव्यापी आंदोलन बुधवार को समाप्त हो गया। सरकार द्वारा बड़ा फैसला लेते हुए 6 में से 5 पटवारियों की बहाली कर दी गई है। बहाली के आदेश जारी होते ही द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
सोनीपत सहित प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर चल रहे धरने तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिए गए। बहाल किए गए सभी पटवारियों को गुरुवार से ड्यूटी जॉइन करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, भिवानी जिले के एक पटवारी की बहाली की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, जिसे लेकर संगठन को वीरवार तक सकारात्मक निर्णय का आश्वासन मिला है।
चार दिन तक सभी जिला मुख्यालयों पर चला आंदोलन
6 पटवारियों के निलंबन के विरोध में हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर लगातार चार दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया गया। सोनीपत के मिनी सचिवालय के सामने भी सुबह से शाम तक धरना चलता रहा, जिसमें बड़ी संख्या में पटवारी और कानूनगो शामिल हुए।
बुधवार को भी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक धरना जारी था, लेकिन जैसे ही राज्य स्तरीय कमेटी से 5 पटवारियों की बहाली के आदेश मिलने की सूचना मिली, उसी समय आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
भिवानी पटवारी को लेकर मिला सरकार से आश्वासन
निलंबित पटवारियों में भिवानी जिले के कृष्ण पटवारी की बहाली को लेकर सरकार ने संगठन को भरोसा दिलाया है कि वीरवार तक उसकी बहाली भी कर दी जाएगी। इसी आश्वासन के आधार पर संगठन ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
संसाधनों की कमी का मुद्दा रहा प्रमुख
आंदोलन के दौरान पटवारी संगठन ने बार-बार यह मुद्दा उठाया कि गिरदावरी और फसल खराबा वेरिफिकेशन का कार्य बिना सरकारी टैबलेट के कराया जा रहा है। मजबूरी में पटवारी अपने निजी मोबाइल फोन से काम करते हैं और सीमित संसाधनों में जिम्मेदारियां निभाते हैं, जिसके बावजूद कार्रवाई की जाती है।
निलंबन रद्द कराने की पूरी टाइमलाइन
पटवारी संगठन के अनुसार मामले को लेकर 15 जनवरी 2026 को जींद में राज्य कार्यकारिणी की बैठक हुई थी।
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29 जनवरी तक सरकार को अल्टीमेटम दिया गया
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30 जनवरी को प्रदेशभर में सांकेतिक धरना
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इसके बाद लगातार दो दिन प्रदर्शन
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बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान होना था, लेकिन उससे पहले ही सरकार ने 5 पटवारियों को बहाल कर दिया
रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों का जताया आभार
बहाली के बाद पटवारी संगठन की प्रदेश कमेटी ने रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों का आभार जताया और इसे संघर्ष की जीत बताया। संगठन ने कहा कि गुरुवार से सभी पटवारी अपने-अपने कार्य पर लौट जाएंगे।
क्या था पूरा मामला
करीब दो महीने पहले क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल नुकसान की एक ही फोटो बार-बार अपलोड किए जाने का मामला सामने आया था। किसानों को मुआवजा देने में देरी को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया, जिसके बाद दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए 6 पटवारियों को निलंबित किया गया था।
कौन-कौन से पटवारी हुए थे निलंबित
निलंबित पटवारियों में शामिल थे—
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कृष्ण पटवारी, जूई खुर्द (भिवानी)
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जतिन चावला, बोरीपुर (कुरुक्षेत्र)
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अनिल जांगड़ा, कालवन (जींद)
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सुनील, पटौदी (गुरुग्राम)
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अमित कुमार (दादरी)
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सतपाल (फतेहाबाद)
Akhil Mahajan