जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर हरियाणा में उबाल, पुलिस से भिड़े कांग्रेसी

जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में हरियाणा के कई जिलों में प्रदर्शन तेज हो गए। गुरुग्राम में कांग्रेसियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जबकि बजरंग पूनिया और सीएम सैनी के बयान चर्चा में रहे।

जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर हरियाणा में उबाल, पुलिस से भिड़े कांग्रेसी

जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में हरियाणा के कई जिलों में प्रदर्शन तेज

गुरुग्राम में कांग्रेसियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की, बैरिकेड तोड़कर डीसी कार्यालय पहुंचे कार्यकर्ता

बजरंग पूनिया ने छात्रों का समर्थन किया, सीएम नायब सैनी ने विपक्ष पर युवाओं को भड़काने का आरोप लगाया

गुरुग्राम में ज्ञापन देने आए कांग्रेसियों को पुलिस ने रोक लिया। इसे लेकर कांग्रेसियों की पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। कुरुक्षेत्र में प्रदर्शन करते स्टूडेंट्स। - Dainik Bhaskar

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में हरियाणा में राजनीतिक और छात्र संगठनों का प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, सिरसा, यमुनानगर, फतेहाबाद, रेवाड़ी, कैथल और करनाल समेत कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए। कांग्रेस, एनएसयूआई, जेजेपी, किसान संगठनों और विभिन्न छात्र संगठनों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग उठाई।

गुरुग्राम में सबसे अधिक तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। लघु सचिवालय में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने पहुंचे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मुख्य गेट पर रोक लिया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाकर और पार करते हुए डीसी कार्यालय तक पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।

गुरुग्राम में डीसी दफ्तर में जाने को लेकर पुलिस से होती कांग्रेसियों की धक्का-मुक्की।

इस बीच ओलंपियन पहलवान और कांग्रेस नेता बजरंग पूनिया भी दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आए। उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो सरकार भगवान राम के नाम पर सत्ता में आई, उसने राम के नाम पर भी लूट मचाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलनों को कमजोर करने के लिए पहले कमेटियां बनाती है और बाद में प्रदर्शनकारियों को अलग-थलग करने का प्रयास करती है।

बजरंग पूनिया ने कहा कि समाज को जाति और धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि एकजुट होकर अन्याय के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। उनका कहना था कि बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए संघर्ष जारी रहना चाहिए और किसान, छात्र, जवान तथा खिलाड़ी एक मंच पर आएं।

वहीं कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में छात्रों ने क्लास छोड़कर रोष मार्च निकाला। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के बाहर प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। रेवाड़ी में छात्रों ने महाराणा प्रताप चौक से जिला सचिवालय तक मार्च निकाला और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की।

सिरसा में जेजेपी ने ताऊ देवीलाल पार्क में दिन-रात का धरना शुरू कर दिया। जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला ने कहा कि परीक्षा प्रक्रियाओं को लेकर छात्रों में भारी असंतोष है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

यमुनानगर में किसान संगठनों ने रोष मार्च निकाला। किसान नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए छात्रों पर हुई कार्रवाई की निंदा की। कैथल में युवा संगठनों ने एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा, जबकि फतेहाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की।

इधर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हरियाणा में सीईटी और नीट परीक्षाएं शांतिपूर्ण तरीके से कराई गईं और सरकार ने परीक्षार्थियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने युवाओं को झूठ बोलकर भड़काने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं कोई गलत घटना हुई है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उधर हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शिनी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति, विशेषकर बेटियों के साथ किसी प्रकार की ज्यादती गलत है। यदि पुलिसकर्मियों द्वारा अभद्रता या मारपीट के आरोप सही पाए जाते हैं तो आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करेगा।

हरियाणा में जंतर-मंतर लाठीचार्ज को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दल, छात्र संगठन और किसान संगठन सरकार से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार विपक्ष पर माहौल बिगाड़ने और युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगा रही है।