हरियाणा में 221 फीट का रावण, रोहतक के आसमान में ड्रोन से होगा राम-रावण युद्ध
हरियाणा में दशहरे पर पंचकूला में 221 फीट का रावण जलेगा, रोहतक में 300 से ज्यादा ड्रोन राम-रावण युद्ध दिखाएंगे और पानीपत में 4 हजार से ज्यादा लोग हनुमान बनेंगे
➤ पंचकूला में 221 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन, निर्माण पर खर्च हुए करीब 34 लाख रुपये
➤ रोहतक में 300 से अधिक ड्रोन 200 फीट ऊंचाई पर दिखाएंगे राम-रावण युद्ध और रामायण के प्रसंग
➤ पानीपत में 4 हजार से ज्यादा लोग धारण करेंगे हनुमान स्वरूप, कुरुक्षेत्र में दो जगह मनेगा दशहरा
हरियाणा में 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर इस बार कई खास आयोजन होंगे। पंचकूला में देश का सबसे ऊंचा 221 फीट का रावण जलाया जाएगा, जबकि रोहतक में 300 से अधिक ड्रोन के जरिए करीब 200 फीट की ऊंचाई पर भगवान राम की गाथा, राम-रावण युद्ध और रामायण के अन्य प्रसंग दिखाए जाएंगे। पानीपत में 4 हजार से अधिक श्रद्धालु हनुमान स्वरूप धारण करेंगे। वहीं, रेवाड़ी, हिसार और कुरुक्षेत्र में भी दशहरे को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं।
पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में तैयार किए गए रावण के पुतले को बनाने में करीब साढ़े तीन महीने लगे हैं। इस पर लगभग 34 लाख रुपये खर्च हुए हैं। पुतले में 7 टन लोहा और करीब 5,000 मीटर कपड़े का इस्तेमाल किया गया है। दूसरी ओर, रोहतक के पुराना शुगर मिल एरिया में 12 मिनट का ड्रोन शो आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस आयोजन के लिए अयोध्या से विशेष टीम बुलाई गई है।
पंचकूला: 221 फीट ऊंचा रावण, बनाने में लगे 7 टन लोहा और 5,000 मीटर कपड़ा
पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में इस बार देश का सबसे ऊंचा 221 फीट का रावण तैयार किया गया है। इस विशाल पुतले को अंबाला के बराड़ा निवासी शिल्पकार तेजिंद्र सिंह चौहान और उनकी टीम ने बनाया है। इसे तैयार करने में करीब साढ़े तीन महीने का समय लगा और लगभग 34 लाख रुपये की लागत आई है।
पुतले के निर्माण में करीब 7 टन लोहा और 5,000 मीटर कपड़े का इस्तेमाल किया गया है। दशहरे पर 20 अक्टूबर को इसका दहन किया जाएगा। इसे रिमोट से जलाया जाएगा। तेजिंद्र सिंह चौहान और उनकी टीम उत्तराखंड व दिल्ली में भी करीब इसी ऊंचाई के रावण के पुतले बना चुकी है।
सबसे ऊंचा रावण बनाने की परंपरा सबसे पहले अंबाला के बराड़ा में शुरू हुई थी। धीरे-धीरे पुतले की ऊंचाई बढ़ती गई और इसके लिए मैदान छोटा पड़ने लगा। तेजिंद्र सिंह चौहान का कहना है कि समाज में बुराइयां बढ़ रही हैं, इसलिए वह रावण के पुतले का कद बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में उन्हें किसी की मदद नहीं मिलती थी। पुतले बनाने का खर्च उठाने के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक बेच दी थी। अब पंचकूला में तैयार किया गया 221 फीट का पुतला दशहरे के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।
रोहतक: 300 से अधिक ड्रोन 200 फीट ऊपर दिखाएंगे राम-रावण युद्ध
रोहतक के पुराना शुगर मिल एरिया में दशहरे के अवसर पर पहली बार हरियाणा में ड्रोन शो के जरिए आसमान में राम-रावण युद्ध दिखाया जाएगा। इसके लिए 300 से अधिक ड्रोन तैयार किए गए हैं। ये ड्रोन करीब 200 फीट की ऊंचाई पर भगवान राम की गाथा, राम-रावण युद्ध और रामायण के अन्य प्रसंगों को अलग-अलग आकृतियों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे।
करीब 12 मिनट के इस शो के लिए अयोध्या से विशेष टीम बुलाई गई है। इससे पहले इस तरह का शो अयोध्या में होता रहा है। अब रोहतक में दर्शकों को आसमान में रामायण के प्रसंग देखने का मौका मिलेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे। आयोजन स्थल पर 53 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन भी किया जाएगा। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां पिछले 15 दिनों से चल रही हैं।
रेवाड़ी: बेरली कलां में ग्रामीणों ने तैयार किया 160 फीट का रावण
रेवाड़ी के बेरली कलां गांव में सर छोटेलाल रामलीला क्लब की ओर से 160 फीट ऊंचा रावण तैयार किया गया है। इसे बनाने में कारीगर करीब एक महीने से जुटे हुए हैं। पुतले को तैयार करने में लगभग पौने दो लाख रुपये की लागत आई है।
रावण के पुतले का धड़ 70 फीट, पैर 25 फीट, मुंह 20 फीट, मुकुट 20 फीट और छत्र 25 फीट का है। पिछले 20 वर्षों से मुकेश इस पुतले का निर्माण कर रहे हैं।
गांव में रामलीला की परंपरा भी काफी पुरानी है। आजादी से पहले गठित क्लब की ओर से करीब 80 वर्षों से रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीण खुद पुतला तैयार करने में भाग लेते हैं, जिससे यह आयोजन गांव की परंपरा से जुड़ा हुआ है।
पानीपत: 4 हजार से ज्यादा लोग धारण करेंगे हनुमान स्वरूप
पानीपत में दशहरे पर हनुमान स्वरूप धारण करने की परंपरा करीब 79 साल पुरानी है। वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान ढाल्लू राम पाकिस्तान के लैय्या क्षेत्र से हनुमान स्वरूप लेकर पानीपत आए थे। उनके वंशज आज भी इस परंपरा को विरासत के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं।
इस बार 4 हजार से अधिक युवक और पुरुष हनुमान स्वरूप धारण करेंगे। इसके लिए श्रद्धालु धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। कई लोग 40 दिन तक पूजा-पाठ और सात्विक जीवन बिताने के बाद अष्टमी से नगर भ्रमण शुरू करते हैं।
हनुमान स्वरूप धारण करने वाले श्रद्धालु 40 दिन तक ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं। वे घर से अलग मंदिर में रहते हैं और जमीन पर सोते हैं। दशहरे पर रावण दहन के समय सभी हनुमान स्वरूप मैदान में पहुंचते हैं। विभाजन के समय शुरू हुई यह परंपरा करीब आठ दशक बाद भी जारी है।
हिसार: कहीं मुंह खोलते ही आग निकलेगी, तो कहीं घूमेगी रावण की गर्दन
हिसार शहर में इस बार तीन प्रमुख रामलीला समितियों सहित 7 जगहों पर रावण दहन किया जाएगा। पुराने गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में शाम 6 बजे रावण दहन होगा। कमेटी के प्रधान विनोद कुमार गुप्ता के अनुसार, इस बार यहां 55 फीट ऊंचा रावण, 50 फीट का कुंभकर्ण और 45 फीट का मेघनाद तैयार किया गया है।
रावण के पुतले को इस तरह बनाया गया है कि उसका मुंह खुलते ही आग निकलेगी। उसकी गर्दन भी घूमेगी और आंखों में एलईडी लाइटें चमकेंगी। इससे पुतले का रूप पहले से अधिक आकर्षक दिखाई देगा।
नई सब्जी मंडी में श्री नृसिंह प्रहलाद रामलीला सभा की ओर से शाम 6:30 बजे रावण दहन किया जाएगा। यहां पुतले की गर्दन घुमाने और आंखें मटकाने के लिए लोहे की बैरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। रावण के कानों में टॉप्स लगाए गए हैं, जबकि उसकी मूंछ और दाढ़ी की बनावट भी बदली गई है।
कुरुक्षेत्र: करीब 20 साल बाद दो जगह होंगे दशहरा उत्सव
कुरुक्षेत्र में दशहरा उत्सव को लेकर भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा और कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा आमने-सामने हैं। करीब 20 साल बाद शहर में थीम पार्क और ब्रह्मसरोवर के पास KDB मेला ग्राउंड में अलग-अलग दशहरा उत्सव मनाया जाएगा। दोनों स्थानों पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन होगा।
विधायक अशोक अरोड़ा के दशहरा उत्सव में अभिनेता राज बब्बर मुख्य अतिथि होंगे। वहीं, पूर्व मंत्री सुभाष सुधा की अध्यक्षता वाले थीम पार्क के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी सुमन सैनी शामिल होंगी।
वर्ष 2000 में दोनों कमेटियां एक हो गई थीं। पिछले दो वर्षों से स्थानीय विधायक को मुख्य अतिथि बनाने की परंपरा को लेकर मतभेद बढ़े हैं। अशोक अरोड़ा का आरोप है कि परंपरा बदलने की कोशिश की गई। दूसरी ओर, सुभाष सुधा का कहना है कि उन्होंने चार बैठकों में एक ही जगह दशहरा मनाने और अलग मंच बनाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी।
इस तरह हरियाणा में इस बार दशहरे पर विशाल रावण के पुतलों से लेकर ड्रोन शो, पारंपरिक हनुमान स्वरूप और अलग-अलग शहरों के विशेष आयोजनों तक कई आकर्षण देखने को मिलेंगे।
Akhil Mahajan