एक वोट से बची वाइस चेयरमैन की कुर्सी, अविश्वास प्रस्ताव गिरा; 14 में से 9 वोट खिलाफ पड़े
रोहतक जिला परिषद में वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। 14 में से 10 पार्षद बैठक में पहुंचे और एक वोट रद्द हुई।
➤ रोहतक जिला परिषद में वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा
➤ बैठक में 14 में से 10 पार्षद पहुंचे, वोटिंग में एक वोट रद्द हुआ
➤ चेयरपर्सन मंजू हुड्डा समेत 10 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए दिए थे शपथ पत्र
रोहतक। जिला परिषद के वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा की कुर्सी पर मंडरा रहा संकट फिलहाल टल गया है। उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सोमवार को हुई बैठक में प्रस्ताव गिर गया। डीसी सतबीर सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में जिला परिषद के 14 पार्षदों में से 10 पार्षद मौजूद रहे। वाइस चेयरमैन के खिलाफ वोटिंग कराई गई, जिसमें 9 वोट अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में पड़े, जबकि एक वोट रद्द हो गई। एक वोट रद्द होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव गिर गया और अनिल हुड्डा की वाइस चेयरमैन की कुर्सी बच गई।
वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जिला परिषद की चेयरपर्सन मंजू हुड्डा सहित 10 पार्षदों ने डीसी को शपथ पत्र दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए बैठक की तारीख निर्धारित की गई थी।
14 पार्षदों में से 10 बैठक में पहुंचे
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बुलाई गई बैठक में जिला परिषद के कुल 14 पार्षदों में से 10 पार्षद मौजूद रहे। बैठक में डीसी सतबीर सिंह की मौजूदगी में वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराई गई।
वोटिंग के दौरान 9 वोट अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ नहीं बल्कि प्रस्ताव के समर्थन में पड़े, जबकि एक वोट रद्द हो गई। एक वोट के रद्द होने के बाद अविश्वास प्रस्ताव जरूरी समर्थन हासिल नहीं कर सका और इसे गिरा हुआ घोषित किया गया।
पहले 14 अक्टूबर को तय हुई थी बैठक
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जिला प्रशासन की ओर से पहले 14 अक्टूबर को बैठक की तारीख निर्धारित की गई थी। हालांकि, डीसी की अनुपस्थिति के कारण उस दिन बैठक नहीं हो सकी। इसके बाद बैठक को 19 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया था।
सोमवार को निर्धारित तारीख पर डीसी सतबीर सिंह की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग की प्रक्रिया पूरी की गई और परिणाम सामने आने के बाद प्रस्ताव गिर गया।
शपथ पत्र देने के बाद शुरू हुई थी प्रक्रिया
वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया उस समय शुरू हुई थी, जब चेयरपर्सन मंजू हुड्डा समेत 10 पार्षदों ने डीसी को शपथ पत्र देकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से बैठक बुलाने की तारीख तय की गई।
अब बैठक में प्रस्ताव गिरने के बाद अनिल हुड्डा की वाइस चेयरमैन की कुर्सी फिलहाल बरकरार है। पूरे घटनाक्रम में एक वोट के रद्द होने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसी के चलते अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।
Akhil Mahajan