हरियाणा में सहायक सचिव और मंडी सुपरवाइजर निलंबित, गेट पास रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ी
हरियाणा की कनीना मंडी में गेट पास रिकॉर्ड की जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर HSAMB ने सहायक सचिव और मंडी सुपरवाइजर को निलंबित किया।
➤ कनीना मंडी में गेट पास रिकॉर्ड की जांच के बाद दो अधिकारियों पर कार्रवाई
➤ सहायक सचिव अजीत कुमार यादव और मंडी सुपरवाइजर कुलदीप सिंह निलंबित
➤ बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक, निलंबन अवधि में मिलेगा निर्वाह भत्ता
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की कनीना मार्केट कमेटी में गेट पास रिकॉर्ड की जांच के दौरान सामने आई अनियमितताओं पर हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने सख्त कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट में गेट पास जारी करने और रिकॉर्ड के रखरखाव में गड़बड़ियां पाए जाने के बाद सहायक सचिव अजीत कुमार यादव और मंडी सुपरवाइजर कुलदीप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई HSAMB के मुख्य प्रशासक धर्मेंद्र सिंह ने की है। दोनों अधिकारियों को निलंबन अवधि के दौरान सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अपना मुख्यालय छोड़ने की भी अनुमति नहीं होगी।
गेट पास रिकॉर्ड की जांच में सामने आईं अनियमितताएं
कनीना मार्केट कमेटी में गेट पास जारी करने और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच के लिए विभागीय टीम ने रिकॉर्ड खंगाला था। जांच के दौरान गेट पास जारी करने और रिकॉर्ड संभालने में गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। रिपोर्ट में इन अनियमितताओं के लिए दोनों अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद HSAMB ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। विभाग की इस कार्रवाई को मंडी रिकॉर्ड में पारदर्शिता और गेट पास व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कनीना मंडी में पहले भी सामने आ चुकी हैं गड़बड़ियां
कनीना अनाज मंडी में गेट पास और बाजरा खरीद से जुड़ी अनियमितताओं का यह पहला मामला नहीं है। साल 2025 में भी मार्केट कमेटी के सचिव मनोज पाराशर को निलंबित किया गया था। उस समय बाजरा खरीद में गड़बड़ी और पैसे लेकर गेट पास जारी करने के आरोपों की जांच हुई थी।
सरकार को कनीना अनाज मंडी में बाजरा खरीद को लेकर गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद विभाग ने जांच टीम गठित की थी। जांच के दौरान ई-खरीद पोर्टल और मार्केट कमेटी के एच रजिस्टर के आंकड़ों में अंतर पाया गया था।
जांच में आरोप सामने आया था कि कुछ मंडी अधिकारियों ने व्यापारियों से मिलीभगत कर गेट पास और जे-फॉर्म जारी करने के नाम पर प्रति क्विंटल 100 रुपये की अवैध वसूली की। इसके जरिए बिना बाजरा बेचे किसानों के खातों में भावांतर भरपाई की राशि पहुंचाने की बात सामने आई थी।
2020 में भी मंडी सचिव पर हुई थी कार्रवाई
कनीना मंडी में गेट पास से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर 2020 में भी मंडी सचिव आदित्य यादव को निलंबित किया गया था। बाजरा खरीद के सीजन में मंडी से जुड़े अधिकारियों पर समय-समय पर अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं।
इसी वजह से विभाग की मुख्यालय टीम भी समय-समय पर कनीना मंडी पहुंचकर रिकॉर्ड और खरीद प्रक्रिया की जांच करती रही है। मौजूदा कार्रवाई के बाद एक बार फिर मंडी व्यवस्था और गेट पास रिकॉर्ड की निगरानी को लेकर विभाग की सख्ती सामने आई है।
मुख्यालय छोड़ने पर भी लगाई रोक
निलंबन आदेश में दोनों अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें हरियाणा सिविल सेवा नियमों के तहत नियमानुसार निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा।
विभागीय कार्रवाई के बाद अब गेट पास रिकॉर्ड से जुड़ी अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मामले में सामने आए रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
Akhil Mahajan