हरियाणा में पूर्व पार्षद का शव चिता से उठाया, परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी में कि पत्नी ने ......

जींद में पूर्व पार्षद श्यामलाल के अंतिम संस्कार से पहले सुसाइड नोट मिला। नोट में कारोबारी लेनदेन का जिक्र है। पुलिस ने जांच शुरू की।

हरियाणा में पूर्व पार्षद का शव चिता से उठाया, परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी में कि पत्नी ने ......

➤ चिता पर रखा था शव, तभी घर से सुसाइड नोट मिलने की सूचना आई
➤ नोट में प्रॉपर्टी और शेयर कारोबार से जुड़े बड़े लेनदेन का जिक्र
➤ पुलिस ने नोट कब्जे में लिया, मौत के कारणों की जांच जारी


जींद में पूर्व पार्षद श्यामलाल की मौत का मामला अंतिम संस्कार से ठीक पहले नया मोड़ ले गया। रविवार देर शाम परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए शव को श्मशानघाट ले गया था और शव चिता पर रख दिया गया था। इसी दौरान घर से महिलाओं ने फोन कर बताया कि श्यामलाल के कपड़ों में एक सुसाइड नोट मिला है। सूचना मिलते ही परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया और शव को चिता से उठाकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने नोट को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। नोट में शेयर मार्केट ट्रेडर और प्रॉपर्टी डीलर विकास बंसल के साथ करोड़ों रुपये के लेनदेन का जिक्र बताया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूर्व पार्षद की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

घर में बेसुध मिले थे श्यामलाल

परिजनों के अनुसार, रविवार दोपहर पूर्व पार्षद श्यामलाल जींद के हाउसिंग बोर्ड स्थित अपने घर में बेसुध मिले थे। परिवार उन्हें जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए। परिवार के मुताबिक, श्यामलाल बीमार रहते थे और शुरुआत में उनकी मौत को बीमारी से जोड़कर देखा गया।

चिता पर रखा शव, तभी सामने आया सुसाइड नोट

देर शाम परिवार शव को सिविल लाइन थाने के पास स्थित श्मशानघाट ले गया। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी और शव चिता पर रखा जा चुका था। इसी दौरान घर से महिलाओं ने फोन करके कपड़ों में सुसाइड नोट मिलने की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने अंतिम संस्कार रोक दिया और शव को चिता से उठाकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई।

परिवार ने गिरफ्तारी की मांग की

रविवार सुबह परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया। परिवार अपनी मांग पर अड़ा रहा। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने परिवार के परिचित पुलिस अधिकारियों को मौके पर बुलाया। करीब दो घंटे की बातचीत के बाद परिजन शव लेने के लिए सहमत हुए। इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिवार को सौंप दिया गया।

बेटे की शिकायत में 35 लाख रुपये लगाने का जिक्र

श्यामलाल के बेटे कमल ने सिविल लाइन थाना पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत के अनुसार, उसके पिता और विकास बंसल मिलकर प्रॉपर्टी और शेयर मार्केट का कारोबार करते थे। वर्ष 2022 में श्यामलाल ने दुकान बेचकर 35 लाख रुपये लगाए और कारोबार में हिस्सेदार बने। इसके बाद दोनों ने सुभाष नगर में एक करोड़ रुपये का प्लॉट खरीदा। शिकायत के मुताबिक, श्यामलाल ने प्लॉट में अपना आधा हिस्सा 74 लाख रुपये में विकास बंसल को बेच दिया था।

50.87 लाख रुपये की डिटेल भेजने का दावा

कमल के अनुसार, 8 दिसंबर को विकास बंसल ने उसके पिता को फोन पर 50 लाख 87 हजार रुपये की डिटेल भेजी थी। पैसे मांगने पर वह लगातार बात टालता रहा। शिकायत के अनुसार, 5 अक्टूबर को कमल के जोर देने पर विकास ने कहा कि रजिस्टर घर पर है और अगले दिन हिसाब कर देगा।

ऑफिस में हाथापाई का भी आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 6 अक्टूबर को श्यामलाल हिसाब करने के लिए विकास बंसल के ऑफिस पहुंचे थे। वहां उनके साथ हाथापाई और गाली-गलौज की गई तथा धक्के देकर ऑफिस से बाहर निकालने का आरोप लगाया गया है। कमल ने शिकायत में अपने पिता का विकास बंसल पर एक करोड़ रुपये से अधिक बकाया होने का दावा किया है। उसने कहा कि पैसे नहीं मिलने के कारण उसके पिता परेशान थे और इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या की।

इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी। पुलिस ने सुसाइड नोट, बेटे की शिकायत और कारोबारी लेनदेन से जुड़े तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया है।

दो बार पार्षद रहे थे श्यामलाल

श्यामलाल हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र से दो बार पार्षद चुने गए थे। पिछले कार्यकाल में वार्ड महिला के लिए आरक्षित होने पर उनके छोटे भाई की पत्नी पार्षद बनी थीं। इस तरह लगातार तीन बार उनके परिवार ने वार्ड का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, पिछले चुनाव में परिवार से किसी ने चुनाव नहीं लड़ा था।

पार्षद रहने के दौरान ही श्यामलाल ने शेयर मार्केट और प्रॉपर्टी का कारोबार शुरू किया था। अब उनकी मौत के बाद सामने आए सुसाइड नोट और कारोबारी लेनदेन ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।

सुसाइड नोट और कारोबारी लेनदेन की जांच

पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में ले लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस नोट में लगाए गए आरोपों, कारोबारी लेनदेन और बेटे की शिकायत के आधार पर जांच कर रही है। विकास बंसल पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि श्यामलाल की मौत किन परिस्थितियों में हुई और सुसाइड नोट में दर्ज बातों का घटना से क्या संबंध है।