आर्मी अफसर की पत्नी पर जासूसी का केस , चीनी नागरिक से संपर्क और AI टूल से रक्षा विषयों पर

अफसर की पत्नी पर जासूसी के आरोप में FIR दर्ज हुई। चीनी नागरिक से संपर्क, AI टूल से रक्षा विषयों पर नोट्स और संवेदनशील दस्तावेजों की जांच जारी है।

आर्मी अफसर की पत्नी पर जासूसी का केस , चीनी नागरिक से संपर्क और AI टूल से रक्षा विषयों पर

➤ आर्मी अफसर की पत्नी के खिलाफ जासूसी के आरोप में FIR दर्ज, अभी गिरफ्तारी नहीं
➤ चीन से जुड़े संपर्कों के साथ बातचीत और संवेदनशील रक्षा विषयों पर रिसर्च की जांच
➤ मोबाइल से रक्षा बैठकों, परियोजनाओं और भारत-चीन संबंधों से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा


जम्मू। जम्मू में एक आर्मी अफसर की पत्नी के खिलाफ जासूसी के आरोप में FIR दर्ज होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की जांच तेज हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, महिला पर आरोप है कि उसने ChatGPT और Claude जैसे AI टूल्स की मदद से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील विषयों पर नोट्स तैयार किए थे और ये सामग्री कथित तौर पर चीनी खुफिया एजेंसियों से जुड़े लोगों के लिए तैयार की गई थी। महिला तेलंगाना की रहने वाली है और काफी पढ़ी-लिखी बताई गई है। वह 2023 में संयुक्त राष्ट्र यानी UN में IT इंटर्नशिप कर चुकी है और फिलहाल फ्रीलांस रिसर्चर के तौर पर काम कर रही थी। जांच एजेंसियां अब उसके विदेशी संपर्कों, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि वास्तव में कौन-सी जानकारी साझा की गई और उसका उद्देश्य क्या था।

अधिकारियों के अनुसार, महिला को सुरक्षा, रक्षा और भू-राजनीति से जुड़े विषयों पर रिसर्च पेपर तैयार करने का काम दिया गया था। इनमें LoC की स्थिति, अरुणाचल प्रदेश में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और ड्रोन की तैनाती जैसे विषय शामिल बताए गए हैं। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि इन विषयों पर तैयार की गई सामग्री केवल सामान्य रिसर्च तक सीमित थी या इसे किसी विदेशी संपर्क के साथ संवेदनशील जानकारी साझा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।

14 अक्टूबर को रेलवे स्टेशन से रोका गया

अधिकारियों के मुताबिक, 14 अक्टूबर को खुफिया एजेंसी और पुलिस की संयुक्त टीम ने महिला को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर रोका। वह पठानकोट जाने वाली ट्रेन में सवार होने वाली थी। इसके बाद पूछताछ के लिए उसे पास के सैन्य स्टेशन ले जाया गया।

महिला का मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है। जांच एजेंसियां मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइस से मिले डेटा की पड़ताल कर रही हैं।

2023 में मेजर रैंक के अधिकारी से हुई शादी

अधिकारियों के अनुसार, महिला ने 2023 में मेजर रैंक के आर्मी अधिकारी से शादी की थी। इससे पहले उसने 2022 में जिनेवा से यूरोपियन एंड इंटरनेशनल गवर्नेंस में मास्टर डिग्री हासिल की थी। इससे पहले 2021 में उसने बेंगलुरु से इंटरनेशनल रिलेशंस में मास्टर डिग्री ली थी।

अधिकारियों के मुताबिक, 2023 में UN इंटर्नशिप के दौरान उसकी कई विदेशी नागरिकों से बातचीत हुई थी। इनमें एक चीनी नागरिक भी शामिल था, जिससे वह वॉट्सऐप के जरिए संपर्क में थी।

जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि 2024 में सोशल मीडिया के जरिए उसकी एक मलेशियाई नागरिक से बातचीत थी। अधिकारियों का आरोप है कि यह व्यक्ति चीनी खुफिया एजेंसियों के लिए काम कर रहा था। हालांकि, इन संपर्कों की वास्तविक प्रकृति और इनके जरिए किसी संवेदनशील जानकारी के आदान-प्रदान की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फोन से कई संवेदनशील विषयों से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा

अधिकारियों के मुताबिक, महिला के फोन की शुरुआती जांच में भारत-इटली रक्षा बैठक, सेना प्रमुख की अमेरिका यात्रा और भारत-रूस रक्षा समझौते से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश की कलई-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक और कमला परियोजनाओं, कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन, भारत-सेशेल्स संबंध, असम की परियोजनाओं और भारत-चीन संबंधों से जुड़े दस्तावेज भी मिलने का दावा किया गया है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये दस्तावेज किस उद्देश्य से तैयार किए गए थे और इन्हें महिला ने किन लोगों के साथ साझा किया। जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि क्या फ्रीलांस रिसर्च के नाम पर विदेशी संपर्कों के साथ संवेदनशील जानकारी व्यवस्थित तरीके से साझा की गई थी।

डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेनदेन की फोरेंसिक जांच

महिला के डिजिटल उपकरणों की विस्तृत फोरेंसिक जांच की जा रही है। एजेंसियां मोबाइल में मौजूद चैट, दस्तावेज, संपर्क और अन्य डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही उसके वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि महिला ने वास्तव में कौन-सी जानकारी साझा की, किसके साथ साझा की और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और उपलब्ध डिजिटल तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सुरक्षा एजेंसियां विदेशी संपर्कों के जरिए संवेदनशील रक्षा और रणनीतिक सूचनाओं के संभावित आदान-प्रदान की गंभीरता से जांच करती हैं। हालांकि, महिला के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।