कनाडा में कार पर ‘बिश्नोई’ लिखवाने पर हरियाणवी युवक पर हमला,लॉरेंस गैंग से जुड़ा होने का लगाया आरोप; महासभा ने उच्चायोग से मांगी कार्रवाई
कनाडा के वैंकूवर में हरियाणवी युवक अंकुश बिश्नोई पर हमले का आरोप है। कार की BIS9E नंबर प्लेट को लेकर विवाद के बाद महासभा ने उच्चायोग से कार्रवाई मांगी।
कनाडा में कार की नंबर प्लेट पर ‘BIS9E’ लिखवाने पर हरियाणवी युवक अंकुश बिश्नोई से मारपीट का आरोप
➤ हमलावरों ने लॉरेंस गैंग से जुड़ा होने का आरोप लगाकर चेहरे पर किया वार, कार की नंबर प्लेट भी मोड़ी
➤ अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने कनाडाई उच्चायोग को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच और समुदाय की सुरक्षा की मांग की
हिसार। कनाडा के वैंकूवर में रहने वाले हरियाणा मूल के अंकुश बिश्नोई के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि कार की पर्सनलाइज्ड नंबर प्लेट पर ‘BIS9E’ लिखे होने के कारण कुछ लोगों ने उन्हें निशाना बनाया। अंकुश कनाडा में उबर ड्राइवर के रूप में काम करते हैं। उनके मुताबिक, हमलावरों ने उन पर लॉरेंस गैंग का सदस्य होने का आरोप लगाया, गाली-गलौज की और चेहरे पर वार कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी कार की नंबर प्लेट भी मोड़ दी।
घटना के बाद कनाडा में रहने वाले बिश्नोई समुदाय की सुरक्षा और पहचान को लेकर चिंता सामने आई है। अंकुश का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2023 में अपनी कार के लिए ‘BIS9E’ नंबर प्लेट ली थी। उस समय लॉरेंस बिश्नोई का नाम कनाडा में इस तरह चर्चा में नहीं था। अब आपराधिक गिरोह से जुड़े मामलों के कारण बिश्नोई उपनाम वाले लोगों को भी संदेह की नजर से देखे जाने की बात सामने आ रही है।
इस मामले को लेकर अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने भारत में कनाडाई उच्चायोग को पत्र लिखा है। महासभा के प्रधान देवेंद्र बूढ़िया ने घटना की निष्पक्ष जांच, इसे संभावित नफरत से प्रेरित अपराध के रूप में देखने और कनाडा में रह रहे बिश्नोई समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
वैंकूवर में गाड़ी रोककर लॉरेंस गैंग से जुड़ा होने का आरोप लगाने की बात
अंकुश बिश्नोई के मुताबिक, वह कनाडा के वैंकूवर में गाड़ी चला रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें रोककर कार किनारे लगाने को कहा। इसके बाद आरोपियों ने उन पर लॉरेंस गैंग का सदस्य होने का आरोप लगाया और गाली-गलौज शुरू कर दी।
अंकुश ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि उनका किसी भी आपराधिक गिरोह से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की। अंकुश के अनुसार, उनके चेहरे पर मुक्का मारा गया, जिससे वह लहूलुहान हो गए। घटना के दौरान एक अन्य व्यक्ति वीडियो भी बना रहा था।
अंकुश का कहना है कि उनकी कार की नंबर प्लेट को भी मोड़ दिया गया। इस घटना ने उनके लिए परेशानी खड़ी कर दी है। उनका कहना है कि केवल उपनाम के आधार पर किसी व्यक्ति को आपराधिक गिरोह से जोड़कर देखना उचित नहीं है।
2023 में लगवाई थी ‘BIS9E’ नंबर प्लेट, अब बदलने का विकल्प
अंकुश बिश्नोई ने वर्ष 2023 में अपनी कार के लिए पर्सनलाइज्ड नंबर प्लेट ली थी। इस प्लेट पर अंग्रेजी अक्षरों और अंकों के मिश्रण में ‘BIS9E’ लिखा है, जिसे बिश्नोई के रूप में पढ़ा जा सकता है।
अंकुश के मुताबिक, उन्होंने यह नंबर प्लेट उस समय लगवाई थी, जब लॉरेंस बिश्नोई का नाम कनाडा में इस तरह चर्चा में नहीं था। अब लॉरेंस गैंग से जुड़े मामलों के कारण बिश्नोई समुदाय के लोगों को भी उससे जोड़कर देखे जाने की आशंका पैदा हो गई है।
मामले में ब्रिटिश कोलंबिया बीमा निगम (ICBC) के एक अधिकारी ने भी अंकुश से संपर्क किया। जानकारी के अनुसार, ICBC ने स्वीकार किया कि अंकुश का किसी गैंग से संबंध नहीं है। हालांकि, बिश्नोई समुदाय को लेकर बने हालिया माहौल को देखते हुए उन्हें अपनी पर्सनलाइज्ड नंबर प्लेट का स्लोगन बदलने का विकल्प दिया गया।
अंकुश के सामने अब नंबर प्लेट बदलने का विकल्प है, जबकि वह इस बात पर जोर दे रहे हैं कि किसी आपराधिक गिरोह से संबंध न होने के बावजूद उन्हें अपने उपनाम के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिश्नोई महासभा ने कनाडाई उच्चायोग को लिखा पत्र
अंकुश के साथ हुई घटना के बाद अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। महासभा के प्रधान देवेंद्र बूढ़िया ने भारत में कनाडाई उच्चायोग को पत्र लिखकर घटना की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि अंकुश बिश्नोई पर हुए हमले की गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि यदि हमला समुदाय की पहचान या उपनाम के कारण किया गया है, तो मामले को नफरत से प्रेरित अपराध के रूप में देखा जाए।
महासभा ने कहा है कि किसी आपराधिक गिरोह के कथित सदस्यों और कानून का पालन करने वाले आम नागरिकों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाना चाहिए। किसी व्यक्ति का उपनाम अपने आप में उसके किसी आपराधिक संगठन से जुड़े होने का प्रमाण नहीं हो सकता।
गिरोह और समुदाय को अलग-अलग पहचान देने की मांग
महासभा ने अपने पत्र में कनाडाई अधिकारियों से सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आपराधिक गिरोह और बिश्नोई समुदाय दो अलग-अलग चीजें हैं। पत्र के अनुसार, किसी गिरोह के कथित सदस्यों की गतिविधियों के लिए पूरे समुदाय को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
महासभा ने यह भी मांग की है कि मीडिया और जांच एजेंसियां आपराधिक गिरोहों का उल्लेख किसी पूरे समुदाय या उपनाम के आधार पर करने के बजाय उनके कथित नेताओं के नाम से करें। इससे निर्दोष लोगों को गलत पहचान के कारण निशाना बनाए जाने से बचाया जा सकता है।
पत्र में कहा गया है कि किसी समुदाय के नाम को आपराधिक गतिविधियों से जोड़कर देखने से विदेशों में रहने वाले निर्दोष लोगों को सामाजिक और व्यक्तिगत स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कनाडा में बिश्नोई समुदाय के लिए संपर्क अधिकारी नियुक्त करने की मांग
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने कनाडा में रहने वाले बिश्नोई समुदाय के लोगों की समस्याओं और सुरक्षा संबंधी शिकायतों के लिए एक संपर्क अधिकारी नियुक्त करने की मांग भी की है। महासभा का कहना है कि ऐसा अधिकारी उपलब्ध होने से समुदाय के लोग किसी घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे।
देवेंद्र बूढ़िया ने कहा कि महासभा हर तरह के अपराध, जबरन वसूली और हिंसा के सख्त खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल इतनी है कि निर्दोष लोगों को किसी दूसरे व्यक्ति के अपराधों की सजा उनके सरनेम के कारण न भुगतनी पड़े।
महासभा ने निष्पक्ष जांच, समुदाय की सुरक्षा और आपराधिक गिरोहों तथा आम नागरिकों के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखने पर जोर दिया है।
लॉरेंस गैंग से जुड़े मामलों के बीच बढ़ी चिंता
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में लॉरेंस गैंग का नाम सामने आने के बाद इस तरह की घटनाओं को लेकर चर्चा बढ़ी है। इसी पृष्ठभूमि में कनाडा में अंकुश बिश्नोई के साथ हुई कथित मारपीट का मामला सामने आया है।
अंकुश का आरोप है कि उनकी कार की नंबर प्लेट पर बिश्नोई नाम लिखे होने के कारण उन्हें लॉरेंस गैंग से जोड़कर देखा गया। उनका कहना है कि उनका किसी आपराधिक गिरोह से संबंध नहीं है।
इस मामले में महासभा ने कनाडाई उच्चायोग से कार्रवाई की मांग की है। अब मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई से ही घटना से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Akhil Mahajan